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शामली बाइपास की राह हुई कठिन, अधूरे बैनामो को लेकर किसानों से मुआवजा सहमति नही बनी

Sat, 07 Sep 2019 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2019 12:12 AM IST
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Compensation not agreed between officials and farmers
अधिकारियों और किसानों के बीच मुआवजा पर नहीं बनी सहमति
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इंद्रपाल सिंह पांचाल
शामली। दिल्ली यमुनोत्री, सहारनपुर फोरलेन के शामली बाईपास की राह अभी कठिन है। अधूूरे बैनामों को लेकर किसानों- जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के अफसरों ने मुआवजा संबंधी रेट निर्धारण करने के लिए सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई।
दिल्ली- यमुनोत्री, सहारनपुर फोरलेन के शामली बाईपास के लिए बलवा, सिंभालका, सेहटा, सिंभालका, शामली और बनत के किसानों की 36.6344 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी थी। पहले उत्तर प्रदेश राज्य राज्यमार्ग प्राधिकरण के अफसर इस बाईपास के लिए 31.560 हेक्टेयर भूमि खरीद करके कुल 158 किसानों का बैनामा करा चुका है। बाद में दिल्ली-यमुनोत्री-सहारनपुर फोरलेन को उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में केंद्र सरकार को राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण दिल्ली को हस्तांतरित कर दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की बागपत इकाई को दिल्ली यमुनोत्री-सहारनपुर फोरलेन व शामली बाईपास के निर्माण के लिए जिम्मेदारी दी गई। पिछले एक साल पूर्व शामली बाईपास की जद में 5.0735 हेक्टेयर भूमि को खरीदने के लिए बैनामा कराने के लिए किसानों ने अपनी सहमति दे चुके हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसर शामली बाईपास की जद में आ रही भूमि का आकलन करके 30 करोड़ रुपये का मुआवजा रिपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत के परियोजना प्रबंधक एसके मिश्रा को भेज चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक शामली बाईपास के मुआवजा के रेट को लेकर किसानों, जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। नतीजतन पूरा मामला दो माह पूर्व सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी के कार्यालय को भेज दिया है। भूमि अध्यापित अधिकारी सहारनपुर मुआवजा की रिपोर्ट भेजकर डीएम शामली से एवार्ड घोषित कराएंगे। डीएम शामली अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली- शामली, सहारनपुर यमुनोत्री मार्ग के शामली बाईपास का सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी को मुआवजा संबंधी मामला तय करने के लिए भेजा गया है।
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कुछ गांवों को एवार्ड घोषित किया जारहा है
-- शामली। मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी का कार्य देख रहे सिटी मजिस्ट्रेट सहारनपुर पंकज वर्मा ने बताया कि वह अभी नए आए हैं। दिल्ली-शामली, सहारनपुर यमुनोत्री शामली बाईपास की पत्रावली अभी प्राप्त हुई है। कुछ गांवों का एवार्ड घोषित किया जा रहा है। कुछ गांवों का एवार्ड घोषित करने की कार्रवाई की जा रही है।
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चुनावी मुद्दा बनने के बाद भी नहीं बना शामली बाईपास
शामली। कैराना लोकसभा चुनाव में शामली बाईपास निर्माण का मुद्दा उझला था। पिछले साल 27 मई को बागपत में ईस्टर्न फेरिफेरल के शुभारंभ पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडगरी शामली बाईपास का जुलाई 2018 में निर्माण कराने की घोषणा करने का आश्वासन दिया गया। लोकसभा चुनाव गुजरने के बाद जुलाई माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहारनपुर आगमन पर यह मुद्दा गूंजा था। शामली के उद्यमी अंकित कुमार गोयल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को शामली बाईपास का मुद्दा उद्यमियों ने उठाया था।
शामली बाईपास की जद में आने वाले किसानों की भूमि का आंकड़ा
-- गांव --------- भूमि हेक्टेयर में---------------------
1-- बलवा - 9.8379-----------------
2- सिंभालका- 8.0047 ------------------
3- सेहटा- 5.9384-----------------------
4- शामली --- 3.7260 --------------------------
5- बनत- 9.1274---------------------------
कुल भूमि ------------ 36.6344-------------------------
खरीदी गई भूमि---------- 31. 560 हैक्टेयर--------------
-- शामली बाईपास की अवशेष भूमि ------------ 5.0735 हेक्टेयर
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