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शामली अस्पताल से बिना दूध पिए घर लौट गई गर्भवती महिलाएं
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:00 AM IST
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शामली। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में हर माह की नौ तारीख को सरकारी अस्पताल में जांच कराने के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा दूध या अन्य पौष्टिक आहार देना तय है। मगर सीएचसी में पूर्व की भांति महिलाएं बिना दूूध और षौष्टिक आहार लिए लौट रही हैं।
शनिवार को पूरे जिले में नौ तारीख को एचआरपी-डे यानी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी-डे के रूप में मनाया गया। जिला अस्पताल के रूप में काम कर रही सीएचसी शामली में भी शनिवार को 62 गर्भवती महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। इनमें से 50 से अधिक महिलाएं बिना पोषाहार लिए ही लौट गईं। गर्भवती महिला आसमा ने बताया कि उनको कुछ नहीं दिया गया। इसके अलावा कविता, शाहिदा आदि महिलाओं ने भी पोषाहार मिलने से मना किया। हालांकि जिन कुछ महिलाओं को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनको स्वयं चिकित्साधीक्षक ने दूध का वितरण किया। उधर, डॉ. सुशील एसीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख केे प्रत्येक गर्भवती महिला अपनी जांच कराती है तो उसको पोषाहार निशुल्क वितरित किया जाएगा। सभी सीएचसी प्रभारियों को आदेश दिया गया है।
क्या है नियम...
सरकारी अस्पताल में हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का विशेेष चेकअप अभियान चलाया जाता है। इस सीएचसी में आकर अपनी जांच कराने वाली हर गर्भवती महिला को पोषाहार दिया जाता है। इसके लिए सरकार द्वारा हर अस्पताल प्रबंधन को दो हजार रुपये दिए जाते हैं। जिसे वह महिलाओं की संख्या के आधार पर पौष्टिक आहार खरीद कर वितरित कर सके।
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एचआरपी-डे पर जिस महिला को अस्पताल में भर्ती किया जाता है, केवल उसी महिला को पौष्टिक आहार या फिर दूध दिया जाता है, सभी गर्भवती महिलाओं को दूध देने का प्रावधान नहीं है। - डॉ. रमेश चंद्रा चिकित्साधीक्षक
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शनिवार को पूरे जिले में नौ तारीख को एचआरपी-डे यानी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी-डे के रूप में मनाया गया। जिला अस्पताल के रूप में काम कर रही सीएचसी शामली में भी शनिवार को 62 गर्भवती महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। इनमें से 50 से अधिक महिलाएं बिना पोषाहार लिए ही लौट गईं। गर्भवती महिला आसमा ने बताया कि उनको कुछ नहीं दिया गया। इसके अलावा कविता, शाहिदा आदि महिलाओं ने भी पोषाहार मिलने से मना किया। हालांकि जिन कुछ महिलाओं को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनको स्वयं चिकित्साधीक्षक ने दूध का वितरण किया। उधर, डॉ. सुशील एसीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख केे प्रत्येक गर्भवती महिला अपनी जांच कराती है तो उसको पोषाहार निशुल्क वितरित किया जाएगा। सभी सीएचसी प्रभारियों को आदेश दिया गया है।
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क्या है नियम...
सरकारी अस्पताल में हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का विशेेष चेकअप अभियान चलाया जाता है। इस सीएचसी में आकर अपनी जांच कराने वाली हर गर्भवती महिला को पोषाहार दिया जाता है। इसके लिए सरकार द्वारा हर अस्पताल प्रबंधन को दो हजार रुपये दिए जाते हैं। जिसे वह महिलाओं की संख्या के आधार पर पौष्टिक आहार खरीद कर वितरित कर सके।
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एचआरपी-डे पर जिस महिला को अस्पताल में भर्ती किया जाता है, केवल उसी महिला को पौष्टिक आहार या फिर दूध दिया जाता है, सभी गर्भवती महिलाओं को दूध देने का प्रावधान नहीं है। - डॉ. रमेश चंद्रा चिकित्साधीक्षक