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Shamli News: भाकियू ने एसआईआर रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की
Sat, 24 Oct 2026 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:49 AM IST
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बनत। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों के विरोध मार्च के तहत कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बिना पारदर्शिता के नाम हटाए जाने से नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। भाकियू ने कथित तौर पर मतदाता सूची से हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों का मताधिकार बहाल करने की मांग की। इसके अलावा वर्ष 2023 के संबंधित कानून में संशोधन और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को शामिल करने की मांग भी रखी।
भाकियू ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। संगठन ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी, बिल्लू, गौतम पंवार, नीलू, संदीप कुमार, अमित कुमार और विनोद चौहान आदि शामिल रहे।
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उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बिना पारदर्शिता के नाम हटाए जाने से नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। भाकियू ने कथित तौर पर मतदाता सूची से हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों का मताधिकार बहाल करने की मांग की। इसके अलावा वर्ष 2023 के संबंधित कानून में संशोधन और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को शामिल करने की मांग भी रखी।
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भाकियू ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। संगठन ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी, बिल्लू, गौतम पंवार, नीलू, संदीप कुमार, अमित कुमार और विनोद चौहान आदि शामिल रहे।
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