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शतरंज से होगा विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास

Fri, 10 May 2019 11:23 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 May 2019 11:23 PM IST
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शतरंज से होगा विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास
अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। परिषदीय विद्यालयों में अब हर रोज पढ़ाई के साथ एक पीरियड खेल का अनिवार्य होगा। विद्यालयों में खेल सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शासन ने बजट में बढ़ोत्तरी कर पांच हजार से 25 हजार रुपये कर दिया गया है। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बौद्धिक विकास के लिए शतरंज का खेल अनिवार्य किया गया है।
कैराना क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में 75 प्राथमिक और 45 जूनियर हाईस्कूल हैं, जबकि नगर क्षेत्र में 12 प्राथमिक और एक जूनियर हाईस्कूल है। खंड शिक्षा अधिकारी राज लक्ष्मी पांडे ने बताया कि शासन ने इस शैक्षिक सत्र में छात्र-छात्राओं के शारीरिक विकास के लिए शिक्षा के साथ खेल का एक पीरियड अनिवार्य कर दिया है। अभी तक सिर्फ सप्ताह में एक दिन शनिवार को विद्यार्थियों के लिए खेल का पीरियड होता था। जिन विद्यालयों के परिसर बड़े है, वहां पर फुटबॉल और वॉलीबाल के खेल होंगे। जिन विद्यालयों में परिसर छोटे हैं, वहां पर खेल के छोटे सामान खिलौने आदि उपलब्ध कराएं जाएंगे। खंड शिक्षा अधिकारी के मुताबिक जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या मानक के अनुसार है, उन्हीं में से खेल में रुचि रखने वाले शिक्षक को बच्चों को खेल की जिम्मेदारी दी जाएगी। जहां शिक्षकों की कमी है, उन विद्यालयों में खेल के लिए नए शिक्षक तैनात किए जाएंगे।
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शतरंज का खेल हर विद्यालय में रहेगा, ताकि छात्र-छात्राओं का बौद्धिक विकास हो सके। इस संबंध में एसडीएम डॉक्टर अमित पाल शर्मा ने बताया कि पहले प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में बजट के केवल पांच हजार रुपये आते थे। शासन ने इस बार बजट बढ़ा दिया है। जिन स्कूलों में 100 से कम विद्यार्थी हैं उस स्कूल में साढ़े 12 हजार का बजट आया और जहां 100 से अधिक बच्चे हैं, उन स्कूलों में 25 हजार का सालाना बजट आया है। इस बजट से पांच हजार रुपये छात्र-छात्राओं के खेलकूद के सामान खरीदे जाएंगे। बाकी बजट का इस्तेमाल स्कूल में पंखे लगाने, पुताई करने व पेयजल व्यवस्था आदि पर खर्च किया जाएगा। छात्र-छात्राओं में बौद्धिक विकास करने के लिए प्रत्येक स्कूल में शतरंज का खेल सिखाया जाएगा ताकि वे मानसिक रूप से शक्तिशाली बने। साथ ही प्रत्येक स्कूल में अलग से एक पीरियड की व्यवस्था कराई जा रही है, जिसमें बच्चे खेलकूद का आनंद ले सकेंगे।
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