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चार दिन से लापता किसान का शव कृष्णा नदी में मिला
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:22 AM IST
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कांधला।
चार दिन पूर्व खेत गए मतनावली के धर्मेंद्र का शव कृष्णा नदी में मिला। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने मुआवजे और नदी पर पुल बनाने के की मांग को लेकर हंगामा किया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव मतनावली निवासी किसान धर्मेंद्र सात नवंबर को घर से नदी पार स्थित अपने खेत सेे पशुओं के लिए चारा लेने गया था। परिजनों के अनुसार शाम तक वह घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश की गई। नदी पर स्थित एक अस्थाई पुल पर धर्मेंद्र की चप्पल पड़ी मिली। इससे उसके नदी में गिरने के आशंका को लेकर परिवार के लोगों ने पुलिस की मदद ली। मगर, नदी में अधिक पानी होने के कारण गोताखोरों को भी धर्मेंद्र का कोई सुराग नहीं लग पाया। बार-बार कहने के बाद भी गोताखोर के देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ रोष व्याप्त था। शुक्रवार को नदी का पानी कम होने पर धर्मेंद्र का शव ग्रामीणों को किनारे पर दिखाई दिया। शव नदी में मिलने की सूचना परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण वहां एकत्र हो गए। उधर, सूचना पर पहुंचे भाकियू नेता विनोद निर्वाल ने पुलिस की लापरवाही और नदी पर पुल नहीं होने की बात पर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को मुआवजे का आश्वासन देने के साथ ही पुल निर्माण के लिए शासन को लिखने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को नदी से निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नदी पर पुल बनवाने की मांग
कांधला। ग्रामीणों के अनुसार नदी के अस्थाई पुल से अपनी जान जोखिम में डालकर गांव के सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए नदी पार स्थित गांव लिसाढ में पढ़ने के लिए जाते है। नदी में पानी अधिक होने पर ये लोग विद्यालय भी नहीं पहुंच पाते है। इससे इनका भविष्य अंधकार में है। कई बार तो परीक्षा भी छूट जाती है। ग्रामीणों के अनुसार इससे पूर्व में इस पुल से नदी में गिरकर गांव निवासी राजेंद्र, भुल्लन के साथ कई पशुओं की मौत हो चुकी है।
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चार दिन पूर्व खेत गए मतनावली के धर्मेंद्र का शव कृष्णा नदी में मिला। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने मुआवजे और नदी पर पुल बनाने के की मांग को लेकर हंगामा किया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव मतनावली निवासी किसान धर्मेंद्र सात नवंबर को घर से नदी पार स्थित अपने खेत सेे पशुओं के लिए चारा लेने गया था। परिजनों के अनुसार शाम तक वह घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश की गई। नदी पर स्थित एक अस्थाई पुल पर धर्मेंद्र की चप्पल पड़ी मिली। इससे उसके नदी में गिरने के आशंका को लेकर परिवार के लोगों ने पुलिस की मदद ली। मगर, नदी में अधिक पानी होने के कारण गोताखोरों को भी धर्मेंद्र का कोई सुराग नहीं लग पाया। बार-बार कहने के बाद भी गोताखोर के देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ रोष व्याप्त था। शुक्रवार को नदी का पानी कम होने पर धर्मेंद्र का शव ग्रामीणों को किनारे पर दिखाई दिया। शव नदी में मिलने की सूचना परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण वहां एकत्र हो गए। उधर, सूचना पर पहुंचे भाकियू नेता विनोद निर्वाल ने पुलिस की लापरवाही और नदी पर पुल नहीं होने की बात पर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को मुआवजे का आश्वासन देने के साथ ही पुल निर्माण के लिए शासन को लिखने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को नदी से निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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नदी पर पुल बनवाने की मांग
कांधला। ग्रामीणों के अनुसार नदी के अस्थाई पुल से अपनी जान जोखिम में डालकर गांव के सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए नदी पार स्थित गांव लिसाढ में पढ़ने के लिए जाते है। नदी में पानी अधिक होने पर ये लोग विद्यालय भी नहीं पहुंच पाते है। इससे इनका भविष्य अंधकार में है। कई बार तो परीक्षा भी छूट जाती है। ग्रामीणों के अनुसार इससे पूर्व में इस पुल से नदी में गिरकर गांव निवासी राजेंद्र, भुल्लन के साथ कई पशुओं की मौत हो चुकी है।
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