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Shahjahanpur News: बजट के अभाव में दो सालों से अटका काम... ओवरहेड टैंक अधूरे

Tue, 05 May 2026 11:15 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 11:15 PM IST
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Work Stalled for Two Years Due to Lack of Funds... Overhead Tanks Remain Incomplete
परौर के ग्राम हैदलपुर में ओवरहेड टैंक को तुड़वा दिया गया। संवाद
शाहजहांपुर। जल जीवन मिशन के तहत जिले के तमाम गांवों में ओवरहेड टैंक समेत अन्य कार्य अधूरे पड़े हैं। अगस्त 2024 के बाद से बजट न आने के कारण सारा काम जहां का तहां रुका हुआ है।
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सिंधौली क्षेत्र के मुर्छा गांव में नवनिर्मित ओवरहेड टैंक के जीने का एक हिस्सा ढह जाने से वहां काम कर रहे दो मजदूर घायल हो चुके हैं। इस हादसे से सबक लेकर जल निगम ने परौर क्षेत्र के हैदलपुर गांव में बनाया गया टैंक जांच में अधोमानक पाए जाने पर खुद गिरवा दिया था।
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जिले में 2291 करोड़ रुपये की लागत से जल जीवन मिशन का कार्य शुरू किया गया था। अगस्त 2024 से बजट का आवंटन रोक दिया गया। अब समयसीमा धीरे-धीरे कर दिसंबर 2027 तक के लिए बढ़ा दी गई है। जिले में 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जिले के 2033 राजस्व गांवों में हर घर तक जल पहुंचाया जाना है।
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हैदलपुर में पिलर धंसने से झुक गया था ओवरहेड टैंक
परौर। जल जीवन मिशन के तहत हैदलपुर में ओवरहेड टैंक बनाए जाने के बाद उसका एक पिलर धंसने से टैंक भी एक ओर झुकने लगा। ग्रामीणों ने टैंक से खतरा देख निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की। इस पर जल निगम के अभियंताओं की टीम ने करीब पांच माह पूर्व गत वर्ष दिसंबर में मौका मुआयना किया। उन्होंने टैंक से किसी तरह का हादसा टालने की गरज से उसका ऊपरी हिस्सा खुद अपनी निगरानी में गिरवा दिया, लेकिन उसके पिलर जस के तस बने रहने दिए। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने पिलर पर दोबारा टैंक बनाए जाने की दशा में कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। क्षेत्र के बर्खे मई, कौमी, हरनोखा आदि कई गांवों में बनाए गए टैंक अभी अधूरे हैं। उनकी जांच और निगरानी नहीं होने से कई टैंक के पास नलकूप चलाने के लिए लगाए गए सोलर पैनल गायब हो चुके हैं। क्षेत्र के पुष्पेंद्र सिंह, राजीव सिंह चौहान, रणधीर सिंह, अजीत सिंह, मोहित कश्यप आदि ने अधूरे टैंक का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है। संवाद

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टैंक अधूरे छोड़कर नलकूप से शुरू कर दी पानी की आपूर्ति
जैतीपुर। विकास खंड के करीब 40 गांवों में चार वर्ष पहले जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक बनाने और पाइप लाइन बिछाने का शुरू हुआ काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। काम करा रहे ठेकेदारों को बजट की धनराशि नहीं मिलने पर उन्होंने दो वर्ष पहले टैंक बनाने का काम अधूरा छोड़ दिया। गांव के रास्तों पर पाइप लाइन बिछाने के बाद मार्ग भी समतल नहीं कराए गए। ग्रामीणों को संतुष्ट करने के लिए उनके घरों में पानी के कनेक्शन करके उन्हें सीधे नलकूप से पानी की आपूर्ति शुरू करा दी गई। खेड़ा रठ, बझेड़ा भगवानपुर, बंडिया खुर्द, नौगवां, गोविंदपुर, घसा, आलमपुर आदि गांवों में अब तक ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका, लेकिन नलकूप के जरिये घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। संवाद

