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यूपी के साथ ही पंजाब की एटीएस भी सक्रिय हुई
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:58 PM IST
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यूपी के साथ ही पंजाब की एटीएस भी सक्रिय हुई
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की रैलियों में गोलियां बरसाने की साजिश का खुलासा होने पर यूपी के साथ ही पंजाब की एटीएस भी सक्रिय हो गई है। पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने शामली के अधिकारियों से मामले की जानकारी ली है। पंजाब की पुलिस अपने स्तर पर भी छानबीन करने में लगी हुई है।
चौसाना-बिडौली मार्ग पर पुलिसकर्मियों से दो रायफल लूटने की वारदात का खुलासा कर पुलिस ने बताया था कि रायफलों को खालिस्तान समर्थकों के इशारे पर लूटा गया। खालिस्तान समर्थकों ने सात अक्तूबर को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की रैलियों में गोलियां बरसानी थीं। रैलियों में फायरिंग कर दहशत फैलाना मकसद था, लेकिन ऐसी वारदात होने से लोगों की जान भी जा सकती थी। मामले में झिंझाना क्षेत्र के रहने वाले करम सिंह के अलावा गंगोह क्षेत्र के गुरुजेन्ट सिंह तथा करनाल निवासी अमरीत सिंह को गिरफ्तार किया गया था, जबकि गिरोह के सरगना जरमन सिंह और करमा निवासी अजीजपुर अभी फरार हैं। जरमन सिंह और करमा का कनेक्शन खालिस्तान समर्थकों से बताया गया, जिसके प्रमाण भी पुलिस ने जुटा लिए। इसके चलते हाई प्रोफाइल मामले में यूपी एटीएस को भी जांच के लिए लगा दिया गया है। उधर, मंगलवार को पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने भी शामली पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी ली। यह भी मालूम चला है कि पंजाब की एटीएस भी इस मामले की छानबीन कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि शामली जिले के रहने वाले पांचों आरोपियों के किस स्तर पर खालसा ग्रुप से जुड़ाव रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की रैलियों में गोलियां बरसाने की साजिश का खुलासा होने पर यूपी के साथ ही पंजाब की एटीएस भी सक्रिय हो गई है। पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने शामली के अधिकारियों से मामले की जानकारी ली है। पंजाब की पुलिस अपने स्तर पर भी छानबीन करने में लगी हुई है।
चौसाना-बिडौली मार्ग पर पुलिसकर्मियों से दो रायफल लूटने की वारदात का खुलासा कर पुलिस ने बताया था कि रायफलों को खालिस्तान समर्थकों के इशारे पर लूटा गया। खालिस्तान समर्थकों ने सात अक्तूबर को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की रैलियों में गोलियां बरसानी थीं। रैलियों में फायरिंग कर दहशत फैलाना मकसद था, लेकिन ऐसी वारदात होने से लोगों की जान भी जा सकती थी। मामले में झिंझाना क्षेत्र के रहने वाले करम सिंह के अलावा गंगोह क्षेत्र के गुरुजेन्ट सिंह तथा करनाल निवासी अमरीत सिंह को गिरफ्तार किया गया था, जबकि गिरोह के सरगना जरमन सिंह और करमा निवासी अजीजपुर अभी फरार हैं। जरमन सिंह और करमा का कनेक्शन खालिस्तान समर्थकों से बताया गया, जिसके प्रमाण भी पुलिस ने जुटा लिए। इसके चलते हाई प्रोफाइल मामले में यूपी एटीएस को भी जांच के लिए लगा दिया गया है। उधर, मंगलवार को पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने भी शामली पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी ली। यह भी मालूम चला है कि पंजाब की एटीएस भी इस मामले की छानबीन कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि शामली जिले के रहने वाले पांचों आरोपियों के किस स्तर पर खालसा ग्रुप से जुड़ाव रहा है।
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