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शुगर मिल चलते ही जाम हो गया शहर
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का धरना खत्म होने के बाद सोमवार को शामली शुगर मिल चालू हुई। 12 दिन बाद मिल के चालू होते ही गन्ने के वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिससे शहर पूरी तरह जाम हो गया और यातायात व्यवस्था भी कई घंटे बाधित रही।
शामली शुगर मिल पर बीते और वर्तमान सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से नाराज किसानों ने 16 जनवरी की रात को शामली शुगर मिल को बंद करा दिया था। उन्होंने मिल परिसर में ही धरना दिया। प्रदेश के गन्ना मंत्री के प्रयासों के बाद शनिवार शाम डीएम और धरनारत किसानों की 11 सदस्य कमेटी में वार्ता के बाद सहमति बनी। डीएम और एसपी ने धरनारत किसानों के बीच जाकर इसकी जानकारी दी। जिसके बाद किसानों ने धरना स्थगित किया। रविवार देर रात मिल अधिकारियों ने सोमवार दोपहर तक मिल चलाने का निर्णय लिया था। उधर, मंगलवार से मिल चलने की जानकारी पर गन्ना किसान अपने गन्ने के वाहन लेकर शुगर मिल पहुंचने लगे। सुबह दस बजे तक पूरा मिल रोड जाम हो गया। दोपहर दो बजे तक एमएसके रोड, वीवी इंटर कॉलेज रोड पर भी जाम लग गया। सड़क के एक तरफ गन्ने के वाहन लगे थे और दूसरी तरफ से ट्रैफिक को निकाला गया। जिससे जाम के हालात बन गए।
स्कूलों की छुट्टी पर बढ़ी समस्या
किसानों ने मार्ग के दोनों तरफ भी गन्ने के वाहन खड़े कर दिए जिसके चलते जाम स्थिति और गहरा गई। इसी दौरान स्कूलों में अवकाश होने के बाद स्कूली वाहनों की भीड़ भी सड़क पर बढ़ गई। दोपहर में दो से साढ़े तीन बजे तक काफी समस्या बनी रही। बाद में अग्रसेन पार्क तिराहे पर शुगर मिल के सिक्योरिटी गार्ड और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने व्यवस्था बनाई।
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बाजारों में भी लगता रहा जाम
जाम के कारण लोगों ने एसएसके रोड से भिक्की मोड़, नाला पटरी, नया बाजार बड़ा बाजार की ओर से अपनी बाइक स्कूटी, आदि दुपहिया वाहन निकालने शुरू कर दिए। जिससे यहां भी जाम लगने लगा। ई रिक्शा वाले भी यहीं से निकलने लगे तो बाजारों में रुक रुक कर जाम लगता रहा।
मिल चलवाने को कई घंटे हुई मशक्कत
शनिवार को धरना खत्म होने के बाद किसानों को उंमीद थी कि रविवार को मिल चल जाएगी। लेकिन मिल प्रबंधन ने मिल चालू नहीं की। प्रबंधन अपने अफसरों पर दर्ज मुुकदमा और शासन से जारी आरसी वापसी का दबाव बनाने का प्रयास किया। रविवार शाम तक भी मिल नहीं चली तो प्रशासन सक्रिय हुआ। मामला प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा तक पहुंचा। मंत्री खुद सक्रिय हुए। रविवार रात तक मंत्री, डीएम, गन्ना अफसरों और मिल अफसरों के बीच वार्तालाप चलता रहा। मंत्री ने कहा कि हर हाल में सोमवार को मिल चलनी चाहिए। इसके बाद देर रात मिल प्रबंधन दोपहर तक मिल चलाने को राजी हुआ।
नया इंडेंट जारी नहीं
शुगर मिल के जीएम केन कुलदीप पिलानिया ने बताया कि मिल कई दिन से बंद थी। इसलिए सफाई आदि कार्य और तकनीकी कार्य की वजह से मिल चलाने में वक्त लगा। सोमवार दोपहर 11 बजे मिल चल गई थी। करीब 1.80 लाख क्विंटल गन्ने का इंडेंट पूर्व में ही मिल द्वारा जारी किया जा चुका है। लेकिन मिल बंद होने की वजह से किसान उस गन्ने को नहीं ला सके थे। मिल चलने पर अब यह गन्ना आ रहा है। इस वजह से थोड़ा जाम रहा। इसी वजह से मिल ने अभी नया इंडेंट जारी नहीं किया है। ये गन्ना आने के बाद स्थिति को देखते हुए एक दो दिन बाद ही नया इंडेंट जारी किया जाएगा।
