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भूखे प्यासे, सिर पर बोझ, और गोद में मासूम बच्चे
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कैराना में बस के लिए लाइन में लगे श्रमिक
- फोटो : SHAMLI
42 बसों से 1400 प्रवासी श्रमिक गृह जनपद रवाना
कैराना/झिंझाना। हरियाणा से 70 बसों में यूपी के प्रवासी श्रमिकों के आने की सूचना पर इन्हें गृह जनपद ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था करने को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जिले में डिपो की बसें ना होने से दूसरे डिपो पर निर्भर रहना पड़ा। शाम तक हरियाणा से 50 बसों में श्रमिक पहुंचे और 42 बसों से 1400 श्रमिकों को उनके गृह जनपद भेज दिया गया।
कैराना में राधा स्वामी सत्संग भवन में एसडीएम कैराना के नेतृत्व में व्यवस्था की गई थी। जबकि झिंझाना में अहमदगढ़ चौकी के निकट एसडीएम उद्वव प्रसाद त्रिपाठी, तहसीलदार अजय शर्मा आदि की देखरेख में व्यवस्था थी। दोपहर दो बजे के बाद हरियाणा से बसों में श्रमिक आने शुरू हुए। इनकी स्क्रीनिंग और भोजन की व्यवस्था की की गई। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि शाम तक 42 बसों से 1400 श्रमिकों को उनके गृह जनपद भेज दिया गया था।
भूखे प्यासे, सिर पर बोझ, और गोद में मासूम बच्चे
कैराना। एसडीएम कैराना ने बताया कि इसके साथ ही बिहार के करीब 88 श्रमिकों को सहारनपुर रेलवे स्टेशन भेजा जा रहा है, जहां से उन्हें बिहार की ट्रेन मिल जाएगी।
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शनिवार को हरियाणा में धान की बुआई करने वाले श्रमिक हरदोई निवासी धर्मपाल सिर पर सामान का बोरा और साथ में मासूम बच्चे, परिवार के 6 अन्य सदस्यों के साथ शेल्टर होम पहुंचा। बिहार निवासी किशोर जितेंद्र अपनी पीठ पर अपने मासूम भतीजे को लेकर हरियाणा से पैदल आ रहा था। बताया कि उसके भाई और भाभी भी पानीपत से पैदल ही यहां तक आए हैं। रोहतक में मजदूरी करने वाला अलीगढ़ निवासी अशोक अपनी पत्नी व मासूम बेटे के साथ हरियाणा रोडवेज की बस द्वारा कैराना पहुंचा। अशोक ने बताया कि काम नही मिलने के कारण पैसे खत्म हो गए थे। योगी सरकार ने उनके लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की है।
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कैराना/झिंझाना। हरियाणा से 70 बसों में यूपी के प्रवासी श्रमिकों के आने की सूचना पर इन्हें गृह जनपद ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था करने को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जिले में डिपो की बसें ना होने से दूसरे डिपो पर निर्भर रहना पड़ा। शाम तक हरियाणा से 50 बसों में श्रमिक पहुंचे और 42 बसों से 1400 श्रमिकों को उनके गृह जनपद भेज दिया गया।
कैराना में राधा स्वामी सत्संग भवन में एसडीएम कैराना के नेतृत्व में व्यवस्था की गई थी। जबकि झिंझाना में अहमदगढ़ चौकी के निकट एसडीएम उद्वव प्रसाद त्रिपाठी, तहसीलदार अजय शर्मा आदि की देखरेख में व्यवस्था थी। दोपहर दो बजे के बाद हरियाणा से बसों में श्रमिक आने शुरू हुए। इनकी स्क्रीनिंग और भोजन की व्यवस्था की की गई। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि शाम तक 42 बसों से 1400 श्रमिकों को उनके गृह जनपद भेज दिया गया था।
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भूखे प्यासे, सिर पर बोझ, और गोद में मासूम बच्चे
कैराना। एसडीएम कैराना ने बताया कि इसके साथ ही बिहार के करीब 88 श्रमिकों को सहारनपुर रेलवे स्टेशन भेजा जा रहा है, जहां से उन्हें बिहार की ट्रेन मिल जाएगी।
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शनिवार को हरियाणा में धान की बुआई करने वाले श्रमिक हरदोई निवासी धर्मपाल सिर पर सामान का बोरा और साथ में मासूम बच्चे, परिवार के 6 अन्य सदस्यों के साथ शेल्टर होम पहुंचा। बिहार निवासी किशोर जितेंद्र अपनी पीठ पर अपने मासूम भतीजे को लेकर हरियाणा से पैदल आ रहा था। बताया कि उसके भाई और भाभी भी पानीपत से पैदल ही यहां तक आए हैं। रोहतक में मजदूरी करने वाला अलीगढ़ निवासी अशोक अपनी पत्नी व मासूम बेटे के साथ हरियाणा रोडवेज की बस द्वारा कैराना पहुंचा। अशोक ने बताया कि काम नही मिलने के कारण पैसे खत्म हो गए थे। योगी सरकार ने उनके लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की है।