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दहशत में छात्राएं नहीं गई कॉलेज

Thu, 14 Dec 2017 11:27 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Thu, 14 Dec 2017 11:27 PM IST
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girl student did not go to school in terror
गांव गढ़ीश्याम में बंद पड़ा कन्या माध्यमिक स्कूल। - फोटो : अमर उजाला
शामली के कांधला के गांव श्यामगढ़ी निवासी छात्रा सोनी की हत्या के बाद बृहस्पतिवार को भी उसके साथ पढ़ने वाली छात्राएं और मौके पर मौजूद रही अध्यापिका दहशत से घिरी रहीं। उन छात्राओं को अभिभावकों ने कॉलेज भी नहीं भेजा। अभिभावकों का कहना है कि सुरक्षा के भरोसे के साथ ही छात्राओं को कॉलेज भेजा जाएगा। कई अभिभावकों ने कहा कि सुरक्षा नहीं मिली तो अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
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बुधवार को गांव श्यामगढ़ी निवासी छात्रा सोनी की धारदार हथियार (बलकटी) से काटकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपी अमरपाल उर्फ पाल्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन घटना की चश्मदीद छात्राएं और अध्यापिका दहशत से उबर नहीं पाई हैं। छात्रा रेनू , सोनी, पूजा आदि ने बताया कि जब अमरपाल ने सोनी पर हमला किया, तो अध्यापिका कोमल बचाव में आ गई थीं, जिस कारण उन्हें भी घायल कर दिया गया। अध्यापिका कोमल की मां ने बताया कि उसकी बेटी दो वर्षो से गंगेरू के सरदार भाई बल्लभ पटेल स्कूल में पढ़ा रही है। गांव गढ़ी श्याम से अधिकतर छात्राएं कोमल के साथ ही कॉलेज जाती हैं। बुधवार को हुई वारदात के बाद से कोमल बेहद डरी हुई हैं और खाना तक नहीं खाया। रो रोकर वह कह रही है कि अमरपाल उसे भी मार डालेगा। वहीं, 11 वी कक्षा की छात्रा प्रिया के पिता राजकुमार ने कहा कि सरेराह ऐसी वारदात होंगी, तो हमारे बच्चे कैसे सुरक्षित रहेंगे।
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इस तरह से तो गांव के बच्चे बाहर पढ़ने भेजने से डर लगने लगा है। 12 वीं कक्षा की छात्रा भावना के पिता नरेश बोले कि गांव से कॉलेज की दूरी करीब एक किलोमीटर है। जिस कारण छात्राएं पैदल ही आती जाती हैं, कभी आने में देर भी हो जाती है। ऐसे रास्ते पर उनकी सुरक्षा कैसे हो इस हादसे के बाद उनमे दहशत है। अभिभावक बिजेंद्र ने कहा कि ऐसे माहौल में हमें मजबूरन अपनी बेटियों की पढ़ाई छुड़वाने को मजबूर होना पड़ सकता है। उन्हें बाहर भेजने से हमारे अंदर तो डर है ही हमारी बेटियां भी सदमे में हैं। वहीं, ईसम , विजय सिंह, महिपाल ने कहा कि इस रास्ते पर पुलिस बल तैनात होना चाहिए। अगर पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई तो अपनी बेटियों को कॉलेज में नहीं भेजेंगे।
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 कॉलेज के बाहर पुलिस बल तैनात 
कांधला। सुरक्षा के चलते पुलिस ने गंगेरू स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया है। वहीं, कॉलेज समय के दौरान पुलिस बल कांधला कस्बे में भी गश्त करती नजर आई। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य कविता देवी े बताया कि बेटियों को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत अपने परिजन व पुलिस को जानकारी देनी चाहिए। किसी भी छोटी बात को छिपाना नहीं चाहिए। राजकीय महिला महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य सतेंद्र सिंह ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए शासन प्रशासन गंभीर है। कॉलेजों में उन्हें जागरूक किया जा रहा है। पुलिस भी इस ओर अधिक ध्यान दे ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। आर्य वैदिक इंटर कालेज की प्रधानाचार्या मिथलेश ने कहा कि छात्राओं और अभिभावकों को हौसले से काम लेना होगा। अभिभावक भी अपने बच्चों पर पूरा ध्यान दें। छात्राएं कोई बात होने पर कॉलेज प्रशासन, पुलिस व अभिभावकों को तुरंत अवगत कराएं, ताकि उसका समय रहते समाधान किया जा सके। जिन रास्तो से छात्राएं पैदल आती जाती हैं, वहां स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय पुलिस तैनात रहनी चाहिए।


कॉलेज में कर दी गई छुट्टी
कांधला। गंगेरू स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज का स्टाफ भी बृहस्पतिवार को छात्रा सोनी के घर पहुंचा। इस दौरान छात्रा सोनी की मां उनसे लिपटकर रो पड़ी और चिल्ला रही थी कि जालिम ने आपकी बेटी के टुकड़े कर दिए। अब उसे मैं कहां से लाउं जो पढ़ने के लिए तुम्हारे स्कूल भेज सकूं। आसपास गांव की रहने वाली उसकी सहपाठी छात्राएं भी घर पहुंचने पर सोनी का शव देख कर रोती रहीं। वहीं, छात्रा की बहन पूनम भी बृहस्पतिवार सुबह गढ़ीश्याम पहुंची और अपनी बहन का शव देखकर बिलख बिलखकर रोते हुए बेहोश तक हो गई। इसके बाद परिवार के लोग उसे घर ले गए।
 
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