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देवर समझकर पत्नी जी खेल गईं होली...
Updated Sun, 25 Feb 2018 11:52 PM IST
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शामली। भारतीय विद्यार्थी संगम की ओर से होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। इसमें कवियों ने हास्य प्रस्तुति और कविता पाठ करके दर्शकों को लोट पोट कर दिया।
बीएसएम स्कूल में आयोजित होली मिलन समारोह का शुभारंभ मुख्य संरक्षक पूरण चंद आर्य, रघुवीर सिंह आर्य, स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह, भारतीय विद्यार्थी संगम के अध्यक्ष विनोद मित्तल ने संयुक्त रूप से किया। राजेंद्र कश्यप उर्फ चोटा की टीम ने राधा- कृष्ण की झांकी प्रस्तुत कर माहौल भक्तिमय बनाया। इसके बाद काव्य गोष्ठी में कवि प्रीतम सिंह प्रीतम ने कहा ‘जाति पांति बिसराई है मानवता मन भाई है, होली का रंग भाषा ही देश को अखंड बनाया है’। सुनील अरोड़ा टम्मी ने सुनाया ‘आओ मिलकर नया आधार बनाया जाए, मीठा सभी को लगे त्योहार मनाया जाए, दूर हो जाए अपने सभी गिले शिकवे, ऐसे माहौल में त्योहार मनाया जाए’। कवि अनिल पोपट ने पढ़ा ‘मुंह भी खोले लगता है मारेगी गोली, आया ना एक भी दिन जबके प्यार से बोली, रंग पुते चेहरे का ये फायदा हुआ, देेवर समझकर पत्नी जी खेल गई होली’। कवि जगमेहर शर्मा बड़ौत ने ‘सभी दिल के गिले शिकवे मिटाओ आज होली है, सभी बिछुडे़ हुए को मिलाओ आज होली है, मुझे सब याद है जब गांव में वो फाग खिलता था, वही कीचड़ जरा फिर से लगाओ आज होली है’ और कवि रामकुमार रागी भोकरहेड़ी ने ‘गांव की छोरी गोरी गोरी, अल्हड़ सी और भोली है, रंग गुलाल उड़ाती फिरती होली है भाई होली है’ सुनाकर सभी का मनमोह लिया।
इस मौके पर प्रदीप शर्मा, ब्रजपाल शर्मा, संजीव शर्मा, डाक्टर राज तायल, भरत बंसल, अरविंद कौशिक, शरद जैन, विवेक जैन, श्यामलाल, मुकेश गर्ग, दीपक शर्मा, रामकुमार प्रजापति, दिनेश शर्मा, सुभाष चंद सैनी, रामअवतार एरन, नंद कुमार कंसल आदि गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।
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बीएसएम स्कूल में आयोजित होली मिलन समारोह का शुभारंभ मुख्य संरक्षक पूरण चंद आर्य, रघुवीर सिंह आर्य, स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह, भारतीय विद्यार्थी संगम के अध्यक्ष विनोद मित्तल ने संयुक्त रूप से किया। राजेंद्र कश्यप उर्फ चोटा की टीम ने राधा- कृष्ण की झांकी प्रस्तुत कर माहौल भक्तिमय बनाया। इसके बाद काव्य गोष्ठी में कवि प्रीतम सिंह प्रीतम ने कहा ‘जाति पांति बिसराई है मानवता मन भाई है, होली का रंग भाषा ही देश को अखंड बनाया है’। सुनील अरोड़ा टम्मी ने सुनाया ‘आओ मिलकर नया आधार बनाया जाए, मीठा सभी को लगे त्योहार मनाया जाए, दूर हो जाए अपने सभी गिले शिकवे, ऐसे माहौल में त्योहार मनाया जाए’। कवि अनिल पोपट ने पढ़ा ‘मुंह भी खोले लगता है मारेगी गोली, आया ना एक भी दिन जबके प्यार से बोली, रंग पुते चेहरे का ये फायदा हुआ, देेवर समझकर पत्नी जी खेल गई होली’। कवि जगमेहर शर्मा बड़ौत ने ‘सभी दिल के गिले शिकवे मिटाओ आज होली है, सभी बिछुडे़ हुए को मिलाओ आज होली है, मुझे सब याद है जब गांव में वो फाग खिलता था, वही कीचड़ जरा फिर से लगाओ आज होली है’ और कवि रामकुमार रागी भोकरहेड़ी ने ‘गांव की छोरी गोरी गोरी, अल्हड़ सी और भोली है, रंग गुलाल उड़ाती फिरती होली है भाई होली है’ सुनाकर सभी का मनमोह लिया।
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इस मौके पर प्रदीप शर्मा, ब्रजपाल शर्मा, संजीव शर्मा, डाक्टर राज तायल, भरत बंसल, अरविंद कौशिक, शरद जैन, विवेक जैन, श्यामलाल, मुकेश गर्ग, दीपक शर्मा, रामकुमार प्रजापति, दिनेश शर्मा, सुभाष चंद सैनी, रामअवतार एरन, नंद कुमार कंसल आदि गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।
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