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सटीक सूचना, फिर भी हाथ न आया साबिर
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 May 2017 12:19 AM IST
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कैराना। कुख्यात बदमाश मुकीम काला गिरोह के शूटर साबिर जंधेड़ी की धरपकड़ के लिए मंगलवार रात भर पुलिस ने जंधेड़ी गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया। सूचना सटीक थी कि साबिर अपने भाई वासिद की मौत की सूचना पर गांव आने वाला है, लेकिन तमाम प्रयास के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई। इसके बाद तड़के तीन बजे पुलिस गांव से लौट आई।
कैराना क्षेत्र के गांव जंधेड़ी निवासी साबिर एक सप्ताह पूर्व ही सिद्धार्थनगर जेल से पेशी पर ले जाने के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। वह कुख्यात बदमाश मुकीम काला का शार्प शूटर है, उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ भी लगी हुई है। वहीं, पांच दिन पूर्व साबिर का भाई वासिद उर्फ देब्बी मेरठ के कंकरखेडा क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल हो गया था।
वासिद के खिलाफ भी जानलेवा हमले सहित कई मामले दर्ज हैं। मंगलवार को दिल्ली के अस्पताल में वासिद की मौत हो गई थी, जिसके बाद शाम को उसका शव जंधेड़ी लाया गया।
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पुलिस को सूचना मिल रही थी कि वासिद का शव कब्रिस्तान में दफनाए जाने के दौरान साबिर भी अपने गांव जंधेड़ी पहुंच सकता है। इसके चलते पुलिस ने जंधेड़ी गांव में डेरा डाल दिया था। रात 9 बजे वासिद का शव सपुर्द ए खाक किया गया। इसके बाद जिले के कई थानों की पुलिस ने साबिर की गिरफ्तारी के लिए जंधेड़ी की घेराबंदी कर ली।
पुलिस ने गांव के पास स्थित खेतों और ट्यूबवेलों पर सर्च अभियान चलाया। साथ ही गांव में साबिर को पनाह देने के संदिग्ध लोगों के मकानों में भी तलाशी ली गई। बुधवार तड़के तीन बजे तक पुलिस का अभियान चलता रहा, लेकिन साबिर हाथ नहीं लगा। इसके बाद पुलिस टीम लौट आईं। कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि वासिद की मौत पर साबिर के गांव में आने की सूचना थी। जिस पर गांव में तलाशी अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि साबिर को पनाह देने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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कैराना क्षेत्र के गांव जंधेड़ी निवासी साबिर एक सप्ताह पूर्व ही सिद्धार्थनगर जेल से पेशी पर ले जाने के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। वह कुख्यात बदमाश मुकीम काला का शार्प शूटर है, उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ भी लगी हुई है। वहीं, पांच दिन पूर्व साबिर का भाई वासिद उर्फ देब्बी मेरठ के कंकरखेडा क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल हो गया था।
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वासिद के खिलाफ भी जानलेवा हमले सहित कई मामले दर्ज हैं। मंगलवार को दिल्ली के अस्पताल में वासिद की मौत हो गई थी, जिसके बाद शाम को उसका शव जंधेड़ी लाया गया।
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पुलिस को सूचना मिल रही थी कि वासिद का शव कब्रिस्तान में दफनाए जाने के दौरान साबिर भी अपने गांव जंधेड़ी पहुंच सकता है। इसके चलते पुलिस ने जंधेड़ी गांव में डेरा डाल दिया था। रात 9 बजे वासिद का शव सपुर्द ए खाक किया गया। इसके बाद जिले के कई थानों की पुलिस ने साबिर की गिरफ्तारी के लिए जंधेड़ी की घेराबंदी कर ली।
पुलिस ने गांव के पास स्थित खेतों और ट्यूबवेलों पर सर्च अभियान चलाया। साथ ही गांव में साबिर को पनाह देने के संदिग्ध लोगों के मकानों में भी तलाशी ली गई। बुधवार तड़के तीन बजे तक पुलिस का अभियान चलता रहा, लेकिन साबिर हाथ नहीं लगा। इसके बाद पुलिस टीम लौट आईं। कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि वासिद की मौत पर साबिर के गांव में आने की सूचना थी। जिस पर गांव में तलाशी अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि साबिर को पनाह देने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।