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मिल पर चल रहे धरने को एसडीएम और सीओ ने कराया समाप्त
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:06 AM IST
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वादे पर किसानों का धरना खत्म
झिंझाना (शामली)। ऊन शुगर मिल में गन्ना तौल को लेकर तीन दिनों से चल रहे विवाद पर विराम लग गया। बृहस्पतिवार को पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए एसडीएम व सीओ कैराना ने पहुंचकर मिल में पेराई शुरू कराई है। किसानों को समझा कर धरने को समाप्त कराया है।
सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड ऊन में पिछले तीन दिनों से किसान ललित निवासी ऊन की गन्ने से भरी ट्राली को लेकर चल रहे विवाद में बृहस्पतिवार को प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए समाप्त करा दिया। उपजिलाधिकारी दुष्यंत मौर्य व सीओ कैराना राजेश तिवारी ने मय फोर्स के ऊन मिल में पहुंचकर मिल प्रबंधन को पेराई शुरू कराने को कहा। इस पर मिल प्रबंधन ने पेराई शुरू कर दी। उपजिलाधिकारी ने विवादित गन्ने की ट्राली को भी तुलवा दिया। वही नामजद किसान के हिरासत में लिए गए परिजन को भी थाने से छुड़वा दिया। जैसे ही मिल शुरू होने की जानकारी किसानों को हुई तो किसान मिल के गेट पर पहुंच गए। मिल अधिकारियों को अपने बीच बुलाने व मुकदमा खत्म कराने की मांग पर अड़ गए। इस पर काफी देर तक किसानों व अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। बाद में धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें विश्वास में लिए बगैर मिल को चालू कराया है। इसे बंद करो। इस पर मिल प्रबंधन ने उनकी बात मानते हुए मिल को पांच मिनट के लिए बंद कर दोबारा चालू करा दिया। उसके बाद सभी किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है। इस दौरान किसानों में बेदपाल चिकारा, कुलदीप मान चेयरमैन ऊन, पप्पू प्रधान गागोर, अजय पिंडोरा, जगमेर, यशपाल, सतेंद्र , सेवाराम, शहबाज, विनोद आदि मौजूद रहे। मिल के महाप्रबंधक जीएस खैरा ने बताया कि पुराने बकाया में से 11 करोड़ रुपये शुक्रवार को दे दिया जाएगा। सामान्य व अर्ली जाति का गन्ना 50 प्रतिशत लिया जाएगा। किसान के खिलाफ दर्ज मुकदमे में एसडीएम ऊन अपना निर्णय लेंगे।
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झिंझाना (शामली)। ऊन शुगर मिल में गन्ना तौल को लेकर तीन दिनों से चल रहे विवाद पर विराम लग गया। बृहस्पतिवार को पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए एसडीएम व सीओ कैराना ने पहुंचकर मिल में पेराई शुरू कराई है। किसानों को समझा कर धरने को समाप्त कराया है।
सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड ऊन में पिछले तीन दिनों से किसान ललित निवासी ऊन की गन्ने से भरी ट्राली को लेकर चल रहे विवाद में बृहस्पतिवार को प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए समाप्त करा दिया। उपजिलाधिकारी दुष्यंत मौर्य व सीओ कैराना राजेश तिवारी ने मय फोर्स के ऊन मिल में पहुंचकर मिल प्रबंधन को पेराई शुरू कराने को कहा। इस पर मिल प्रबंधन ने पेराई शुरू कर दी। उपजिलाधिकारी ने विवादित गन्ने की ट्राली को भी तुलवा दिया। वही नामजद किसान के हिरासत में लिए गए परिजन को भी थाने से छुड़वा दिया। जैसे ही मिल शुरू होने की जानकारी किसानों को हुई तो किसान मिल के गेट पर पहुंच गए। मिल अधिकारियों को अपने बीच बुलाने व मुकदमा खत्म कराने की मांग पर अड़ गए। इस पर काफी देर तक किसानों व अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। बाद में धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें विश्वास में लिए बगैर मिल को चालू कराया है। इसे बंद करो। इस पर मिल प्रबंधन ने उनकी बात मानते हुए मिल को पांच मिनट के लिए बंद कर दोबारा चालू करा दिया। उसके बाद सभी किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है। इस दौरान किसानों में बेदपाल चिकारा, कुलदीप मान चेयरमैन ऊन, पप्पू प्रधान गागोर, अजय पिंडोरा, जगमेर, यशपाल, सतेंद्र , सेवाराम, शहबाज, विनोद आदि मौजूद रहे। मिल के महाप्रबंधक जीएस खैरा ने बताया कि पुराने बकाया में से 11 करोड़ रुपये शुक्रवार को दे दिया जाएगा। सामान्य व अर्ली जाति का गन्ना 50 प्रतिशत लिया जाएगा। किसान के खिलाफ दर्ज मुकदमे में एसडीएम ऊन अपना निर्णय लेंगे।
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