पांच दिन में ही पुलिस और एटीएस की जांच पूरी

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Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2019 11:19 PM IST

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शामली। शामली समेत कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की ई-मेल पर धमकी देने के आरोपी भाई गुलजार और शहजाद को पूछताछ के बाद वापस जेल भेज दिया गया। आरोपी भाइयों का कोर्ट से आठ दिन का रिमांड स्वीकृत हुआ था, लेकिन पुलिस, एटीएस समेत कई एजेंसियों ने पांच दिन में अपनी जांच पूरी कर ली।
14 मई की शाम को शामली, मेरठ और गाजियाबाद पुलिस की ऑफिशियल ई-मेल पर शामली समेत कई रेलवे स्टेशनों केे बम से उड़ाने की धमकी का मेसेज भेजा गया था। इस मामले में पुलिस ने दो दिन बाद मेरठ के नंगलाताशी निवासी दो भाई गुलजार और शहजाद को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों भाइयों से पूछताछ के लिए कोर्ट में 10 दिन का रिमांड मांगा था। कोर्ट ने 21 मई की सुबह 10 बजे से 28 मई की शाम चार बजे तक आठ दिन का रिमांड स्वीकृत किया था। रिमांड पर आने के बाद पुलिस, एलआईयू, आईबी, वीके, एटीएस की पूछताछ के बाद शुक्रवार शाम को लखनऊ से एटीएस सर्विलांस की टीम ने शामली पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की। सर्विलांस टीम ने आरोपियों की मेल आईडी और पासवर्ड लेकर उनके मोबाइल की कॉल रिकार्ड को खंगाला।

एसपी अजय कुमार ने बताया कि एटीएस इंटेलीजेंस की टीम जांच करने के बाद लखनऊ लौट गई है। आरोपियों ने पूछताछ में यही बताया कि कॉल रिकार्ड में बम और आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने पर प्रारंभिक जांच में उनकी आतंक फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका थी। मगर पूछताछ में आरोपियों ने यही बताया कि वे कर्ज की देनदारी से बचने के लिए लोगों को डराने के लिए बातचीत में इस तरह के खतरनाक शब्दों का इस्तेमाल करते थे। एसपी ने बताया कि पांच दिन में जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों आरोपी गुलजार-शहजाद को वापस भेज दिया गया है।

बिजनेस करने को लिया था कर्ज, बना लिया मकान
शामली। एसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी गुलजार ने बिजनेस करने के लिए करीब 25 लाख रुपये का कमेटी के माध्यम से कर्ज लिया था। इस रकम को आरोपी ने बिजनेस के बजाए मकान बनाने में लगा दिया। मकान में करीब 29 लाख रुपये का खर्च आया। जब उस पर देनदारी का दबाव बना तो उसने जेल जाने के लिए पुलिस की ऑफिशियल मेल पर धमकी का मेसेज भेज दिया था।

कई बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका गुलजार
शामली। आरोपी गुलजार ने पूछताछ में बताया कि कर्ज की देनदारी से बचने के लिए कई बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका है। एसपी ने बताया कि एक बार उसने बस के आगे आकर, दूसरी बार ट्रेन के सामने आकर, तीसरी बार फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। मगर हर बार बच्चों का चेहरा सामने आने पर वह आत्महत्या नहीं कर सका। एक बार उसने कहीं दूर जाकर लोगों से पीछा छुड़ाने की भी सोची थी। इसके बाद उसने जेल जाने के लिए मेल पर धमकी देने का तरीका अपनाया था।

एटीएस की बनी रहेगी निगरानी
शामली। एसपी अजय कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में भले ही आरोपी गुलजार-शहजाद आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता नहीं मिली हो, लेकिन अभी जांच चल रही है। एटीएस की सर्विलांस टीम भी कॉल रिकार्ड की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आरोपी एटीएस टीम निगरानी में रहेंगे। अगर जांच में आरोपियों की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता नहीं मिलती तो देशद्रोह की धारा हटा दी जाएगी।

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