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शामली। गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का धरना खत्म होने के बाद सोमवार को शामली शुगर मिल चालू हुई। 12 दिन बाद मिल के चालू होते ही गन्ने के वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिससे शहर पूरी तरह जाम हो गया और यातायात व्यवस्था भी कई घंटे बाधित रही।
शामली शुगर मिल पर बीते और वर्तमान सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से नाराज किसानों ने 16 जनवरी की रात को शामली शुगर मिल को बंद करा दिया था। उन्होंने मिल परिसर में ही धरना दिया। प्रदेश के गन्ना मंत्री के प्रयासों के बाद शनिवार शाम डीएम और धरनारत किसानों की 11 सदस्य कमेटी में वार्ता के बाद सहमति बनी। डीएम और एसपी ने धरनारत किसानों के बीच जाकर इसकी जानकारी दी। जिसके बाद किसानों ने धरना स्थगित किया। रविवार देर रात मिल अधिकारियों ने सोमवार दोपहर तक मिल चलाने का निर्णय लिया था। उधर, मंगलवार से मिल चलने की जानकारी पर गन्ना किसान अपने गन्ने के वाहन लेकर शुगर मिल पहुंचने लगे। सुबह दस बजे तक पूरा मिल रोड जाम हो गया। दोपहर दो बजे तक एमएसके रोड, वीवी इंटर कॉलेज रोड पर भी जाम लग गया। सड़क के एक तरफ गन्ने के वाहन लगे थे और दूसरी तरफ से ट्रैफिक को निकाला गया। जिससे जाम के हालात बन गए।
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स्कूलों की छुट्टी पर बढ़ी समस्या
किसानों ने मार्ग के दोनों तरफ भी गन्ने के वाहन खड़े कर दिए जिसके चलते जाम स्थिति और गहरा गई। इसी दौरान स्कूलों में अवकाश होने के बाद स्कूली वाहनों की भीड़ भी सड़क पर बढ़ गई। दोपहर में दो से साढ़े तीन बजे तक काफी समस्या बनी रही। बाद में अग्रसेन पार्क तिराहे पर शुगर मिल के सिक्योरिटी गार्ड और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने व्यवस्था बनाई।
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बाजारों में भी लगता रहा जाम
जाम के कारण लोगों ने एसएसके रोड से भिक्की मोड़, नाला पटरी, नया बाजार बड़ा बाजार की ओर से अपनी बाइक स्कूटी, आदि दुपहिया वाहन निकालने शुरू कर दिए। जिससे यहां भी जाम लगने लगा। ई रिक्शा वाले भी यहीं से निकलने लगे तो बाजारों में रुक रुक कर जाम लगता रहा।
मिल चलवाने को कई घंटे हुई मशक्कत
शनिवार को धरना खत्म होने के बाद किसानों को उंमीद थी कि रविवार को मिल चल जाएगी। लेकिन मिल प्रबंधन ने मिल चालू नहीं की। प्रबंधन अपने अफसरों पर दर्ज मुुकदमा और शासन से जारी आरसी वापसी का दबाव बनाने का प्रयास किया। रविवार शाम तक भी मिल नहीं चली तो प्रशासन सक्रिय हुआ। मामला प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा तक पहुंचा। मंत्री खुद सक्रिय हुए। रविवार रात तक मंत्री, डीएम, गन्ना अफसरों और मिल अफसरों के बीच वार्तालाप चलता रहा। मंत्री ने कहा कि हर हाल में सोमवार को मिल चलनी चाहिए। इसके बाद देर रात मिल प्रबंधन दोपहर तक मिल चलाने को राजी हुआ।
नया इंडेंट जारी नहीं
शुगर मिल के जीएम केन कुलदीप पिलानिया ने बताया कि मिल कई दिन से बंद थी। इसलिए सफाई आदि कार्य और तकनीकी कार्य की वजह से मिल चलाने में वक्त लगा। सोमवार दोपहर 11 बजे मिल चल गई थी। करीब 1.80 लाख क्विंटल गन्ने का इंडेंट पूर्व में ही मिल द्वारा जारी किया जा चुका है। लेकिन मिल बंद होने की वजह से किसान उस गन्ने को नहीं ला सके थे। मिल चलने पर अब यह गन्ना आ रहा है। इस वजह से थोड़ा जाम रहा। इसी वजह से मिल ने अभी नया इंडेंट जारी नहीं किया है। ये गन्ना आने के बाद स्थिति को देखते हुए एक दो दिन बाद ही नया इंडेंट जारी किया जाएगा।