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प्रभु श्रीराम ने की सुग्रीव से मित्रता, बाली का किया वध
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:11 AM IST
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प्रभु श्रीराम ने की सुग्रीव से मित्रता, बाली का किया वध
अमर उजाला ब्यूरो
कैराना।
नगर के गोशाला भवन में चल रहे रामलीला महोत्सव के 11वें दिन श्रीराम- सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का मंचन किया गया।
रविवार रात रामलीला मंचन के दौरान भगवान राम और लक्ष्मण सीता को तलाशने वनों में घूमते हैं। जहां पर उनकी भेंट सबरी से होती है, जो भगवान राम के दर्शन कर अपने आपको धन्य समझती हैं। सबरी उन्हें किसकिंदा नरेश सुग्रीव के पास भेजती है। श्रीम व लक्ष्मण सुग्रीव के यहां पहुंचते हैं। सुग्रीव के सेनापति हनुमान जी भगवान राम से यहां आने का कारण पूछते हैं, तब रामंन्द्र जी बताते हैं कि हम वनों में वनवास के लिए आए हुए थे, जहां पर कहीं हमारी धर्मपत्नी सीता गायब हो गई है। यह सुनकर हनुमान जी कहते हैं कि लंका पति रावण एक नारी को उठाकर ले जा रहे थे। वहीं, हनुमान जी सुग्रीव से राम-लखन को मिलवाते हैं। इस बीच राम और सुग्रीव के बीच मित्रता होती है। रामचंद्र सुग्रीव को सारी बात बताते हैं और सुग्रीव भी अपनी पीड़ा सुनाते हैं तथा अपने भाई बाली के कृत्यों से परेशान होना बताते हैं, जिस पर राम जी सुग्रीव को बाली से लड़ने के लिए कहते हैं। सुग्रीव व बाली के बीच घमासान युद्ध होता है। रामचंद्र बाली को तीर मारकर उसका वध कर देते हैं। इस अवसर पर हनुमान का किरदार आशु गर्ग, राम- सतीश प्रजापति, सीता- शिवम गोयल, लक्ष्मण- राकेश प्रजापति, शबरी- घनश्यामदास गोयल, सुग्रीव- रोहित नामदेव, बाली- पुनीत गोयल ने निभाया। वहीं, रामलीला के चलते सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैराना।
नगर के गोशाला भवन में चल रहे रामलीला महोत्सव के 11वें दिन श्रीराम- सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का मंचन किया गया।
रविवार रात रामलीला मंचन के दौरान भगवान राम और लक्ष्मण सीता को तलाशने वनों में घूमते हैं। जहां पर उनकी भेंट सबरी से होती है, जो भगवान राम के दर्शन कर अपने आपको धन्य समझती हैं। सबरी उन्हें किसकिंदा नरेश सुग्रीव के पास भेजती है। श्रीम व लक्ष्मण सुग्रीव के यहां पहुंचते हैं। सुग्रीव के सेनापति हनुमान जी भगवान राम से यहां आने का कारण पूछते हैं, तब रामंन्द्र जी बताते हैं कि हम वनों में वनवास के लिए आए हुए थे, जहां पर कहीं हमारी धर्मपत्नी सीता गायब हो गई है। यह सुनकर हनुमान जी कहते हैं कि लंका पति रावण एक नारी को उठाकर ले जा रहे थे। वहीं, हनुमान जी सुग्रीव से राम-लखन को मिलवाते हैं। इस बीच राम और सुग्रीव के बीच मित्रता होती है। रामचंद्र सुग्रीव को सारी बात बताते हैं और सुग्रीव भी अपनी पीड़ा सुनाते हैं तथा अपने भाई बाली के कृत्यों से परेशान होना बताते हैं, जिस पर राम जी सुग्रीव को बाली से लड़ने के लिए कहते हैं। सुग्रीव व बाली के बीच घमासान युद्ध होता है। रामचंद्र बाली को तीर मारकर उसका वध कर देते हैं। इस अवसर पर हनुमान का किरदार आशु गर्ग, राम- सतीश प्रजापति, सीता- शिवम गोयल, लक्ष्मण- राकेश प्रजापति, शबरी- घनश्यामदास गोयल, सुग्रीव- रोहित नामदेव, बाली- पुनीत गोयल ने निभाया। वहीं, रामलीला के चलते सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।