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बांसखेड़ा और पल्हौरा में दिखावटी बने ओवरहेड टैंक
कुर्रियाकलां। बांसखेड़ा और पल्हौरा गांव में ओवरहेड टैंक बन चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक पानी से भरकर उनका परीक्षण नहीं किया जा सका है। ग्राम पंचायत पल्हौरा से जुड़े सात मजरों में सोलर पैनल से नलकूप चलाकर दिन में दो-चार घंटे घरों तक पानी आपूर्ति हो रही है। यही हाल ग्राम पंचायत बांसखेड़ा और उसके मजरों का है। नगलाजाजू गांव में ओवरहेड टैंक अभी निर्माणाधीन है और इसी वजह से वहां पानी की आपूर्ति अभी शुरू नहीं हो सकी है। संवाद

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सिर्फ 44 प्रतिशत बन पाए ओवरहेड टैंक
जिले में जल जीवन मिशन के तहत 861 ओवरहेड टैंक बनाए जाने हैं। इनमें से अब तक केवल 386 पूर्ण हो सके हैं। शेष 475 ओवरहेड टैंक अधूरे पड़े हुए हैं। केवल 44 प्रतिशत कार्य हो सका है। 9291 किलोमीटर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन डालनी है जिसमें 9177 किमी पर पड़ चुकी है। पाइपलाइन से चार लाख 49 हजार 287 कनेक्शन होने हैं जिसके सापेक्ष चार लाख 47 हजार 358 कनेक्शन हो चुके हैं। 2033 राजस्व गांवों में पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत का कार्य होना था लेकिन अब तक केवल 1546 गांवों में हो सका है। ट्यूबवेल और पंपहाउस निर्माण का कार्य लगभग शत प्रतिशत हो गया है।
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ग्रामीणों की बात
गांव के कुछ हिस्सों के घरों में सीधे नलकूप से पानी की आपूर्ति हो रही है। टैंक से पानी की आपूर्ति नहीं होने से टोंटियों से कम दबाव का पानी धीरे-धीरे बहुत कम निकलता है।

-सर्वेश तिवारी, बांसखेड़ा
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गांव में बीते दो साल के दौरान ओवरहेड टैंक के सिर्फ पिलर ही बनाए जा सके हैं। कुछ माह पहले पिलर के ऊपर पानी भरने वाले टैंक के हिस्से का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन अब उसे भी रोक दिया गया है।
-कमलेश गौतम, नगला जाजू
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गांव में तीन साल पूर्व जल निगम द्वारा पानी की टैंक का निर्माण कराने के लिए नलकूप की बोरिंग कराई गई और टैंक के पिलर में कंक्रीट का मसाला भरा गया। बाद में काम रोक दिया गया।
-सहदेव शुक्ला, कुर्रियाकलां
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अब तक गांव में बने ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। इससे लोगों को सोलर पंप पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है।



-वीरू सिंह, पल्हौरा
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बजट के अभाव में जल जीवन मिशन के कार्य बंद पड़े हैं। बजट मिलते ही तेजी से शेष रह गया 20 प्रतिशत कार्य करा दिया जाएगा। ओवरहेड टैंक व अन्य निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जाती है। अगर कोई समस्या होती है तो उसका तत्काल हल निकाला जाता है।

-सनी सिंह, एक्सईएन, जल निगम ग्रामीण

परौर के ग्राम हैदलपुर में ओवरहेड टैंक को तुड़वा दिया गया। संवाद

परौर के ग्राम हैदलपुर में ओवरहेड टैंक को तुड़वा दिया गया। संवाद

परौर के ग्राम हैदलपुर में ओवरहेड टैंक को तुड़वा दिया गया। संवाद

परौर के ग्राम हैदलपुर में ओवरहेड टैंक को तुड़वा दिया गया। संवाद

परौर के ग्राम हैदलपुर में ओवरहेड टैंक को तुड़वा दिया गया। संवाद

परौर के ग्राम हैदलपुर में ओवरहेड टैंक को तुड़वा दिया गया। संवाद

परौर के ग्राम हैदलपुर में ओवरहेड टैंक को तुड़वा दिया गया। संवाद

परौर के ग्राम हैदलपुर में ओवरहेड टैंक को तुड़वा दिया गया। संवाद

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