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गरीब परिवार ने मकान तोडा, अब रह रहे खुले आसमान के नीचे
Updated Mon, 03 Dec 2018 11:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैराना। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों की पहली किश्त आने के बाद उन्होंने अपने कच्चे मकान तुड़वाकर योजना के अनुरूप नक्शे के आधार पर मकान निर्माण की नींव भरवा दी, लेकिन तीन महीने बाद भी दूसरी किश्त नहीं आई। पात्रों का कहना है कि पहले एक कमरा बनवाने को कहा गया था, लेकिन अब दूसरी किश्त के लिए एक ओर कमरे की नींव खुदवाने की शर्त रखी जा रही है। पात्र मुश्किल में हैं क्योंकि इतनी जगह उनके पास नहीं है। मजबूरन ये लोग खुली छत के नीचे रात बिताने को मजबूर हो गए हैं।
डूडा योजना में कैराना में ई श्रेणी में लगभग 500 परिवारों का चयन हुआ था। उक्त परिवारों को तीन माह पहले प्रशासन ने 50-50 हजार की पहली किस्त उनके खातों में भेजे थे। उन्हें सरकारी नक्शे दिए थे इसमें एक कमरा, एक रसोई और एक बाथरूम बनाना था। नक्शा आने के बाद पात्रों ने अपने कड़ियों के घर तोड़कर नक्शों के आधार पर नींव भरवा ली और दूसरी किश्त आने का इंतजार करने लगे लेकिन तीन माह बाद भी दूसरी किश्त ना आने से ये परिवार मुश्किल में हैं। खुद का मकान तोड़ने की वजह ये अब कुछ परिवार तो किराये के मकानों में रह रहे हैं ओर कुछ उसी टूटे मकान में तिरपाल डाल कर सर्दी के बावजूद खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं।
केस एक
कस्बे के वार्ड संख्या-3 मोहल्ला आल खुर्द हासिम रिक्शा चलाने का काम करता है। हासिम की पत्नी शहजादी ने बताया कि तीन माह पूर्व पहली किस्त आने के बाद नक्शे के आधार पर एक कमरे की नीव भरवा दी गई थी। अब अधिकारी कह रहे है कि दूसरे कमरे की नीव भी भरवाओ उसके बाद ही दूसरी किस्त दी जायेगी।
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केस दो
आल खुर्द मोहल्ले में ही रहने वाली अकबरी ने बताया कि छह लड़कियां और चार लड़कों के साथ वह खुले में रह रही है। उसके पास सरकारी नक्शा है, लेकिन अब कहा जा रहा है कि दो कमरों की नींव भरवाओ नहीं तो दूसरी किश्त नहीं मिलेगी। उसके पास दूसरा कमरा बनवाने लायक जमीन नहीं है। इससे अच्छा तो वो अपना पुराना मकान ही नहीं तोड़ते।
केस तीन
मजदूरी करके अपनी पत्नी और चार बच्चों का पेट भरने वाले मुन्तियाज निवासी आल खुर्द अपने मकान से दुर किसी परिचित के घेर में तिरपाल डाल कर रह रहा है। मुन्तियाज ने बताया कि उसके पास एक कमरे का मकान था। नक्शे में भी एक ही कमरा, रसोई व बाथरूम बनाना था। अब कहा जा रहा है कि दो कमरे बनाओ। इसी मोहल्ले में रहने वाली फरमूदा के पास भी चार बच्चे हैं। पति भी चल बसे हैं। बताया कि पहली किस्त आने के बाद पुराना मकान तोड़ दिया, लेकिन दूसरी किश्त नहीं आने के कारण वो रहने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं।
ओर भी परिवार हैं परेशान
इसके अलावा इसी मोहल्ले में रहने वाले जुलफान, मुस्तफा, नत्थूराम, किशनी, धर्मपाल सहित कस्बे के कई परिवार इसी तरह परेशान हैं। जनप्रतिनिधियों के यहां जाकर जानकारी ले रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा।
रोज आकर पूछते हैं लोग : सभासद
वार्ड-3 के सभासद मुरसलीन ने बताया कि प्रतिदिन लोग उसके घर पर आकर पूछते है कि दूसरी किस्त कब तक आएगी। अधिकारी कहते है कि पहले दूसरे कमरे की नींव भरवा दो। अगर दो ही कमरे बनाने थे तो पहले नक्शे में बताना चाहिए था।
उनकी एक नवंबर को ही शामली में पोस्टिंग हुई है। उन्होंने अपने स्तर पर दोबारा जांच कराई है। अब दो तीन दिन में वो फाइल पूरी करके नियमानुसार पात्रों की किस्त जारी कराने की कार्रवाई करेंगे। - रमेश कौशिक परियोजना अधिकारी डूडा
