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Shamli News: 10 मामलों में 14 दोषियों को सजा सुनाई
Thu, 16 Jan 2025 11:59 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 16 Jan 2025 11:59 PM IST
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कैराना। न्यायालय ने 10 अलग-अलग मामलों में 14 दोषियों को सजा सुनाई है।
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि 2009 में कैराना कोतवाली पर बाबू खां, यासीन और वकील निवासी बघरा जनपद मुजफ्फरनगर के विरुद्ध पशु क्रूरता और गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने तीनों दोषियों को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 6100-6100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दूसरे मामले में 2012 में शामली कोतवाली पर इरफान निवासी गांव भूरा के विरुद्ध अवैध हथियार का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
तीसरे मामले में 2005 में कांधला थाना पर ओमपाल निवासी गांव हरिया खेड़ा के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। दोषी को 35 सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
चौथे मामले में 1998 में थाना झिंझाना पर नेत्रपाल निवासी कम्हेडा थाना गंगोह के विरुद्ध धमकी देने का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने दोषी को न्यायालय उठने तक के कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पांचवें मामले में 2014 में थाना झिंझाना पर मांगेराम निवासी अहमदगढ़ के विरुद्ध शराब तस्करी का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने दोषी को 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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छठे मामले में 2001 में कैराना कोतवाली पर इरफान उर्फ फानू निवासी आलखुर्द के विरुद्ध चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 1500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सातवें मामले में 1995 में थाना झिंझाना पर राशिद निवासी बल्ला मजरा के विरुद्ध गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
आठवें मामले में 2008 में थाना झिंझाना पर नौशाद निवासी टपराना के विरुद्ध गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 7 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। नौवें मामले में 1999 में कैराना कोतवाली पर सलीम निवासी मोहल्ला पीरजादगान के विरुद्ध चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था। दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 2000 के अर्थदंड की सजा सुनाई।
दसवें मामले में 2008 में कैराना कोतवाली पर अजमेर, सुरजन और कृष्णपाल निवासी जगनपुर के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने तीनों दोषियों को न्यायालय उठने तक के कारावास और 2000-2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि 2009 में कैराना कोतवाली पर बाबू खां, यासीन और वकील निवासी बघरा जनपद मुजफ्फरनगर के विरुद्ध पशु क्रूरता और गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने तीनों दोषियों को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 6100-6100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दूसरे मामले में 2012 में शामली कोतवाली पर इरफान निवासी गांव भूरा के विरुद्ध अवैध हथियार का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
तीसरे मामले में 2005 में कांधला थाना पर ओमपाल निवासी गांव हरिया खेड़ा के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। दोषी को 35 सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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चौथे मामले में 1998 में थाना झिंझाना पर नेत्रपाल निवासी कम्हेडा थाना गंगोह के विरुद्ध धमकी देने का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने दोषी को न्यायालय उठने तक के कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पांचवें मामले में 2014 में थाना झिंझाना पर मांगेराम निवासी अहमदगढ़ के विरुद्ध शराब तस्करी का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने दोषी को 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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छठे मामले में 2001 में कैराना कोतवाली पर इरफान उर्फ फानू निवासी आलखुर्द के विरुद्ध चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 1500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सातवें मामले में 1995 में थाना झिंझाना पर राशिद निवासी बल्ला मजरा के विरुद्ध गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
आठवें मामले में 2008 में थाना झिंझाना पर नौशाद निवासी टपराना के विरुद्ध गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 7 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। नौवें मामले में 1999 में कैराना कोतवाली पर सलीम निवासी मोहल्ला पीरजादगान के विरुद्ध चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था। दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 2000 के अर्थदंड की सजा सुनाई।
दसवें मामले में 2008 में कैराना कोतवाली पर अजमेर, सुरजन और कृष्णपाल निवासी जगनपुर के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यायालय ने तीनों दोषियों को न्यायालय उठने तक के कारावास और 2000-2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।