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आसान दीनी मालूमात किताब का विमोचन
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:49 PM IST
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कैराना। नदवतुल उलेमा लखनऊ से संबद्ध दीनी शिक्षण संस्थान जामिअतुस्सादह में ‘आसान दीनी मालूमात’ नामक पुस्तक का विमोचन उलमा द्वारा किया गया। पुस्तक में इस्लाम धर्म के ताल्लुक से कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक बातों का उल्लेख किया गया है।
रविवार को कैराना में शामली रोड पर स्थित मदरसा में लेखक मौलाना सईद नदावी द्वारा लिखी गई पुस्तक आसान दीनी मालूमात के विमोचन के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। उसमें तहकीकात शरइया के निदेशक मौलाना इरफान साकिब कामसी ने कहा कि इस्लाम धर्म ने मानव जाति को जीवन जीने के लिए सीधे तौर पर निर्माता से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में इस्लाम तालीम आसान जुबान में पेश करने अम्बियाई विरासत धारकों का काम है। इसीलिए हर दौर में इस्लाम धर्म के विद्वान इस्लामी शिक्षा को आम और सादा जुबान में पेश करते रहे हैं। पुस्तक में अल्लाह अहद, निर्माता, राजिक, निगहबान, इस्लाम के सुतून, विश्वास, अल्लाह के फरिश्ते, अल्लाह के पैगंबर, शुद्धि, पानी, सत्यता, दयाभाव, वुजू, स्नान, मस्जिद के आदाब का अध्याय किया गया है। उक्त पुस्तक को कई मदरसों ने अपने पाठ्यक्रम में भी शामिल किया है। पुस्तक के लेखक मौलाना सईद नदवी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों तक बच्चों को सामाजिक कुरीतियों से बचाने तथा सही रास्ते पर लाने के लिए पुस्तक लिखी गई है। इस अवसर पर मदरसे का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
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रविवार को कैराना में शामली रोड पर स्थित मदरसा में लेखक मौलाना सईद नदावी द्वारा लिखी गई पुस्तक आसान दीनी मालूमात के विमोचन के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। उसमें तहकीकात शरइया के निदेशक मौलाना इरफान साकिब कामसी ने कहा कि इस्लाम धर्म ने मानव जाति को जीवन जीने के लिए सीधे तौर पर निर्माता से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में इस्लाम तालीम आसान जुबान में पेश करने अम्बियाई विरासत धारकों का काम है। इसीलिए हर दौर में इस्लाम धर्म के विद्वान इस्लामी शिक्षा को आम और सादा जुबान में पेश करते रहे हैं। पुस्तक में अल्लाह अहद, निर्माता, राजिक, निगहबान, इस्लाम के सुतून, विश्वास, अल्लाह के फरिश्ते, अल्लाह के पैगंबर, शुद्धि, पानी, सत्यता, दयाभाव, वुजू, स्नान, मस्जिद के आदाब का अध्याय किया गया है। उक्त पुस्तक को कई मदरसों ने अपने पाठ्यक्रम में भी शामिल किया है। पुस्तक के लेखक मौलाना सईद नदवी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों तक बच्चों को सामाजिक कुरीतियों से बचाने तथा सही रास्ते पर लाने के लिए पुस्तक लिखी गई है। इस अवसर पर मदरसे का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
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