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कब्रिस्तान की जमीन को लेकर गरमा रहा विवाद

Sat, 30 Jun 2018 12:13 AM IST
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:13 AM IST
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कब्रिस्तान की जमीन को लेकर गरमा रहा विवाद
कब्रिस्तान की जमीन के विवाद में तनातनी
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बाबरी। गांव बाबरी में बुटराड़ा बस स्टैंड के पास कब्रिस्तान और उसके आसपास की जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद गरमा रहा है। बृहस्पतिवार को एक पक्ष ने वहां खड़े पेड़ काटे, तो दूसरे पक्ष ने मौके पर पहुंचकर विरोध किया। वहीं, शुक्रवार को भी दोनों पक्षों के लोगों में तनातनी हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर मामला शांत किया।

करीब 14 वर्ष पूर्व कब्रिस्तान के पास की जमीन को ग्राम बाबरी निवासी मकसूद कुरैशी ने खरीद लिया था, उसके बाद से ही कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर विवाद बना हुआ है। वहीं, गांव बाबरी निवासी जमील पक्ष इसे कब्रिस्तान की भूमि बताता है, जबकि मकसूद पक्ष उसे अपनी जमीन बताया है। तीन माह पूर्व जमील की पत्नी सफीकन का इंतकाल हुआ था, तब भी शव को दफनाने को लेकर विवाद हो गया था। उधर, जमील ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को मकसूद पक्ष ने उक्त भूमि पर खड़े हरे पेड़ कटवा दिए, जिसको लेकर बिलोच बिरादरी ने आरोपियों का घेराव करते हुए बाबरी पुलिस को सूचना दी। सूचना पर बाबरी पुलिस व शामली तहसीलदार लेखपाल कानूनगो आदि मौके पर पहुंचे और पेड़ काटने की जांच कराने का भरोसा दिया था। वहीं, शुक्रवार को जमील पक्ष के शकील, इदरीश, वाजिद, रियासत, वकील, इमरान, शहजाद, नूर मोहम्मद, कालू और इशाक आदि उक्त जमीन की सफाई कर रहे थे, दूसरे पक्ष के लोगों ने वहां पहुंचकर उन्हें भगाने का प्रयास किया। सूचना पर बाबरी पुलिस व तहसीलदार लेखपाल आदि कर्मी मौके पर पहुंचे तथा दोनो पक्षों को समझाकर शांत कराया। जमील पक्ष ने थाने में जाकर हंगामा किया और दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष पंकज गौतम ने दोनों पक्षों को शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा है।
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