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38 मिनट में सात चेकपोस्ट पार किए
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:04 AM IST
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Terrorist
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। नाभा जेल से छह कुख्यातों को भगाने में सहयोग करने वाले पलविंदर सिंह उर्फ पिंदा को कैराना के जांबाज सिपाहियों ने धरदबोचा। उनकी हिम्मत की जितनी भी सराहना की जाए, उतनी कम है।
वहीं, दूसरी तरफ पानीपत से लेकर कैराना तक हथियारों से भरी गाड़ी हाईवे पर दौड़ती रही और पुलिस के सात चेकपोस्ट पार कर गई, इस लापरवाही पर पुलिस ने प्रशासन कुछ बोलने को तैयार नहीं।
जेल से कुख्यातों के भागने के बाद यूं तो पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया गया था। अपने साथियों को अलग-अलग स्थानों पर ड्राप करने के बाद पलविंदर उर्फ पिंदा का देहरादून में जाने का प्लान था। तभी उसने शामली की ओर संजय चौक से गाड़ी दौड़ाया। यहां पर हर समय पुलिस तैनात रहती है। इसके बाद वह पानीपत में बाईपास पर बने बवैल नाके को भी करीब दस मिनट बाद पार गया। पुलिस वहां भी थी। छाजपुर में अस्थाई चेकपोस्ट बर तैनात पुलिस के सामने से भी पलविंदर की कार दनदनाती निकली।
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यहीं नही हरियाणा में ही कुराड़ फार्म पर स्थिति पुलिस, सनौली थाना तथा सदर कोतवाली पानीपत पुलिस के यमुना पुल पर बने चेकपोट के सामने से भी वह बिना किसी रोक टोक के यमुना पार करते हुए यूपी की सीमा में घुस गया। यूपी पुलिस के पहले चेकपोस्ट भी उसे नहीं रोका गया। इससे अगले चेकपोस्ट पर आबकारी पुलिस भी इसी तरह सोयी रही। देर रात्रि तक हुई पूछताछ में उसने पुलिस की इस नाकामी की पोल भी आला अधिकारियों के सामने खोली।
फरारी कराकर उतारा फरारी का अहसान
शामली। नाभा जेल में ड्रग्स माफिया प्रेमा से पलविंदर की गहरी दोस्ती हो गई थी। उसी दोस्ती की खातिर मार्च माह में प्रेमा ने ही अपने गुर्गों की मदद से पलविंदर को कस्टडी से फरार करा दिया था। तब उसने प्रेमा से वादा किया कि मैं तुम्हें और तुम्हारे साथियों को भी फरार कराऊंगा।
आईजी मेरठ जोन अजय आनंद ने बताया कि 2013 में पलविंदर ने एएसआई गुरुदेव सिंह की हत्या कर दी थी, जिस मामले में वह जेल गया था। नाभा जेल के भीतर ही उसकी मुलाकात प्रेमा तथा उसके साथियों से हुई थी। प्रेमा और पलविंदर में गहरी दोस्ती हो गई थी। इसके बाद मार्च 2016 में पलविंदर ने खुद को बीमार बताकर अस्पताल रेफर करा लिया था। जेल से अस्पताल ले जाते समय पुलिस कर्मियों पर हमला करके पुलिस कस्टडी से वह फरार करा दिया गया था। उसको फरार कराने में प्रेमा ने पूरी मदद की थी, जिसके चलते पलविंदर प्रेमा की दोस्ती का कायल हो गया था।
उसी वादे को याद रखते हुए पलविंदर नाभा जेल में बंद प्रेमा के साथ ही उसके साथी खालसा लिबरेशन फ्रंट के चीफ हरमिंदर उर्फ मिन्टू सहित छह आतंकियों को रविवार सुबह प्री प्लानिंग के तहत फरार कराने में कामयाब रहा।
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वहीं, दूसरी तरफ पानीपत से लेकर कैराना तक हथियारों से भरी गाड़ी हाईवे पर दौड़ती रही और पुलिस के सात चेकपोस्ट पार कर गई, इस लापरवाही पर पुलिस ने प्रशासन कुछ बोलने को तैयार नहीं।
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जेल से कुख्यातों के भागने के बाद यूं तो पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया गया था। अपने साथियों को अलग-अलग स्थानों पर ड्राप करने के बाद पलविंदर उर्फ पिंदा का देहरादून में जाने का प्लान था। तभी उसने शामली की ओर संजय चौक से गाड़ी दौड़ाया। यहां पर हर समय पुलिस तैनात रहती है। इसके बाद वह पानीपत में बाईपास पर बने बवैल नाके को भी करीब दस मिनट बाद पार गया। पुलिस वहां भी थी। छाजपुर में अस्थाई चेकपोस्ट बर तैनात पुलिस के सामने से भी पलविंदर की कार दनदनाती निकली।
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यहीं नही हरियाणा में ही कुराड़ फार्म पर स्थिति पुलिस, सनौली थाना तथा सदर कोतवाली पानीपत पुलिस के यमुना पुल पर बने चेकपोट के सामने से भी वह बिना किसी रोक टोक के यमुना पार करते हुए यूपी की सीमा में घुस गया। यूपी पुलिस के पहले चेकपोस्ट भी उसे नहीं रोका गया। इससे अगले चेकपोस्ट पर आबकारी पुलिस भी इसी तरह सोयी रही। देर रात्रि तक हुई पूछताछ में उसने पुलिस की इस नाकामी की पोल भी आला अधिकारियों के सामने खोली।
फरारी कराकर उतारा फरारी का अहसान
शामली। नाभा जेल में ड्रग्स माफिया प्रेमा से पलविंदर की गहरी दोस्ती हो गई थी। उसी दोस्ती की खातिर मार्च माह में प्रेमा ने ही अपने गुर्गों की मदद से पलविंदर को कस्टडी से फरार करा दिया था। तब उसने प्रेमा से वादा किया कि मैं तुम्हें और तुम्हारे साथियों को भी फरार कराऊंगा।
आईजी मेरठ जोन अजय आनंद ने बताया कि 2013 में पलविंदर ने एएसआई गुरुदेव सिंह की हत्या कर दी थी, जिस मामले में वह जेल गया था। नाभा जेल के भीतर ही उसकी मुलाकात प्रेमा तथा उसके साथियों से हुई थी। प्रेमा और पलविंदर में गहरी दोस्ती हो गई थी। इसके बाद मार्च 2016 में पलविंदर ने खुद को बीमार बताकर अस्पताल रेफर करा लिया था। जेल से अस्पताल ले जाते समय पुलिस कर्मियों पर हमला करके पुलिस कस्टडी से वह फरार करा दिया गया था। उसको फरार कराने में प्रेमा ने पूरी मदद की थी, जिसके चलते पलविंदर प्रेमा की दोस्ती का कायल हो गया था।
उसी वादे को याद रखते हुए पलविंदर नाभा जेल में बंद प्रेमा के साथ ही उसके साथी खालसा लिबरेशन फ्रंट के चीफ हरमिंदर उर्फ मिन्टू सहित छह आतंकियों को रविवार सुबह प्री प्लानिंग के तहत फरार कराने में कामयाब रहा।