कांधला। भारतीय किसान संघ की ओर से आयोजित गोष्ठी में रासायनिक खेती के स्थान पर पारंपरिक खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया गया।
शुक्रवार को मोहल्ला रायजादगान स्थित साहब सिंह सैनी के आवास पर आयोजित गोष्ठी में थानाभवन निवासी ठाकुर धर्मपाल सिंह ने कहा कि 1960 में भारतीय वातावरण और कृषि पद्धति में बड़ा फेरबदल हुआ है। उस समय जैविक खेती से किसान के साथ भारत का आम नागरिक स्वस्थ और खुशहाल था, लेकिन देश में बढ़ते रासायनिक प्रयोग से खेती पूरी तरह से प्रभावित हुई है। इसका प्रभाव आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ा है। देश में शुद्ध जलवायु वातावरण के लिए पारंपरिक खेती को बढ़ावा देना होगा। खेत में कीटनाशक छिड़काव के स्थान पर कीट रोधक दवाइयों का प्रयोग करना चाहिए। किसानों को गौ आधारित खेती का प्रयोग करना चाहिए। 50 बीघा खेती के लिए एक गाय के गोबर और मूत्र से खाद तैयार कर उस पर उन्नत फसल को प्राप्त किया जा सकता है। गोष्ठी में संघ के अखिल भारतीय सह जैविक प्रमुख ठाकुर धर्मपाल सिंह, शामली जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, जिला महामंत्री देशराज शर्मा, भारतीय किसान संघ के हरियाणा सह संगठन मंत्री सुंदर लाल सैनी, तरुण अग्रवाल, भालू सैनी, सोमपाल सैनी, सुभाष सैनी, सतबीर सिंह, देवीदास, जावेद, तसव्वर, हारूण आदि मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन सुंदर लाल सैनी ने किया।