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क्रोध से दूर रहना ही उत्तम सत्य धर्म
ब्यूरो/ अमर उजाला/ शामली
Updated Wed, 23 Sep 2015 01:04 AM IST
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शामली। दशलक्षण पर्व के उपलक्ष्य में इंद्र ध्वज महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में पांचवें दिन जैन आचार्य ज्ञानभूषण जी महाराज ने उत्तम सत्य धर्म के बारे में बताते हुए कहा कि यदि दशलक्षण पर्व पर धर्म की महा आराधना कर रहे हैं। जीवन में विशेष पुण्य संचित कर रहे हैं। मनुष्य का क्रोध से दूर रहना ही उत्तम सत्य धर्म है, जीवन में जब तक सत्य रहेगा, जीवन में हमेशा आनंद रहेगा।
मंगलवार को कैराना रोड पर फव्वारा चौक पर स्थित हाथीखाना मैदान में दशलक्षण पर्व के उपलक्ष्य में इंद्र ध्वज महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवें दिन मध्यप्रदेश छिंदवाड़ा से आए शरद चंद्र बनारसी द्वारा शांतिधारा की पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। भोपाल से आई विजय रंगीला एंड पार्टी ने भजन प्रस्तुत किए गए। मयंक जैन परिवार द्वारा पाद प्रछालन किया गया। सुभाष चंद जैन द्वारा पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई। जैन आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि जब तक सत्य रहेगा तब तक जीवन में हमेशा आनंद रहेगा। क्रोध- माया चारी को छोड़कर सत्य को अपनाना होगा।
उत्तम सत्य तो मुनि राज है। कभी कभी झूठ सत्य बन जाता है, जो दूसरे के प्राणों को संकट से बचाता है। कड़वे असत्य को मत बोलो। कड़वे शब्दों द्वारा किसी जीव को ठेस मत पहुंचाओ। शिव सत्य है, सत्य सबसे सुंदर है। मनुष्य को सत्य के ऊपर विश्वास करना चाहिए।
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महाराज जी ने कहा कि मधुर वचन औषधि का काम करते हैं। सत्य जगत में सुंदर है। उससे सुंदर कुछ नही है। कार्यक्रम संयोजक प्रवीण जैन, वैभव जैन, संजीव जैन, शिखर चंद जैन, मोहित जैन, अचल जैन, अशोक जैन, सुशील जैन, राजीव जैन, मोहनलाल जैन, राहुल जैन, हितेश जैन, रवि जैन, प्रदुमभन जैन, शोभित जैन, विपिन जैन आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को कैराना रोड पर फव्वारा चौक पर स्थित हाथीखाना मैदान में दशलक्षण पर्व के उपलक्ष्य में इंद्र ध्वज महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवें दिन मध्यप्रदेश छिंदवाड़ा से आए शरद चंद्र बनारसी द्वारा शांतिधारा की पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। भोपाल से आई विजय रंगीला एंड पार्टी ने भजन प्रस्तुत किए गए। मयंक जैन परिवार द्वारा पाद प्रछालन किया गया। सुभाष चंद जैन द्वारा पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई। जैन आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि जब तक सत्य रहेगा तब तक जीवन में हमेशा आनंद रहेगा। क्रोध- माया चारी को छोड़कर सत्य को अपनाना होगा।
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उत्तम सत्य तो मुनि राज है। कभी कभी झूठ सत्य बन जाता है, जो दूसरे के प्राणों को संकट से बचाता है। कड़वे असत्य को मत बोलो। कड़वे शब्दों द्वारा किसी जीव को ठेस मत पहुंचाओ। शिव सत्य है, सत्य सबसे सुंदर है। मनुष्य को सत्य के ऊपर विश्वास करना चाहिए।
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महाराज जी ने कहा कि मधुर वचन औषधि का काम करते हैं। सत्य जगत में सुंदर है। उससे सुंदर कुछ नही है। कार्यक्रम संयोजक प्रवीण जैन, वैभव जैन, संजीव जैन, शिखर चंद जैन, मोहित जैन, अचल जैन, अशोक जैन, सुशील जैन, राजीव जैन, मोहनलाल जैन, राहुल जैन, हितेश जैन, रवि जैन, प्रदुमभन जैन, शोभित जैन, विपिन जैन आदि मौजूद रहे।