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क्षमता के अनुसार पेराई नहीं होने पर मंत्री हुए नाराज
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Sun, 25 Nov 2018 11:20 PM IST
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शामली कलक्ट्रेट सभागार में गन्ना विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सुरेश राणा ने चीनी मिलों की क्षमता के अनुसार गन्ना पेराई न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने डीएम शामली से चीनी मिलों के यूनिट हैड की बैठक करके मिलों द्वारा गन्ने की अधिक पेराई करने के निर्देश दिए हैं। आश्वस्त किया कि अगले तीन दिनों में किसानों को पक्का कलेंडर वितरित कर दिया जाएगा।
रविवार सुबह साढ़े दस बजे कलक्ट्रेट सभाकक्ष में उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सुरेश राणा ने सहारनपुर मंडल की गन्ना विभाग के तमाम अफसरों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने गन्ना पर्चियों से संबधित समस्याओं को लेकर चीनी मिल व गन्ना समिति स्तर की समीक्षा ली। सहारनपुर के डीसीओ कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि ननौता- शेरमऊ को छोड़कर ज्यादातर चीनी मिल के क्षेत्रों में किसानों को गन्ना पर्चियों की समस्या नहीं है। ज्यादातर समितियों स्तर पर पक्का कलेंडर वितरित किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर के डीसीओ राजेश्वर द्विवेदी ने कहा कि उनके जनपद में ज्यादातर किसानों को पक्के कलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। रामराज-मोरना चीनी मिल क्षेेत्रों में थोड़ी समस्याएं थीं, अधिकारियों स्तर पर निस्तारण कर दिया गया है। पर्ची छपाई रेट कम होने से वेंडरों के सामने समस्याएं आई है। वेंडरों के सर्वर लगातार बैठ रहा है। गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा ने पूछा कि वेंडरों ने स्वयं रेट दिए थे। गन्ना पर्चियों को प्रकाशन करने वाले वेंडरों को रेट बढ़ाने के संबंध में मंडल के उपगन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र से रिपोर्ट आगामी दो दिन में तलब की गई।
मोरना समिति की ओर से आए प्रतिनिधि ने अवगत कराया कि किसानों की आनलाइन गलती को ठीक करने मे समय लग रहा है। मृतक किसानों की पर्चियों जारी कर दी गई हैं। किसानों को गन्ना पर्चियों का एसएमएस तक नहीं किया जा रहा है। डीसीओ शामली डॉक्टर अनिल भारती ने कहा कि शामली, ऊन व थानाभवन की गन्ना पर्चियों का प्रकाशन का काम कोर इंडिया मेरठ की कंपनी पर है। यह कंपनी मेरठ, बुलंदशहर, बुढ़ाना-मेरठ की समितियों की पर्चियों का प्रकाशन कर रहा है। ज्यादा काम होने से पर्चियों के प्रकाशन में समय लग रहा है। शामली समिति से अलग से कंप्यूटर लगाकर कार्य शुरू करने का सुझाव दिया। शामली गन्ना समिति में 174 गांवों में 22 गांवों के किसानों को कलेंडर वितरित कर दिए गए हैं। सात हजार मृतक किसान होने के कारण वारिसान के बांड चालू नहीं हो पाए हैं। 47 हजार 111 किसानों की गलतियों को संशोधित कर दिया गया। तीन हजार 953 उपज की बढ़ोत्तरी की गई है।
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गन्ना राज्य विकास मंत्री सुरेश राणा ने शामली डीसीओ शामली को अभियान चलाकर मृतकों के वारिसान के बांड बनाए जाने के निर्देश दिए। मंत्री ने चीनी मिलों की गन्ना पेराई की समीक्षा की गई। उन्होंने डीएम शामली अखिलेश कुमार सिंह को निर्देश दिए कि जिले की चीनी मिलों के यूनिट हैड की बैठक लेकर गन्ने की पेराई तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए। मौके पर मंडल के उपगन्ना आयुक्त डाक्टर दिवेश्वर मिश्र, डीएम अखिलेश कुमार सिंह, एसपी अजय कुमार सिंह, एडीएम केबी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन तरार, भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकुमार सहरावत, के अलावा मंडल के गन्ना विभाग के डीसीओ से लेकर सचिव, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक मौजूद रहे।
