{"_id":"618c1bb3f92ad0084153cba2","slug":"weather-shahjahanpur-news-bly465713495","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश के कारण बढ़ी हुई आर्द्रता दिन में बढ़ा रही सर्दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश के कारण बढ़ी हुई आर्द्रता दिन में बढ़ा रही सर्दी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। बीते माह हुई भारी वर्षा से नदियों में उपजा बाढ़ का कहर शांत हो चुका है, लेकिन बारिश ने वातावरण में आर्द्रता का स्तर इतना बढ़ा दिया कि अब रात के बाद दिन में भी सुबह-शाम सर्दी अपना असर दिखाने लगी है। मौसम के जानकारों का कहना है कि हवा में नमी ज्यादा घुली होने के कारण आसमान में ऊंचाई पर छाने वाली धुंध से धूप की गर्माहट कम हो गई है और इसीलिए दिन में अधिकतम तापमान में गिरावट आने लगी है।
रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट दिवाली के एक माह पहले गत छह अक्तूबर से आने लगी थी। उस दौरान रात में पारा 25 से 26 डिग्री के आसपास था, जो अब घटकर 14.4 डिग्री सेल्सियस रह गया है। गत 18 व 19 अक्तूबर को 120 मिमी बारिश का असर यह हुआ कि नदियां उफनाने के साथ वातावरण में आर्द्रता 65 से बढ़कर एकाएक 96 प्रतिशत हो गई। नतीजे मेें अधिकतम तापमान भी आठ डिग्री गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। तब से रोजाना सुबह सूर्योदय के दो घंटे बाद तक ऊंचाई पर छाई बादलों की धुंध धूप का रास्ता रोक रही है।
यही कारण है कि दिन में भी थर्मामीटर का पारा गिर रहा है और छायादार स्थानों पर देर तक रहने के दौरान गुलाबी सर्दी का अहसास हो रहा है। बीते दो दिन में अधिकतम तापमान में दो डिग्री वृद्धि को अपवाद मानें तो सुबह से शाम तक तापमान 27 से 29 डिग्री के बीच झूल रहा है। लोगों ने सर्दी से बचने के लिए हॉफ स्वेटर, जैकेट, गर्म इनर आदि कपड़े पहनने शुरू कर दिए।
विज्ञापन
यही नहीं, अभी तक कंबलों के सहारे रातें बिता रहे लोगों को रजाइयां सुकून देने लगी हैं। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार गत वर्ष भी असमय बारिश के कारण दिसंबर की तुलना में नवंबर में सर्दी ज्यादा पड़ी और मौसम के लिहाज से वही हालात इस बार भी बन गए हैं।
विज्ञापन
रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट दिवाली के एक माह पहले गत छह अक्तूबर से आने लगी थी। उस दौरान रात में पारा 25 से 26 डिग्री के आसपास था, जो अब घटकर 14.4 डिग्री सेल्सियस रह गया है। गत 18 व 19 अक्तूबर को 120 मिमी बारिश का असर यह हुआ कि नदियां उफनाने के साथ वातावरण में आर्द्रता 65 से बढ़कर एकाएक 96 प्रतिशत हो गई। नतीजे मेें अधिकतम तापमान भी आठ डिग्री गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। तब से रोजाना सुबह सूर्योदय के दो घंटे बाद तक ऊंचाई पर छाई बादलों की धुंध धूप का रास्ता रोक रही है।
विज्ञापन
यही कारण है कि दिन में भी थर्मामीटर का पारा गिर रहा है और छायादार स्थानों पर देर तक रहने के दौरान गुलाबी सर्दी का अहसास हो रहा है। बीते दो दिन में अधिकतम तापमान में दो डिग्री वृद्धि को अपवाद मानें तो सुबह से शाम तक तापमान 27 से 29 डिग्री के बीच झूल रहा है। लोगों ने सर्दी से बचने के लिए हॉफ स्वेटर, जैकेट, गर्म इनर आदि कपड़े पहनने शुरू कर दिए।
विज्ञापन
यही नहीं, अभी तक कंबलों के सहारे रातें बिता रहे लोगों को रजाइयां सुकून देने लगी हैं। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार गत वर्ष भी असमय बारिश के कारण दिसंबर की तुलना में नवंबर में सर्दी ज्यादा पड़ी और मौसम के लिहाज से वही हालात इस बार भी बन गए हैं।