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Shahjahanpur News: स्मार्ट सिटी में अधिकारियों की अनदेखी से अधूरे पड़े कार्य

Thu, 03 Apr 2025 11:23 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:23 PM IST
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Work in Smart City remains incomplete due to negligence of officials
न्यू ककरा सिटी में निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय। संवाद
शाहजहांपुर। अधिकारियों की अनदेखी से शहर के विकास कार्याें को गति नहीं मिल पा रही। कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं या निर्माण की रफ्तार बेहद सुस्त हैं। नगर निगम कार्यालय, राजकीय मेडिकल कॉलेज में सौ बेड का अस्पताल और क्रिटिकल केयर यूनिट समेत ईएसआई अस्पताल अब तक अधूरे पड़े हैं। रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण का काम भी बेहद धीमी गति से चल रहा है।
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शहर को नगर निगम और स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद लोगों में उम्मीद जागी थी कि शहर का विकास तेजी से होगा। शहर में नई परियोजनाओं को बनाने की स्वीकृति भी मिली। काम में हीलाहवाली की वजह से अधिकतर परियोजनाएं भी अटकी हुईं हैं। इनके जल्द बनने से आम जनमानस को काफी फायदा हो सकता है। कागजों में विकास तेजी से हो रहा है, लेकिन कार्यदायी संस्थाओं की ढिलाई के चलते काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
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दिसंबर 2024 में पूरा हो जाना था निगम के नए कार्यालय का निर्माण
मई 2018 में नगर निगम के नए कार्यालय के निर्माण की स्वीकृति शासन की ओर से मिली थी। न्यू ककरा सिटी में करीब 43 करोड़ 39 लाख 57 हजार रुपये की लागत से निर्माण हो रहा है। दिसंबर 2024 के अंत तक निगम कार्यालय का निर्माण पूरा होने का अधिकारी दावा कर रहे थे, लेकिन मार्च बीतने के बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
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नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्र का कहना है कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के अभियंता सुशील कुमार ने कहा कि दूसरी व पहली मंजिल पर कार्य पूरा हो गया है। तीसरी, चौथी और पांचवीं मंंजिल पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कार्य की धीमी गति का कारण शुरुआत में बजट की कमी और फिर गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आना रहा।

ठेकेदार का अनुबंध निरस्त होने से फंसा सौ बेड के अस्पताल का निर्माण
राजकीय मेडिकल कॉलेज में अधूरे पड़े साै बेड के अस्पताल का निर्माण अब 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि में फंस गया है। राजकीय निर्माण निगम इसका निर्माण कर रहा था। धीमी गति से कार्य होने के चलते डेढ़ साल पहले कार्यदायी संस्था ने ठेकेदार का अनुबंध निरस्त कर दिया था। संबंधित फर्म से रिकवरी भी की गई थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड की कमी की वजह से मारामारी मची रहती है। 15 करोड़ के अतिरिक्त बजट की वजह से काम अटक गया है। इस मामले में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने विशेष सचिव से पत्राचार किया है। जल्द ही निर्माण शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस अस्पताल के बन जाने से जनता को बड़ा लाभ मिलेगा।

क्रिटिकल केयर यूनिट में धीमी गति से हो रहा काम
राजकीय मेडिकल कॉलेज में गंभीर रोगियों के लिए क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण काफी दिन से चल रहा है। कोरोना काल में इसके निर्माण की स्वीकृति मिली थी, लेकिन जमीन के अभाव में निर्माण अटक गया था। बाद में राजकीय मेडिकल कॉलेज में इसके निर्माण के लिए ड्रग वेयर हाउस को तोड़ा गया। इसके बाद इसका निर्माण शुरू हुआ। 16 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल केयर यूनिट बन रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक जल्द ही यूनिट के निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा। इसमें गर्भवती महिला के गंभीर होने की स्थिति में डिलीवरी टेबल, बेड, मेडिसन, सर्जरी, वेंटीलेटर बेड, डायलिसिस बेड आदि की व्यवस्था रहेगी।

ईएसआईसी अस्पताल के निर्माण में भूमि अधिग्रहण से हुई देरी
2021 में पुवायां रोड पर नियामतपुर के पास 30 बेड के ईएसआई अस्पताल की नींव रखी गई थी। पैना बुजुर्ग गांव में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अस्पताल का निर्माण कार्य में भूमि अधिग्रहण की वजह से देरी हो रही है। भूमि अधिग्रहण में अड़चन होने की वजह से इसमें देरी हुई। वर्तमान में इसका निर्माण 30 बेड का होगा जो आगे बढ़ाकर सौ बेड तक किया जाएगा।
सांसद अरुण सागर ने बताया कि करीब एक अरब की लागत से ईएसआईसी अस्पताल का निर्माण होना है। जमीन अधिग्रहण में काफी अड़चनें आईं। इसकी वजह से इसके निर्माण में देरी हुई है। अधिग्रहण का कार्य पूरा हो गया है। चहारदीवारी बनकर तैयार हो गई है। अंदर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।

रेल मंत्री से की जा चुकी है धीमे निर्माण की शिकायत
अमृत भारत के तहत रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से 19 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। काम में लापरवाही के चलते सांसद अरुण सागर ने रेलवे अधिकारियों की शिकायत रेल मंत्री से की है। सांसद ने इस मुद्दे को संसद में भी उठाया था। उन्होंने काम में धीमी गति के लिए रेलवे प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था। सांसद अरुण सागर ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन मिला है।


नगर निगम कार्यालय के निर्माण में देरी की वजह गर्रा नदी में बाढ़ आना रही। अब संबंधित कार्यदायी संस्था को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने को कहा गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में सौ बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट के लिए विशेष सचिव से पत्राचार किया गया है। क्रिटिकल यूनिट का निर्माण भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। - धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम

न्यू ककरा सिटी में निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय। संवाद

न्यू ककरा सिटी में निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय। संवाद

न्यू ककरा सिटी में निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय। संवाद

न्यू ककरा सिटी में निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय। संवाद

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