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एंटी भूमाफिया अभियान की हवा निकाल रहे अधिकारी
Updated Sat, 23 Sep 2017 12:44 AM IST
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एंटी भूमाफिया अभियान में गंभीर नहीं अधिकारी
शामली। शासन की सख्ती के बावजूद एंटी भूमाफिया अभियान को लेकर अधिकारी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। अभियान के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कई विभागों की ढीली प्रगति पर नाराजगी जताई। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में एंटी भूमाफिया अभियान के तहत टास्क फोर्स द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि प्रत्येक विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि चिह्नित अवैध कब्जों को हटवाने में गंभीरता बरतें। उसके लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। जिले के तीनों एसडीएम को निर्देश दिया कि वह नियमित रूप से इस अभियान की समीक्षा करेंगे। यदि किसी विभाग की तरफ से अवैध कब्जे हटवाने में रुचि नहीं ली जा रही है, तो उस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
वहीं, विभागवार समीक्षा करते हुए बताया गया कि सिंचाई विभाग द्वारा अवैध कब्जा करने वालों की सूची ही उपलब्ध नहीं कराई है और न कोई कार्रवाई हुई है, जबकि सिंचाई विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतें होती रहती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग को पत्र भेजा जाए। बताया गया कि शामली तहसील क्षेत्र में 377 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे पूर्व में चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 46 हेक्टेयर से कब्जे हटवाए जा चुके हैं। कैराना तहसील क्षेत्र में 204 हेक्टेयर भूमि पर कब्जे चिह्नित किए गए, जिनमें से 73 हेक्टेयर और ऊन तहसील क्षेत्र में 361 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे हैं, जिनमें से 25 हेक्टेयर से कब्जे हटाए गए। जिला पंचायत ने छह और जिला पंचायत राज विभाग ने 18 अवैध कब्जे चिह्नित किए। नगर पालिका परिषद शामली द्वारा कोई अवैध कब्जा चिह्नित नहीं किया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भूमाफिया के लिए राज्य स्तरीय पोर्टल बनाया है, जिसमें भूमाफिया के नाम दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने सभी 41 विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिह्नित अवैध कब्जे हटवाने और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नियमित निगरानी की जाए। बैठक में एसडीएम सदर सुरजीत सिंह, दुष्यंत मोर्य, विजय प्रकाश तिवारी, तहसीलदार सदर राकेश त्यागी, जिला पंचायत राज अधिकारी नरेश कुमार, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुभाष चंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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शामली। शासन की सख्ती के बावजूद एंटी भूमाफिया अभियान को लेकर अधिकारी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। अभियान के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कई विभागों की ढीली प्रगति पर नाराजगी जताई। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में एंटी भूमाफिया अभियान के तहत टास्क फोर्स द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि प्रत्येक विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि चिह्नित अवैध कब्जों को हटवाने में गंभीरता बरतें। उसके लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। जिले के तीनों एसडीएम को निर्देश दिया कि वह नियमित रूप से इस अभियान की समीक्षा करेंगे। यदि किसी विभाग की तरफ से अवैध कब्जे हटवाने में रुचि नहीं ली जा रही है, तो उस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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वहीं, विभागवार समीक्षा करते हुए बताया गया कि सिंचाई विभाग द्वारा अवैध कब्जा करने वालों की सूची ही उपलब्ध नहीं कराई है और न कोई कार्रवाई हुई है, जबकि सिंचाई विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतें होती रहती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग को पत्र भेजा जाए। बताया गया कि शामली तहसील क्षेत्र में 377 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे पूर्व में चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 46 हेक्टेयर से कब्जे हटवाए जा चुके हैं। कैराना तहसील क्षेत्र में 204 हेक्टेयर भूमि पर कब्जे चिह्नित किए गए, जिनमें से 73 हेक्टेयर और ऊन तहसील क्षेत्र में 361 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे हैं, जिनमें से 25 हेक्टेयर से कब्जे हटाए गए। जिला पंचायत ने छह और जिला पंचायत राज विभाग ने 18 अवैध कब्जे चिह्नित किए। नगर पालिका परिषद शामली द्वारा कोई अवैध कब्जा चिह्नित नहीं किया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भूमाफिया के लिए राज्य स्तरीय पोर्टल बनाया है, जिसमें भूमाफिया के नाम दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने सभी 41 विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिह्नित अवैध कब्जे हटवाने और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नियमित निगरानी की जाए। बैठक में एसडीएम सदर सुरजीत सिंह, दुष्यंत मोर्य, विजय प्रकाश तिवारी, तहसीलदार सदर राकेश त्यागी, जिला पंचायत राज अधिकारी नरेश कुमार, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुभाष चंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।