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नहीं पूरी हो सकी आर्थिक पैकेज की मांग

Mon, 22 Feb 2021 11:23 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2021 11:23 PM IST
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Could not complete economic package demand
नहीं पूरी हो सकी आर्थिक पैकेज की मांग
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शामली। लॉकडाउन के बाद से ही व्यापारी आर्थिक पैकेज की मांग कर रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार के बाद यूपी सरकार के बजट में भी यह मांग पूरी नहीं हो सकी। व्यापारियों का कहना है कि बिजली बिलों में छूट एवं जीएसटी सरलीकरण की मांग पर भी ध्यान नहीं दिया गया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने सुभाष चौक स्थित मुख्यालय पर व्यापारियों के साथ बैठक कर प्रदेश के बजट पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बजट से व्यापारियों को काफी आशाएं थीं लेकिन पूरी नहीं हुईं। व्यापारियों ने आर्थिक राहत पैकेज की मांग रखी थी। सरकार ने उसे अनदेखा कर दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक राहत पैकेज के लिए व्यापारी संघर्ष करता रहेगा।
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व्यापारी विवेक जैन का कहना है कि व्यापारियों के लिए केंद्र के बजट में भी अलग से कोई घोषणा नहीं की गई थी। यूपी में भी ऐसी ही स्थिति रही है। बिजली दरें बेतहाशा बढ़ी हुई हैं। सरकार को बिजली बिलों पर सब्सिडी देनी चाहिए।
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व्यापारी अरविंद गुप्ता का कहना है कि जीएसटी सरलीकरण और बिजली बिलों में कटौती व्यापारियों की प्रमुख मांगें थीं। इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। व्यापारियों को आसान और सस्ता ऋण उपलब्ध कराने तथा जोखिम को कम करने के लिए घोषणा करनी चाहिए थी।
ओपन जिम की घोषणा से खुशी, स्टेडियम की दरकार
शामली। जनपद में स्टेडियम एवं खेल सुविधाएं नहीं होने से यहां की प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पा रहीं। युवा पुलिस एवं आर्मी की भर्ती के लिए सुबह-शाम सड़कों पर दौड़ लगाते नजर आते हैं। जिले में स्टेडियम के लिए भैंसवाल के पास जमीन चिह्नित है, लेकिन बजट का कोई प्राविधान नहीं हुआ है।
गांव बहावड़ी निवासी युवा विनीत मलिक का कहना है कि जिले भर में युवा सड़कों और नहर की पटरी पर दौड़कर पुलिस भर्ती की तैयारी करते हैं। युवाओं की सबसे बड़ी मांग स्टेडियम के निर्माण की थी, जिसे बजट में पूरा नहीं किया गया।

गांव टिटौली निवासी अभिनव का कहना है कि गांवों में ओपन जिम शुरू करने का फैसला ठीक है। युवाओं को अपने गांव में ही व्यायाम करने की सुविधा मिल सकेगी। हर गांव में स्टेडियम की सुविधा भी होनी चाहिए तथा उनमें कोच एवं खेल सामान की उपलब्धता भी कराई जाए।
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