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कैराना। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों की पहली किश्त आने के बाद उन्होंने अपने कच्चे मकान तुड़वाकर योजना के अनुरूप नक्शे के आधार पर मकान निर्माण की नींव भरवा दी, लेकिन तीन महीने बाद भी दूसरी किश्त नहीं आई। पात्रों का कहना है कि पहले एक कमरा बनवाने को कहा गया था, लेकिन अब दूसरी किश्त के लिए एक ओर कमरे की नींव खुदवाने की शर्त रखी जा रही है। पात्र मुश्किल में हैं क्योंकि इतनी जगह उनके पास नहीं है। मजबूरन ये लोग खुली छत के नीचे रात बिताने को मजबूर हो गए हैं।
डूडा योजना में कैराना में ई श्रेणी में लगभग 500 परिवारों का चयन हुआ था। उक्त परिवारों को तीन माह पहले प्रशासन ने 50-50 हजार की पहली किस्त उनके खातों में भेजे थे। उन्हें सरकारी नक्शे दिए थे इसमें एक कमरा, एक रसोई और एक बाथरूम बनाना था। नक्शा आने के बाद पात्रों ने अपने कड़ियों के घर तोड़कर नक्शों के आधार पर नींव भरवा ली और दूसरी किश्त आने का इंतजार करने लगे लेकिन तीन माह बाद भी दूसरी किश्त ना आने से ये परिवार मुश्किल में हैं। खुद का मकान तोड़ने की वजह ये अब कुछ परिवार तो किराये के मकानों में रह रहे हैं ओर कुछ उसी टूटे मकान में तिरपाल डाल कर सर्दी के बावजूद खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं।
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केस एक
कस्बे के वार्ड संख्या-3 मोहल्ला आल खुर्द हासिम रिक्शा चलाने का काम करता है। हासिम की पत्नी शहजादी ने बताया कि तीन माह पूर्व पहली किस्त आने के बाद नक्शे के आधार पर एक कमरे की नीव भरवा दी गई थी। अब अधिकारी कह रहे है कि दूसरे कमरे की नीव भी भरवाओ उसके बाद ही दूसरी किस्त दी जायेगी।
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केस दो
आल खुर्द मोहल्ले में ही रहने वाली अकबरी ने बताया कि छह लड़कियां और चार लड़कों के साथ वह खुले में रह रही है। उसके पास सरकारी नक्शा है, लेकिन अब कहा जा रहा है कि दो कमरों की नींव भरवाओ नहीं तो दूसरी किश्त नहीं मिलेगी। उसके पास दूसरा कमरा बनवाने लायक जमीन नहीं है। इससे अच्छा तो वो अपना पुराना मकान ही नहीं तोड़ते।
केस तीन
मजदूरी करके अपनी पत्नी और चार बच्चों का पेट भरने वाले मुन्तियाज निवासी आल खुर्द अपने मकान से दुर किसी परिचित के घेर में तिरपाल डाल कर रह रहा है। मुन्तियाज ने बताया कि उसके पास एक कमरे का मकान था। नक्शे में भी एक ही कमरा, रसोई व बाथरूम बनाना था। अब कहा जा रहा है कि दो कमरे बनाओ। इसी मोहल्ले में रहने वाली फरमूदा के पास भी चार बच्चे हैं। पति भी चल बसे हैं। बताया कि पहली किस्त आने के बाद पुराना मकान तोड़ दिया, लेकिन दूसरी किश्त नहीं आने के कारण वो रहने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं।
ओर भी परिवार हैं परेशान
इसके अलावा इसी मोहल्ले में रहने वाले जुलफान, मुस्तफा, नत्थूराम, किशनी, धर्मपाल सहित कस्बे के कई परिवार इसी तरह परेशान हैं। जनप्रतिनिधियों के यहां जाकर जानकारी ले रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा।
रोज आकर पूछते हैं लोग : सभासद
वार्ड-3 के सभासद मुरसलीन ने बताया कि प्रतिदिन लोग उसके घर पर आकर पूछते है कि दूसरी किस्त कब तक आएगी। अधिकारी कहते है कि पहले दूसरे कमरे की नींव भरवा दो। अगर दो ही कमरे बनाने थे तो पहले नक्शे में बताना चाहिए था।
उनकी एक नवंबर को ही शामली में पोस्टिंग हुई है। उन्होंने अपने स्तर पर दोबारा जांच कराई है। अब दो तीन दिन में वो फाइल पूरी करके नियमानुसार पात्रों की किस्त जारी कराने की कार्रवाई करेंगे। - रमेश कौशिक परियोजना अधिकारी डूडा