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ऋण माफी का प्रमाण पत्र दिया, फिर घोषित कर दिया अपात्र
Updated Thu, 07 Dec 2017 11:26 PM IST
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थानाभवन(शामली)। लघु एवं सीमांत किसानों के फसली ऋण माफी योजना में एक किसान के साथ मजाक हो गया। बैंक की तरफ से पहले तो उन्हें ऋण मोचन योजना का पात्र बताया और फिर समारोह में प्रमाण पत्र भी दिला दिया। मगर, अब किसान को अपात्र बताते हुए ऋण जमा कराने के लिए नोटिस दे दिया गया है। इस कारण परेशान किसान ने डीएम और अन्य अधिकारियों से शिकायत की है।
किसान इंद्रपाल पुत्र रघुवीर थानाभवन क्षेत्र के गांव भनेडा उद्दा का रहने वाला है। उन्होंने थानाभवन स्थित यूनियन बैंक शाखा से 29 अक्तूबर 2015 को किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण लिया था, जिसे काफी समय से वह जमा नहीं कर पाया था। वहीं, प्रदेश सरकार ने फसली ऋण मोचन योजना लागू की, तो इंद्रपाल को भी उसकी पात्रता वाली सूची में शामिल कर लिया गया।
इसी के चलते फसली ऋण माफी योजना का प्रमाण पत्र संख्या आईडी 6351318 में उसका 51 हजार 423 रुपये का ऋण माफ कर दिया गया। कुछ दिन पूर्व ही किसान इंद्रपाल को बैंक शाखा की तरफ से नोटिस प्राप्त हुआ। उसमें बैंक अधिकारियों ने लिखा कि वह कृषि ऋण मोचन योजना के लिए पात्र नहीं है, इसलिए बकाया ऋण ब्याज सहित जमा कराएं। इस नोटिस के मिलने पर किसान की परेशानी बढ़ गई। पांच दिसंबर को ही किसान इंद्रपाल ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
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उधर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शिव बहादुर सिंह का कहना है कि यह प्रकरण उनकी जानकारी में नहीं है। यदि बैंक कर्मियों की गलती की वजह से किसान को पात्र मानते हुए प्रमाण पत्र मिल गया है, तो ऋण जमा कराना ही होगा। यदि किसान पात्र है, तो उससे ऋण जमा नहीं कराया जाएगा।
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किसान इंद्रपाल पुत्र रघुवीर थानाभवन क्षेत्र के गांव भनेडा उद्दा का रहने वाला है। उन्होंने थानाभवन स्थित यूनियन बैंक शाखा से 29 अक्तूबर 2015 को किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण लिया था, जिसे काफी समय से वह जमा नहीं कर पाया था। वहीं, प्रदेश सरकार ने फसली ऋण मोचन योजना लागू की, तो इंद्रपाल को भी उसकी पात्रता वाली सूची में शामिल कर लिया गया।
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इसी के चलते फसली ऋण माफी योजना का प्रमाण पत्र संख्या आईडी 6351318 में उसका 51 हजार 423 रुपये का ऋण माफ कर दिया गया। कुछ दिन पूर्व ही किसान इंद्रपाल को बैंक शाखा की तरफ से नोटिस प्राप्त हुआ। उसमें बैंक अधिकारियों ने लिखा कि वह कृषि ऋण मोचन योजना के लिए पात्र नहीं है, इसलिए बकाया ऋण ब्याज सहित जमा कराएं। इस नोटिस के मिलने पर किसान की परेशानी बढ़ गई। पांच दिसंबर को ही किसान इंद्रपाल ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
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उधर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शिव बहादुर सिंह का कहना है कि यह प्रकरण उनकी जानकारी में नहीं है। यदि बैंक कर्मियों की गलती की वजह से किसान को पात्र मानते हुए प्रमाण पत्र मिल गया है, तो ऋण जमा कराना ही होगा। यदि किसान पात्र है, तो उससे ऋण जमा नहीं कराया जाएगा।