{"_id":"5babd536867a5501a17651e2","slug":"171537987894-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों को नहीं मिल रहा जन औषधि केंद्र का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों को नहीं मिल रहा जन औषधि केंद्र का लाभ
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली।
जनपद के मरीजों को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। अधिकतर मरीजों को अभी भी बहार के मेडिकल स्टोर से ही महंगी दवाई खरीदनी पड़ रही है। अब तक भी केंद्र पर दवाइयों की पूर्ति नहीं हो पाई है। जिसके चलते गरीब लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है।
सरकारी अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र तो खुल गया है, लेकिन अभी तक भी लोगों को उसका पूरी तरह लाभ नहीं मिल रहा है। योजना के तहत सभी केंद्रों पर 600 से अधिक दवाइयां उपलब्ध होनी चाहिए, बावजूद इसके अस्पताल में खुलें औषधि केंद्र पर पर्याप्त दवाई नहीं है। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर अनुपम सक्सेना के अनुसार अस्पताल में प्रतिदिन करीब 70 प्रतिशत मरीज खुजली के आ रहे है। जब मरीज डॉक्टर को दिखाने के बाद लिखी दवाई के पर्चे को लेकर औषधि केंद्र पर पहुंचते है तो वहां उन्हें पर्चे पर लिखी कोई भी दवाई उपलब्ध नहीं मिल रही है। बुधवार को अमर उजाला टीम ने दवाई लेने गए मरीजों को चेक किया। जिसमें भैंसवाल निवासी विनोद कुमार अपने बच्चे सिद्घार्थ को डॉक्टर को दिखाने के बाद केंद्र पर दवाई लेने पहुंचा तो पर्चे पर लिखी कोई दवाई केंद्र पर नहीं मिली।
पूछने पर बताया कि उसके बेटे को खुजली हो रही है। कोई भी दवाई न तो अस्पताल के अंदर के औषधि केंद्र और न ही बाहर जनऔषधि केंद्र पर ही मिली। गांव करौदा निवासी शोएब अपने पुत्र शाहद के लिए खुजली की ही दवाई पर्चा लेकर गया, उसे भी केंद्र पर कोई दवाई उपलब्ध नहीं मिली। जिसके बाद उसे भी बाहर के प्राइवेट मेडिकल स्टोर से ही दवाई लेकर जाना पड़ा। जब औषधि केंद्र संचालक से दवाई की संख्या पूछी गई तो उन्होंने केंद्र पर 150 के लगभग दवाई होना बताया है। जबकि केंद्र की स्थिति विपरीत थी। केंद्र पर मात्र 50 से 60 प्रकार ही दवाई उपलब्ध दिखाई पढ़ रही थी। बुखार के मरीजों को भी कुछ दवाई न मिलने पर बाहर से ही खरीदनी पड़ रही है। जनपद में गरीबों को केंद्र का कोई लाभ नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद के मरीजों को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। अधिकतर मरीजों को अभी भी बहार के मेडिकल स्टोर से ही महंगी दवाई खरीदनी पड़ रही है। अब तक भी केंद्र पर दवाइयों की पूर्ति नहीं हो पाई है। जिसके चलते गरीब लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है।
सरकारी अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र तो खुल गया है, लेकिन अभी तक भी लोगों को उसका पूरी तरह लाभ नहीं मिल रहा है। योजना के तहत सभी केंद्रों पर 600 से अधिक दवाइयां उपलब्ध होनी चाहिए, बावजूद इसके अस्पताल में खुलें औषधि केंद्र पर पर्याप्त दवाई नहीं है। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर अनुपम सक्सेना के अनुसार अस्पताल में प्रतिदिन करीब 70 प्रतिशत मरीज खुजली के आ रहे है। जब मरीज डॉक्टर को दिखाने के बाद लिखी दवाई के पर्चे को लेकर औषधि केंद्र पर पहुंचते है तो वहां उन्हें पर्चे पर लिखी कोई भी दवाई उपलब्ध नहीं मिल रही है। बुधवार को अमर उजाला टीम ने दवाई लेने गए मरीजों को चेक किया। जिसमें भैंसवाल निवासी विनोद कुमार अपने बच्चे सिद्घार्थ को डॉक्टर को दिखाने के बाद केंद्र पर दवाई लेने पहुंचा तो पर्चे पर लिखी कोई दवाई केंद्र पर नहीं मिली।
विज्ञापन
पूछने पर बताया कि उसके बेटे को खुजली हो रही है। कोई भी दवाई न तो अस्पताल के अंदर के औषधि केंद्र और न ही बाहर जनऔषधि केंद्र पर ही मिली। गांव करौदा निवासी शोएब अपने पुत्र शाहद के लिए खुजली की ही दवाई पर्चा लेकर गया, उसे भी केंद्र पर कोई दवाई उपलब्ध नहीं मिली। जिसके बाद उसे भी बाहर के प्राइवेट मेडिकल स्टोर से ही दवाई लेकर जाना पड़ा। जब औषधि केंद्र संचालक से दवाई की संख्या पूछी गई तो उन्होंने केंद्र पर 150 के लगभग दवाई होना बताया है। जबकि केंद्र की स्थिति विपरीत थी। केंद्र पर मात्र 50 से 60 प्रकार ही दवाई उपलब्ध दिखाई पढ़ रही थी। बुखार के मरीजों को भी कुछ दवाई न मिलने पर बाहर से ही खरीदनी पड़ रही है। जनपद में गरीबों को केंद्र का कोई लाभ नहीं हो रहा है।
विज्ञापन