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दीपावली पर जरा सोच समझ और जांच परखकर ही मिठाई खरीदें

Wed, 19 Oct 2016 04:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Wed, 19 Oct 2016 04:40 PM IST
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At the festival, not health adulterated sweets upsets
मिठाई
शामली। दीपावली पर मिलावटी मिठाइयों से सावधान रहें, क्योंकि मिलावटी मिठाइयां आपकी सेहत बिगाड़ सकती हैं। दीपावली पर जरा सोच समझ और जांच परखकर ही मिठाई खरीदें। एफडीए अधिकारियों ने लोगों को मिठाई लेते समय चौकस रहने की हिदायत दी है। 
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दीपावली, गोवर्धन और भैयादूज पर विभिन्न मिठाइयों की मांग रहती है। इन मिठाइयों को ग्रामीण क्षेत्रों में बनाकर  दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड में सप्लाई किया जाता है। जिले के डेढ़ दर्जन से ज्यादा जगहों पर मिलावटी मावा तैयार किया जा रहा है, जिसकी हरियाणा के पानीपत में सबसे ज्यादा खपत होती है। मिलावटी मावा और मिठाइयों के उपयोग से सेहत खराब हो जाती है। 
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पीके त्रिपाठी ने बताया कि मिलावटी मिठाइयों की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग व्यापारियों के साथ बैठक करके उन्हें जागरूक करा रहा है। मिलावटी मिठाइयों से डाले जाने वाले केमिकल सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हैं। इनके सेवन से पाचन क्रिया कमजोर करती है। 
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उधर, एसीएमओ डॉ. सफल कुमार ने बताया कि मिलावटी मिठाइयों के सेवन से उल्टी, दस्त, बुखार की शिकायत होती है। समय पर बीमारियों की रोक थाम नहीं की जाए तो यह जानलेवा बन सकती है। 

उधर, डीएम कहते हैं दीपावली, गोवर्धन एवं भैया दूज के त्योहार पर मिलावटी मिठाइयों के खिलाफ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं अभिहीत अधिकारी व एसडीएम स्तर की टीम गठित करके  मिठाई विक्रेताओं के यहां छापे मारे जाएंगे। 

कैैसे तैयार होता है मिलावटी मावा ः दूध पाउडर, डालडा घी, रिफाइंड, चर्बी, क्रीम, मैदा और यूरिया आदि मिलाकर सिंथेटिक मावा तैयार किया जाता है। इसी मावे से रसगुल्ले, अन्य मिठाइयां तैयार करके बाजारों में बेची जाती हैं।  

कहां-कहां चलता है सिंथेटिक मावे का कारोबार ः सोंता, इस्लामपुर, भैंसानी, खंदरावली,  अलीपुरा, भूरा, एलम, कुड़ाना, शेखपुरा, बराला, बीनड़ा, तितरवाड़ा, पंजीठ, दभेड़ी, गंदराऊ, मालैंडी, पीरखेड़ा, पढ़ानपुरा, गढ़ीहसनपुर आदि स्थानों पर सिंथेटिक मावा बनाने का कारोबार होता है। इसकी सप्लाई हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली से सटे जिलों में होती है।


दीपावली, गोवर्धन एवं भैयादूज के त्योहार के मौके पर चमक-दमक यानी रंगीन मिठाइयों से लोग दूर रहें। चमक-दमक रंगीन मिठाइयां ज्यादातर मिलावटी होती हैं। इनमें ज्यादातर धोखा होता है। कलर वाली मिठाइयों में लड्डू, रंगीन बरफी बालूशाही उदाहरण के तौर पर शामिल है।
-  डाक्टर पीके त्रिपाठी मुख्य खाद्य सुुरक्षा अधिकारी शामली। 
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