फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   शौचालय बने नहीं, तो हाथ से कैसे छूटे डिब्बा

शौचालय बने नहीं, तो हाथ से कैसे छूटे डिब्बा

Sat, 16 Sep 2017 12:59 AM IST
Updated Sat, 16 Sep 2017 12:59 AM IST
विज्ञापन
शौचालय बने नहीं, तो हाथ से कैसे छूटे डिब्बा
कैराना।
विज्ञापन

स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले से शौच मुक्ति के लिए अभियान चला, मगर कैराना क्षेत्र के गांव पंजीठ में आज भी 135 परिवार खुले में शौच करने जाने के लिए मजबूर हैं। सवेरे ही पुरुषों और महिलाओं को हाथ में पानी का लोटा लेकर खेतों की ओर जाना पड़ता है।
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार सुबह पंजीठ गांव में शौचालयों को लेकर पड़ताल की। इस गांव में 650 परिवार रहते हैं। इनमें से 135 परिवारों के यहां शौचालय नहीं हैं। इस दौरान वाल्मीकि बस्ती में रहने वाले ब्रजपाल ने बताया कि एक साल पूर्व शौचालय के लिए केवल एक किश्त आई थी। दूसरी किश्त नहीं मिली, जिस कारण उसके यहां शौचालय का निर्माण अधूरा ही रह गया और परिवार के सदस्यों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। इसी बस्ती में शेखर, अनिल का भी घर है, इनके यहां भी शौचालय नहीं बना, जिस कारण परिवार के लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन

वहीं, परदेशी का कहना है कि शौचालय निर्माण के लिए सरकार से कोई सहायता नहीं मिली। छोटी सी चारदीवारी के अंदर शीट रखकर नाले में पाइप डाल रखा है। इसके अलावा रमेश की पत्नी सोहनवीरी भी हाथ में डिब्बा लेकर शौच के लिए जाती मिली। उसने बताया कि उनको सरकार से शौचालय बनाने के लिए सहायता नहीं मिली। यही हाल इंसार के घर का देखने को मिला। उसके घर में टूटा फूटा शौचालय तो है लेकिन शौचालय का पानी पाइप द्वारा गली की नाली में जाता है। इसके बाद गांव के ही जमशेद की पत्नी संजीला भी हाथ में पानी को डिब्बा लेकर जंगल में जाती मिली। जमशेद के घर में भी शौचालय नहीं होने के कारण पूरा परिवार खुले में शौच जाने के लिए मजबूर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शासन को भेजी जाएगी सूची : ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान इरशाद ने बताया कि दो साल पूर्व गांव को 80 शौचालय मिले थे। प्रति शौचालय 12,000 के स्थान पर राशि घटाकर 10,000 रुपये करने के बाद गांव में 80 के स्थान पर 96 शौचालय बनाए गए थे। उसके बाद उन्होंने डीएम को 135 घरों की सूची सौंपी थी, जिनमें शौचालय नहीं हैं। इन 135 घरों को अभी तक शौचालय नहीं मिले। जिलाधिकारी से दोबारा मुलाकात कर शौचालय निर्माण कराने की मांग करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed