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अंजलि हंगरी में रुकी, दूतावास के संदेश का इंतजार

Thu, 03 Mar 2022 11:50 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 11:50 PM IST
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Anjali stayed in Hungary, waiting for the message of the embassy
कैराना निवासी अंजलि हंगरी की राजधानी से वीडियो कॉल पर अपने परिजनों से बात करते। - फोटो : SHAMLI
हंगरी में रुकी अंजलि, दूतावास के संदेश का इंतजार
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कैराना (शामली)। यूक्रेन की राजधानी कीव से चलकर एमबीबीएस की छात्रा अंजलि हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंच गई। जहां पर होटल में किराए पर कमरा लेकर अन्य छात्रों के साथ अंजलि दूतावास के संदेश का इंतजार कर रही है। परिवार को बेटी के जल्द घर वापस आने का इंतजार है।
अंजलि तीन दिन तक अन्य छात्रों के साथ ट्रेन व बस से सफर करने के बाद एक दिन पहले हंगरी देश की राजधानी बुडापेस्ट पहुंच गई थी। अंजलि के पिता बिट्टू ने बताया कि बेटी से रात दो बजे बात हुई थी। उसने बताया कि एक होटल में अपने पैसों से किराए पर कमरा लिया है। जहां पर वह रुके हुए हैं और सभी अपने पैसों से ही खाना खरीदकर खा रहे हैं। उसके ग्रुप के पांच छात्र उसके साथ ही हैं। भारतीय दूतावास ने फ्लाइट की कोई जानकारी अभी नहीं दी है। पैसे अब खत्म होते जा रहे हैं। कई दिन से ठीक से सो न पाने की वजह से उसके सिर में दर्द भी था।
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वहीं, कैराना क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी छात्र हिमांशु चौहान दो दिन पहले 30 छात्रों के साथ बस से हंगरी बॉर्डर के लिए आया था। यूनिवर्सिटी में एडमिशन कराने वाले एजेंट ने हिमांशु व अन्य छात्रों को बॉर्डर से पहले उजोगोर्डो यूनिवर्सिटी के एक हॉस्टल में रोक लिया था। उसके भाई रजत चौहान ने बताया कि अभी भी हिमांशु उसी हॉस्टल में है। पीछे से एक बस अन्य बच्चों को लेकर रात ही आ गई थी। जो छात्रों को लेकर सीधे हंगरी चली गई थी। जो अन्य 150 छात्र हॉस्टल में रुके हुए थे, उनको भी दूसरी बसों से हंगरी के लिए भिजवा दिया था। लेकिन हिमांशु सहित उसके साथ तीस छात्र अभी भी इसी हॉस्टल में हैं।
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500 रुपये में मिल रहा एक समय का खाना
छात्र हिमांशु चौहान ने बताया कि यहां पर 500 रुपये एक समय के खाने के लग रहें हैं। खाने पीने की व्यवस्था सही नहीं है। सफर करने व खाने पीने के कारण पैसे भी खत्म होते जा रहे हैं। जिस एजेंट ने यूनिवर्सिटी में एडमिशन कराया था। उसने छह हजार रुपये प्रति छात्र के हिसाब से हंगरी एयरपोर्ट पर लाने के लिए जमा करा लिए हैं। लेकिन बस नहीं आई है। जिस कारण छात्रों की परेशानी बढ़ती जा रही है। अंजलि और हिमांशु के परिजनों ने बताया कि डीएम जसजीत कौर, एसडीएम संदीप कुमार व तहसीलदार प्रियंका जायसवाल उनसे लगातार संपर्क कर रहे हैं। दोनों के बारे में पूरी जानकारी ले रहे हैं। वह भी प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि उनकी बेटी को जल्द घर पहुंचाया जाए।
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