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रेलवे और रोडवेज की आय पर 25 फीसदी असर
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शामली। अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के शनिवार को आए फैसले का असर रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डों पर भी दिखाई दिया। एहतियात के तौर पर रोजाना की अपेक्षा ट्रेनों और बसों में भीड़ कम रही। इससे रेलवे और रोडवेज की प्रतिदिन की आय में 25 फीसदी की गिरावट आई। इसके अलावा डीजल-पेट्रोल की बिक्री भी प्रभावित हुई।
अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के मद्देनजर शनिवार को सड़कों पर भीड़ कम दिखाई दी।ग्रामीण अंचलों के लोग भी शहर केवल जरूरी काम से ही आए। यहीं वजह रही कि शहर के बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन की अपेक्षा रौनक कम रही। शामली रोडवेज बस अड्डे के अधीक्षक राजेंद्र चौहान ने बताया कि प्रतिदिन की अपेक्षा शनिवार को सवारियां कम निकलने से 25 फीसदी आय पर असर पड़ा। शामली रोडवेज डिपो की 22 रोडवेज बसों से प्रतिदिन दो लाख 75 हजार रुपये की आय है। कम सवारिया निकलने से 25 प्रतिशत असर हुआ। मुजफ्फरनगर-शामली, कैराना, ऊन चौसाना, बिड़ौली मार्ग के यूनियन के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह का कहना है कि जिले के विभिन्न मार्गों पर 89 प्राइवेट बसें चलती है। अयोध्या प्रकरण में फैसला आने के मद्देनजर प्रतिदिन की अपेक्षा कम शनिवार को कम बसें ही चल पाई है। प्राइवेट बसों के नंबर कटवाने पड़े है। प्राइवेट बसों के नंबर कटने से आय प्रभावित हुई है। कम बसों के संचालन होने से तीस प्रतिशत आय पर असर पड़ा है। उत्तर रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान का कहना है कि रोजाना की अपेक्षा शनिवार को ट्रेनों में कम सवारियां निकली है।
डीजल-पेट्रोल की बिक्री पर बिक्री प्रभावित
शामली। जिले में 23 डीजल-पेट्रोल पंप है। अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के मद्देनजर प्रतिदिन की अपेक्षा शनिवार को अपेक्षाकृत हलके व भारी वाहन सड़कों पर कम गुजरे। इससे पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर प्रभावित हुई है। दिल्ली रोड स्थित शामली सर्विस स्टेशन के सेल्समैन कंवर पाल कश्यप के मुताबिक प्रतिदिन उनके पेट्रोल पंप से आठ हजार लीटर डीजल और पेट्रोल की बिक्री होती थी। शनिवार को 3500 लीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री ही हो पाई है। जिला पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के जिला महासचिव सूर्यवीर सिंह का कहना है कि शनिवार को हलके भारी वाहनों की कमी तो आई है, मगर पेट्रोल व डीजल की बिक्री पर मामूली असर पड़ा है।
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अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के मद्देनजर शनिवार को सड़कों पर भीड़ कम दिखाई दी।ग्रामीण अंचलों के लोग भी शहर केवल जरूरी काम से ही आए। यहीं वजह रही कि शहर के बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन की अपेक्षा रौनक कम रही। शामली रोडवेज बस अड्डे के अधीक्षक राजेंद्र चौहान ने बताया कि प्रतिदिन की अपेक्षा शनिवार को सवारियां कम निकलने से 25 फीसदी आय पर असर पड़ा। शामली रोडवेज डिपो की 22 रोडवेज बसों से प्रतिदिन दो लाख 75 हजार रुपये की आय है। कम सवारिया निकलने से 25 प्रतिशत असर हुआ। मुजफ्फरनगर-शामली, कैराना, ऊन चौसाना, बिड़ौली मार्ग के यूनियन के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह का कहना है कि जिले के विभिन्न मार्गों पर 89 प्राइवेट बसें चलती है। अयोध्या प्रकरण में फैसला आने के मद्देनजर प्रतिदिन की अपेक्षा कम शनिवार को कम बसें ही चल पाई है। प्राइवेट बसों के नंबर कटवाने पड़े है। प्राइवेट बसों के नंबर कटने से आय प्रभावित हुई है। कम बसों के संचालन होने से तीस प्रतिशत आय पर असर पड़ा है। उत्तर रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान का कहना है कि रोजाना की अपेक्षा शनिवार को ट्रेनों में कम सवारियां निकली है।
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डीजल-पेट्रोल की बिक्री पर बिक्री प्रभावित
शामली। जिले में 23 डीजल-पेट्रोल पंप है। अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के मद्देनजर प्रतिदिन की अपेक्षा शनिवार को अपेक्षाकृत हलके व भारी वाहन सड़कों पर कम गुजरे। इससे पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर प्रभावित हुई है। दिल्ली रोड स्थित शामली सर्विस स्टेशन के सेल्समैन कंवर पाल कश्यप के मुताबिक प्रतिदिन उनके पेट्रोल पंप से आठ हजार लीटर डीजल और पेट्रोल की बिक्री होती थी। शनिवार को 3500 लीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री ही हो पाई है। जिला पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के जिला महासचिव सूर्यवीर सिंह का कहना है कि शनिवार को हलके भारी वाहनों की कमी तो आई है, मगर पेट्रोल व डीजल की बिक्री पर मामूली असर पड़ा है।
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