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जिला बनने के 11 साल बाद भी नहीं मिली ब्लड बैंक की सुविधा

Sun, 08 May 2022 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 11:48 PM IST
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Blood bank facility not available even after 11 years of becoming a district
शामली। आपातकालीन स्थिति में अगर किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए रक्त की जरूरत पड़ जाए तो जिला अस्पताल में रक्त नहीं मिल पाएगा। मजबूरी में उस व्यक्ति को हायर सेंटर रेफर करना पड़ेगा या फिर प्राइवेट में महंगे में रक्त खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा। इसकी वजह ये है कि जिला बनने के 11 साल बाद भी शामली में ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।
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28 सितंबर 2011 को शामली जिला बना था। जिला बनने पर लोगों केे जिला अस्पताल बनने पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जागी थी, लेकिन जिंदगी बचाने के लिए रक्त की जरूरत पूरी करने के लिए ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। पिछले साल से जिला अस्पताल भी चल रहा है, लेकिन ब्लड बैंक नहीं मिल सका। ब्लड बैंक न होने से गंभीर मरीजों व घायलों को दूसरे शहरों में रेफर किया जाता है। या फिर मरीजों को प्राइवेट में महंगा ब्लड खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। समय पर रक्त न मिलने से मरीज की जान खतरे में रहती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि ब्लड बैंक का प्रस्ताव शासन को भेजा हुआ है। शासन से स्वीकृति मिलने पर ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
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ब्लड बैंक न होने से ये है समस्याएं
ब्लड बैंक में सभी तरह के समूह का रक्त सुरक्षित रहता है। आपातकालीन स्थिति में अगर किसी व्यक्ति की जिंदगी बचाने के लिए रक्त की जरूरत पड़ती है तो ब्लड बैंक से आसानी से उपलब्ध हो जाता है। जिले में ब्लड बैंक न होने से दुर्घटना में गंभीर घायलों व मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट चालू है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति का हीमोग्लोबिन कम है तो उसे रक्त की व्यवस्था अपने स्तर पर प्राइवेट में करनी पड़ती है या फिर उसे दूसरे शहरों में जाकर डायलिसिस करानी पड़ रही है। थैलेसीमिया के रोगी को रक्त के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। इसके अलावा डेंगू के मरीज की प्लेटलेट्स कम होने पर प्लाज्मा की जरूरत पड़ जाए तो उसे दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि प्लाज्मा चढ़ाने के लिए ब्लड कपोनेंट एंड सेपरेशन यूनिट होती है। ब्लड बैंक चालू होने के बाद ही इस यूनिट की सुविधा मिल पाएगी।
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गर्भवती महिलाओं के लिए बना रक्त संग्रह केंद्र
शामली। सीएचसी शामली में रक्त संग्रह केंद्र बनाया गया है। यहां पर चार तरह का ए पॉजिटिव, बी पॉजिटिव, एबी पॉजिटिव और ओ पॉजिटिव रक्त उपलब्ध रहता है। जरूरत के अनुसार मुजफ्फरनगर ब्लड बैंक से रक्त की यूनिट लाकर केंद्र में रखी जाती है। इस केंद्र पर गर्भवती महिलाओं को ही रक्त उपलब्ध कराया जाता है।
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