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बजट से हैं सभी को उम्मीदें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Feb 2017 12:07 AM IST
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शामली। विधानसभा चुनाव के दौरान पेश होने वाले आम बजट से आम जनता को ढेरों उम्मीदें हैं। गृहणियों को घर के बजट की चिंता है, तो व्यापारियों को टैक्स की। गृहणियों का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें घटनी चाहिए, क्योंकि महंगाई के दौर में घर का बजट बनाकर चलना मुश्किल हो रहा है।
बुधवार को संसद में आम बजट पेश किया जाएगा। शहर के बुढ़ाना रोड पर नर्सिंग होम संचालिका डाक्टर नीलम का कहना है कि सर्जिकल उपकरणों पर लगने वाला दो प्रतिशत टैक्स कम किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली को रसोई का ध्यान रखना चाहिए। दालों और रसोई गैस के दामों पर अंकुश लगना चाहिए।
वीवी पीजी कालेज की प्रवक्ता मृदुला जैन का कहना है कि आम बजट में रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमत पर अंकुश लगे। शिक्षा पर लगने वाले टैक्स को कम किया जाए। अधिवक्ता प्रदीप पंवार का कहना है कि विधानसभा चुनाव के समय आम बजट पेश नहीं होना चाहिए था। क्योंकि जिन प्रदेशों में चुनाव हो रहा है, उनके लिए कोई खास घोषणा नहीं हो पाएगी, जिसका नुकसान आम जनता को होगा।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित गोयल का कहना कि आम बजट व्यापारियों के हित में होना चाहिए। नोटबंदी के बाद 70 प्रतिशत मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। व्यापारी और उद्यमियों के लिए स्पेशल पैकेज दिया जाना चाहिए। सरकार द्वारा डेढ़ करोड़ रुपये के टर्न ओवर पर एक्साइज ड्यूटी लगाई जाती है, जिसे बढ़ाकर चार करोड़ तक के टर्नओवर पर ही एक्साइज ड्यूटी लगनी चाहिए। टैक्स की मार के कारण व्यापार में गिरावट आ रही है।
व्यापारी नवीन गर्ग का कहना है कि आम बजट में घोषणाएं तो खूब होती हैं, मगर धरातल पर नहीं पहुंचती। आम बजट ऐसा होना चाहिए कि उसका लाभ आमजन को हो। कार्ड धारकों को राशन खरीदने के लिए नकद धनराशि दी जानी चाहिए, क्योंकि राशन की दुकानों से कालाबाजारी होती है। व्यापारी नेता मोहित जैन का कहना है कि आम बजट में व्यापारियों को टैक्स में राहत मिलनी चाहिए। उद्योगों पर लिए गए ऋण के ब्याज में छूट मिलनी चाहिए।
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बुधवार को संसद में आम बजट पेश किया जाएगा। शहर के बुढ़ाना रोड पर नर्सिंग होम संचालिका डाक्टर नीलम का कहना है कि सर्जिकल उपकरणों पर लगने वाला दो प्रतिशत टैक्स कम किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली को रसोई का ध्यान रखना चाहिए। दालों और रसोई गैस के दामों पर अंकुश लगना चाहिए।
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वीवी पीजी कालेज की प्रवक्ता मृदुला जैन का कहना है कि आम बजट में रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमत पर अंकुश लगे। शिक्षा पर लगने वाले टैक्स को कम किया जाए। अधिवक्ता प्रदीप पंवार का कहना है कि विधानसभा चुनाव के समय आम बजट पेश नहीं होना चाहिए था। क्योंकि जिन प्रदेशों में चुनाव हो रहा है, उनके लिए कोई खास घोषणा नहीं हो पाएगी, जिसका नुकसान आम जनता को होगा।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित गोयल का कहना कि आम बजट व्यापारियों के हित में होना चाहिए। नोटबंदी के बाद 70 प्रतिशत मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। व्यापारी और उद्यमियों के लिए स्पेशल पैकेज दिया जाना चाहिए। सरकार द्वारा डेढ़ करोड़ रुपये के टर्न ओवर पर एक्साइज ड्यूटी लगाई जाती है, जिसे बढ़ाकर चार करोड़ तक के टर्नओवर पर ही एक्साइज ड्यूटी लगनी चाहिए। टैक्स की मार के कारण व्यापार में गिरावट आ रही है।
व्यापारी नवीन गर्ग का कहना है कि आम बजट में घोषणाएं तो खूब होती हैं, मगर धरातल पर नहीं पहुंचती। आम बजट ऐसा होना चाहिए कि उसका लाभ आमजन को हो। कार्ड धारकों को राशन खरीदने के लिए नकद धनराशि दी जानी चाहिए, क्योंकि राशन की दुकानों से कालाबाजारी होती है। व्यापारी नेता मोहित जैन का कहना है कि आम बजट में व्यापारियों को टैक्स में राहत मिलनी चाहिए। उद्योगों पर लिए गए ऋण के ब्याज में छूट मिलनी चाहिए।