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रविवार सुबह साढ़े दस बजे कलक्ट्रेट सभाकक्ष में उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सुरेश राणा ने सहारनपुर मंडल की गन्ना विभाग के तमाम अफसरों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने गन्ना पर्चियों से संबधित समस्याओं को लेकर चीनी मिल व गन्ना समिति स्तर की समीक्षा ली। सहारनपुर के डीसीओ कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि ननौता- शेरमऊ को छोड़कर ज्यादातर चीनी मिल के क्षेत्रों में किसानों को गन्ना पर्चियों की समस्या नहीं है। ज्यादातर समितियों स्तर पर पक्का कलेंडर वितरित किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर के डीसीओ राजेश्वर द्विवेदी ने कहा कि उनके जनपद में ज्यादातर किसानों को पक्के कलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। रामराज-मोरना चीनी मिल क्षेेत्रों में थोड़ी समस्याएं थीं, अधिकारियों स्तर पर निस्तारण कर दिया गया है। पर्ची छपाई रेट कम होने से वेंडरों के सामने समस्याएं आई है। वेंडरों के सर्वर लगातार बैठ रहा है। गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा ने पूछा कि वेंडरों ने स्वयं रेट दिए थे। गन्ना पर्चियों को प्रकाशन करने वाले वेंडरों को रेट बढ़ाने के संबंध में मंडल के उपगन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र से रिपोर्ट आगामी दो दिन में तलब की गई।
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मोरना समिति की ओर से आए प्रतिनिधि ने अवगत कराया कि किसानों की आनलाइन गलती को ठीक करने मे समय लग रहा है। मृतक किसानों की पर्चियों जारी कर दी गई हैं। किसानों को गन्ना पर्चियों का एसएमएस तक नहीं किया जा रहा है। डीसीओ शामली डॉक्टर अनिल भारती ने कहा कि शामली, ऊन व थानाभवन की गन्ना पर्चियों का प्रकाशन का काम कोर इंडिया मेरठ की कंपनी पर है। यह कंपनी मेरठ, बुलंदशहर, बुढ़ाना-मेरठ की समितियों की पर्चियों का प्रकाशन कर रहा है। ज्यादा काम होने से पर्चियों के प्रकाशन में समय लग रहा है। शामली समिति से अलग से कंप्यूटर लगाकर कार्य शुरू करने का सुझाव दिया। शामली गन्ना समिति में 174 गांवों में 22 गांवों के किसानों को कलेंडर वितरित कर दिए गए हैं। सात हजार मृतक किसान होने के कारण वारिसान के बांड चालू नहीं हो पाए हैं। 47 हजार 111 किसानों की गलतियों को संशोधित कर दिया गया। तीन हजार 953 उपज की बढ़ोत्तरी की गई है।
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गन्ना राज्य विकास मंत्री सुरेश राणा ने शामली डीसीओ शामली को अभियान चलाकर मृतकों के वारिसान के बांड बनाए जाने के निर्देश दिए। मंत्री ने चीनी मिलों की गन्ना पेराई की समीक्षा की गई। उन्होंने डीएम शामली अखिलेश कुमार सिंह को निर्देश दिए कि जिले की चीनी मिलों के यूनिट हैड की बैठक लेकर गन्ने की पेराई तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए। मौके पर मंडल के उपगन्ना आयुक्त डाक्टर दिवेश्वर मिश्र, डीएम अखिलेश कुमार सिंह, एसपी अजय कुमार सिंह, एडीएम केबी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन तरार, भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकुमार सहरावत, के अलावा मंडल के गन्ना विभाग के डीसीओ से लेकर सचिव, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक मौजूद रहे।