{"_id":"595550844f1c1b0d318b4817","slug":"11498763396-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी को लेकर उद्यमियों के साथ मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी को लेकर उद्यमियों के साथ मंथन
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसटी पर उद्यमियों के साथ मंथन
शामली। जीएसटी के संबंध में उद्यमियों के साथ हुई बैठक में विभिन्न मुद्दों पर मंथन हुआ। ट्रांसपोर्टरों पर लगने वाले सर्विस टैक्स के बारे में कठिनाइयों के निराकरण की मांग की गई।
बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे कैराना रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पर इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ वाणिज्यकर अधिकारियों की मीटिंग हुई। उसमें जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद ट्रांसपोर्ट पर लगने वाले टैक्स को लेकर चर्चा की गई। उद्यमियों ने कहा कि जो ट्रांसपोर्टर रजिस्टर्ड हैं और वह माल लाते हैं, तो पांच प्रतिशत सर्विस टैक्स लेते हैं। यदि ट्रांसपोर्टर रजिस्टर्ड नहीं है, तो वह टैक्स माल मंगाने वाले उद्यमी अथवा माल भेजने वाले उद्यमी पर लगेगा। इस पर वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे ने कहा कि सभी ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है, जिससे उद्यमियों को तकलीफ नहीं होगी। इसके अलावा उद्यमियों ने कहा कि जीएसटी में जिन वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स की सूची जारी नहीं की गई है, उन पर कितना टैक्स लगेगा। इस पर वाणिज्यकर अधिकारी ने कहा कि ऐसी सभी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। मीटिंग में अशोक बंसल, अशोक मित्तल, वेदप्रकाश आर्य, नरेंद्र अग्रवाल, सुधीर बंसल, जेके जैन, आलोक जैन, मयंक जैन, अंकित गोयल, अनुज गर्ग आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शामली। जीएसटी के संबंध में उद्यमियों के साथ हुई बैठक में विभिन्न मुद्दों पर मंथन हुआ। ट्रांसपोर्टरों पर लगने वाले सर्विस टैक्स के बारे में कठिनाइयों के निराकरण की मांग की गई।
बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे कैराना रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पर इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ वाणिज्यकर अधिकारियों की मीटिंग हुई। उसमें जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद ट्रांसपोर्ट पर लगने वाले टैक्स को लेकर चर्चा की गई। उद्यमियों ने कहा कि जो ट्रांसपोर्टर रजिस्टर्ड हैं और वह माल लाते हैं, तो पांच प्रतिशत सर्विस टैक्स लेते हैं। यदि ट्रांसपोर्टर रजिस्टर्ड नहीं है, तो वह टैक्स माल मंगाने वाले उद्यमी अथवा माल भेजने वाले उद्यमी पर लगेगा। इस पर वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे ने कहा कि सभी ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है, जिससे उद्यमियों को तकलीफ नहीं होगी। इसके अलावा उद्यमियों ने कहा कि जीएसटी में जिन वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स की सूची जारी नहीं की गई है, उन पर कितना टैक्स लगेगा। इस पर वाणिज्यकर अधिकारी ने कहा कि ऐसी सभी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। मीटिंग में अशोक बंसल, अशोक मित्तल, वेदप्रकाश आर्य, नरेंद्र अग्रवाल, सुधीर बंसल, जेके जैन, आलोक जैन, मयंक जैन, अंकित गोयल, अनुज गर्ग आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन