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Shahjahanpur News: डेंगू के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में वार्ड आरक्षित किया
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में बना डेंगू वार्ड। संवाद
शाहजहांपुर। बरसात व बाढ़ के बाद डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ने की आशंका है। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का डेंगू वार्ड आरक्षित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अब तक डेंगू का कोई मरीज नहीं आया है लेकिन बुखार के मरीजों की जांच कराई जा रही है।
सितंबर में डेंगू फैलने की अधिक आशंका रहती है। इस समय अस्पताल में आने वाले करीब 40 फीसदी मरीज बुखार, उल्टी व दस्त से परेशान हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि बुखार के मरीजों की खून की जांच कराई जा रही है, लेकिन अब तक डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला है।
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पांच दिन में बने 9872 पर्चें
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पांच दिन में 9872 लोगों की ओपीडी हुई। 19 सितंबर को 2002 पर्चें बने, 18 सितंबर को 2053, 17 सितंबर को 1902, 16 सितंबर को 1854 और 15 सितंबर को 2061 पर्चे बने हैं।
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डेंगू के लक्षण और बचाव
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अचानक तेज बुखार आना, सिर में आगे की ओर तेज दर्द, शरीर में दर्द होना, स्वाद का पता न चलना, भूख न लगना, जी घबराना, उल्टी आना, शरीर पर चकत्ते पड़ना और खून की सफेद कोशिकाओं की कमी होना डेंगू के लक्षण हैं। उन्होंने मच्छरजनित रोगों से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने बताया कि पानी किसी स्थान पर ज्यादा दिन तक न भरा रहनें दें और कूलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें। घर में कीटनाशक दवाओं का छिडकाव करें। बच्चों का पूरा शरीर ढका रहना चाहिए। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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सितंबर में डेंगू फैलने की अधिक आशंका रहती है। इस समय अस्पताल में आने वाले करीब 40 फीसदी मरीज बुखार, उल्टी व दस्त से परेशान हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि बुखार के मरीजों की खून की जांच कराई जा रही है, लेकिन अब तक डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला है।
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पांच दिन में बने 9872 पर्चें
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पांच दिन में 9872 लोगों की ओपीडी हुई। 19 सितंबर को 2002 पर्चें बने, 18 सितंबर को 2053, 17 सितंबर को 1902, 16 सितंबर को 1854 और 15 सितंबर को 2061 पर्चे बने हैं।
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डेंगू के लक्षण और बचाव
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अचानक तेज बुखार आना, सिर में आगे की ओर तेज दर्द, शरीर में दर्द होना, स्वाद का पता न चलना, भूख न लगना, जी घबराना, उल्टी आना, शरीर पर चकत्ते पड़ना और खून की सफेद कोशिकाओं की कमी होना डेंगू के लक्षण हैं। उन्होंने मच्छरजनित रोगों से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने बताया कि पानी किसी स्थान पर ज्यादा दिन तक न भरा रहनें दें और कूलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें। घर में कीटनाशक दवाओं का छिडकाव करें। बच्चों का पूरा शरीर ढका रहना चाहिए। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।