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Shamli News: भूरा संभाल सकता है गैंग्स ऑफ कैराना की कमान
Fri, 07 Aug 2026 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:35 AM IST
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शामली। एक लाख के इनामी बदमाश फुरकान के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद अब पुलिस की नजर उसके गैंग के बाकी सदस्यों पर है। पुलिस को आशंका है कि फुरकान का करीबी और शार्प शूटर वाजिद उर्फ भूरा अब गैंग्स ऑफ कैराना की कमान संभाल सकता है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फुरकान शुरुआत में कुख्यात मुकीम काला गैंग से जुड़ा था। बाद में उसने अलग होकर अपना गैंग बना लिया। कैराना कोतवाली में वर्ष 2015 में डी-8/2015 के नाम से उसका गैंग पंजीकृत किया गया था, जिसे गैंग्स ऑफ कैराना के नाम से जाना जाता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गैंग में कुल सात सदस्य शामिल थे। फुरकान के मारे जाने के बाद अब गिरोह में कैराना के मोहल्ला आलकलां के रहने वाले वाजिद उर्फ भूरा, सद्दू, शौकीन, हारून, नौशाद और रिजवान सक्रिय बताए जा रहे हैं। इनमें वाजिद उर्फ भूरा फिलहाल बाहर है। पुलिस का मानना है कि वही गिरोह की कमान संभाल सकता है। पुलिस ने उसके ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी है।
बागपत, सहारनपुर और हरियाणा तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि फुरकान गिरोह मेरठ, बागपत, सहारनपुर के अलावा हरियाणा के करनाल और पानीपत तक फैला हुआ था। पुलिस इन जिलों में भी संदिग्धों की तलाश में दबिश दे रही है और गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है।
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करनाल और लोनी में लेता था शरण
शामली। एसपी ने बताया कि फुरकान पुलिस से बचने के लिए अक्सर हरियाणा के करनाल और गाजियाबाद के लोनी में अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेता था। पुलिस को उसके शरणदाताओं की भी जानकारी मिल गई है। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
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पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फुरकान शुरुआत में कुख्यात मुकीम काला गैंग से जुड़ा था। बाद में उसने अलग होकर अपना गैंग बना लिया। कैराना कोतवाली में वर्ष 2015 में डी-8/2015 के नाम से उसका गैंग पंजीकृत किया गया था, जिसे गैंग्स ऑफ कैराना के नाम से जाना जाता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गैंग में कुल सात सदस्य शामिल थे। फुरकान के मारे जाने के बाद अब गिरोह में कैराना के मोहल्ला आलकलां के रहने वाले वाजिद उर्फ भूरा, सद्दू, शौकीन, हारून, नौशाद और रिजवान सक्रिय बताए जा रहे हैं। इनमें वाजिद उर्फ भूरा फिलहाल बाहर है। पुलिस का मानना है कि वही गिरोह की कमान संभाल सकता है। पुलिस ने उसके ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी है।
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बागपत, सहारनपुर और हरियाणा तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि फुरकान गिरोह मेरठ, बागपत, सहारनपुर के अलावा हरियाणा के करनाल और पानीपत तक फैला हुआ था। पुलिस इन जिलों में भी संदिग्धों की तलाश में दबिश दे रही है और गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है।
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करनाल और लोनी में लेता था शरण
शामली। एसपी ने बताया कि फुरकान पुलिस से बचने के लिए अक्सर हरियाणा के करनाल और गाजियाबाद के लोनी में अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेता था। पुलिस को उसके शरणदाताओं की भी जानकारी मिल गई है। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।