फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Amount earned in lockdown is over

लॉकडाउन में कमाई गई रकम हो गई खत्म

Sat, 16 May 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2020 11:33 PM IST
विज्ञापन
Amount earned in lockdown is over
शामली के रोडवेज बस स्टेंड पर घर जाने की उम्मीद में बच्चे को लेकर बैठी महिला। - फोटो : SHAMLI
लॉकडाउन में कमाई गई रकम हो गई खत्म
विज्ञापन

रोहित अग्रवाल
शामली। परिवार कुशीनगर में रहता है। मां और दो छोटे भाई हैं। मां बीमार रहती है। घर के खर्चे के अलावा मां की दवाई और भाइयों की पढ़ाई का खर्चा भी वहीं भेजता है। मां के शहर में इलाज के लिए रुपये की जरूरत थी। 16 घंटे काम करके 14 हजार रुपये जोड़े थे, सोचा था कुछ दिन बाद 20 हजार होने पर मां को भेजूंगा, पर लॉकडाउन में काम बंद हो गया। आर्थिक तंगी के कारण हालात इतने बिगड़ गए कि मां के इलाज को जोड़ी गई रकम भी खत्म हो गई। अब घर जाने के सिवा कोई चारा ही नहीं बचा। अब तो गांव जाकर ही कुछ रोजगार देखेंगे।
शामली रोडवेज बस स्टैंड पर बस के इंतजार में बैठे कुशीनगर के कविंद चतुर्वेदी ने बताया कि वह पेंटर है। वह शामली में एक ठेकेदार के मार्फत रंगाई-पुताई का काम करता है। 23 मार्च से काम बंद हो गया। मां के इलाज को कुछ जोड़ा उसमें खाने पीने का सामान, 1100 रुपये मकान का किराया जाता रहा। अब जेब खाली हो गई, तो गांव जाने के लिए निकल गए।
विज्ञापन

देवरिया जिले के गांव परसिया भवती निवासी शत्रुघ्न पांडेय भी शामली रोडवेज बस स्टैंड पर बस के इंतजार में था। बताया कि वो पेंटर है। पिता की मौत हो चुकी है। घर में मां और छोटे भाई हैं। यहां पर महीने में 12000 तक कमा लेता है। हर महीने पांच हजार रुपये गांव में मां को भेजता है। घर भेजने के लिए 10 हजार रुपये जोड़े थे, लेकिन लॉकडाउन में काम बंद हो गया और जुड़ी रकम भी खत्म हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

छिन गई 10 परिवारों की रोजी-रोटी
झारखंड के जिला गदोहा निवासी हरी ने बताया कि उनके गांव के 10 लोग श्रमिक हैं। हरियाणा के भिवानी में सड़क बना रहे थे। कुछ दिन तो ठेकेदार ने मदद की, लेकिन अब उनसे भी असमर्थता जता दी है। उसके साथ गांव के ही प्रमोद, विकास आदि के परिवार के सदस्य लौट रहे थे। बताया कि गांव में हमारे बीवी बच्चे परेशान हैं और वे यहां बीच रास्ते में फंसे हैं। शामली रोडवेज बस स्टैंड पर बस के इंतजार में ये बैठे थे।

शामली रोडवेज स्टेंड पर बस की इंतजार में बैठा कामगार।

शामली रोडवेज स्टेंड पर बस की इंतजार में बैठा कामगार।- फोटो : SHAMLI

शामली बस स्टेंड पर बस की इंतजार में बैठे श्रमिक।

शामली बस स्टेंड पर बस की इंतजार में बैठे श्रमिक।- फोटो : SHAMLI

शामली रोडवेज बस स्टेंड पर बस की ओड लेकर छाए में बैठे श्रमिक।

शामली रोडवेज बस स्टेंड पर बस की ओड लेकर छाए में बैठे श्रमिक।- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed