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वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाएगा स्पीड गवर्नर
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:13 PM IST
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वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाएगा स्पीड गवर्नर
शामली। भारी वाहनों की रफ्तार पर अब लगाम लगेगी। यह कार्य भारी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगवाकर किया जाएगा। शासन के निर्देश पर इसकी कवायद शुरू हो गई है। प्राइवेट कंपनियों को वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने की अनुमति दी जाएगी।
पूर्व में स्कूली वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने का नियम था। ताकि स्कूली वाहन तेज गति से न दौड़ाए जा सकें। इसके साथ ही रोडवेज की बसों में भी स्पीड गवर्नर लगवाए गए थे। वहीं, माल वाहक भारी वाहनों की वजह से अक्सर हादसे होते हैं, जिसके चलते भारी वाहनों में भी स्पीड गवर्नर लगवाए जाने के संबंध में शासन ने निर्देश दिया। आदेश में कहा गया है कि जिस भारी वाहन में स्पीड गवर्नर नहीं होगा, चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर उस वाहन पर जुर्माना किया जाएगा। एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के लिए शामली जिले से अभी तीन लोगों ने आवेदन कर दिया है। आवेदन स्वीकृत होने पर स्पीड गवर्नर लगवाने शुरू कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्पीड गवर्नर लगने की वजह से भारी वाहनों में ओवरलोडिंग की समस्या पर भी अंकुश लगेगा तथा हादसों पर भी अंकुश लगेगा। क्योंकि भारी वाहनों में क्षमता से ज्यादा माल ले जाने पर स्पीड गवर्नर की वजह से वाहन चलने में असमर्थ होगा।
शामली से गुजरते हैं रोजाना सैकड़ों भारी वाहन
हरियाणा के करनाल, पानीपत के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश और अन्य प्रदेशों के भारी वाहनों की आवाजाही शामली से होती है। इसके अलावा दिल्ली से सहारनपुर अथवा मुजफ्फरनगर जाने वाले भारी वाहन भी वाया बागपत होते हुए शामली जनपद से निकलते हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन तीन से चार हजार तक भारी वाहन शामली शहर से गुजरते हैं। भारी वाहनों की वजह से अक्सर हादसे होते हैं, जिसमें असमय ही लोग काल का ग्रास बन जाते हैं।
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- ऐसे कार्य करेगा स्पीड गवर्नर
एआरटीओ ने बताया कि वाहनों में स्पीड गवर्नर लगने पर पेट्रोल अथवा डीजल की मात्रा बंध जाती है। इंजन तक उतनी ही मात्रा में तेल पहुंचता है, जितना स्पीड गवर्नर में फीड किया जाता है। कम तेल पहुंचने की वजह से वाहन को निर्धारित गति से तेज नहीं दौड़ाया जा सकता है।
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शामली। भारी वाहनों की रफ्तार पर अब लगाम लगेगी। यह कार्य भारी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगवाकर किया जाएगा। शासन के निर्देश पर इसकी कवायद शुरू हो गई है। प्राइवेट कंपनियों को वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने की अनुमति दी जाएगी।
पूर्व में स्कूली वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने का नियम था। ताकि स्कूली वाहन तेज गति से न दौड़ाए जा सकें। इसके साथ ही रोडवेज की बसों में भी स्पीड गवर्नर लगवाए गए थे। वहीं, माल वाहक भारी वाहनों की वजह से अक्सर हादसे होते हैं, जिसके चलते भारी वाहनों में भी स्पीड गवर्नर लगवाए जाने के संबंध में शासन ने निर्देश दिया। आदेश में कहा गया है कि जिस भारी वाहन में स्पीड गवर्नर नहीं होगा, चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर उस वाहन पर जुर्माना किया जाएगा। एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के लिए शामली जिले से अभी तीन लोगों ने आवेदन कर दिया है। आवेदन स्वीकृत होने पर स्पीड गवर्नर लगवाने शुरू कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्पीड गवर्नर लगने की वजह से भारी वाहनों में ओवरलोडिंग की समस्या पर भी अंकुश लगेगा तथा हादसों पर भी अंकुश लगेगा। क्योंकि भारी वाहनों में क्षमता से ज्यादा माल ले जाने पर स्पीड गवर्नर की वजह से वाहन चलने में असमर्थ होगा।
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शामली से गुजरते हैं रोजाना सैकड़ों भारी वाहन
हरियाणा के करनाल, पानीपत के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश और अन्य प्रदेशों के भारी वाहनों की आवाजाही शामली से होती है। इसके अलावा दिल्ली से सहारनपुर अथवा मुजफ्फरनगर जाने वाले भारी वाहन भी वाया बागपत होते हुए शामली जनपद से निकलते हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन तीन से चार हजार तक भारी वाहन शामली शहर से गुजरते हैं। भारी वाहनों की वजह से अक्सर हादसे होते हैं, जिसमें असमय ही लोग काल का ग्रास बन जाते हैं।
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- ऐसे कार्य करेगा स्पीड गवर्नर
एआरटीओ ने बताया कि वाहनों में स्पीड गवर्नर लगने पर पेट्रोल अथवा डीजल की मात्रा बंध जाती है। इंजन तक उतनी ही मात्रा में तेल पहुंचता है, जितना स्पीड गवर्नर में फीड किया जाता है। कम तेल पहुंचने की वजह से वाहन को निर्धारित गति से तेज नहीं दौड़ाया जा सकता है।