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क्रिकेट में कॅरियर के लिए संघर्ष कर रहीं धोनी से प्रभावित वृंदा
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क्रिकेट खेलती वृंदा भसीन ।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। सिटी पार्क कॉलोनी निवासी दीपिका भसीन और पुनीत भसीन की बेटी वृंदा (14) का सपना भारत की महिला क्रिकेट टीम में खेलने का है। उस पर क्रिकेट का जुनून सवार है, लेकिन जनपद में लड़कियों की कोई टीम न होने के कारण उसे अवसर पर नहीं मिल पाया। महेंद्र सिंह धोनी से प्रभावित वृंदा ने दो बार ट्रायल देने के बाद भी यूपी की टीम नहीं बन पाने की वजह से हिमाचल प्रदेश के एक स्कूल में दाखिला लेकर क्रिकेट खेलना शुरू किया है।
चमकनी करबला स्थित भसीन पब्लिक स्कूल की संचालक विनोद भसीन की पौत्री वृंदा भसीन सात साल की थीं, तभी से उसने बल्ला उठा लिया और विकेट कीपिंग ग्लब्स पहन लिए। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरित होते हुए उसने क्रिकेट में अपना कॅरियर बनाने का रास्ता चुना। भसीन दंपती ने भी उसे निराश नहीं किया और उसका साथ देते हुए जीएफ कॉलेज ग्राउंड में चौधरी एकेडमी में उसका प्रशिक्षण शुरू करा दिया। इस बीच क्राउन क्रिकेट एकेडमी के कोच आहत अंसारी ने उसे कॉलोनी में आकर क्रिकेट का अभ्यास कराया।
विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में वृंदा ने कई टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा दिखाई। इस बीच उसने दो बार शाहजहांपुर क्रिकेट एसोसिएशन में ट्रायल दिया, लेकिन दोनों बार यूपी क्रिकेट एसोसिएशन की टीम नहीं नहीं बन सकी। कोरोना के कारण टीम नहीं बनने से उसे मायूसी हाथ लगी। यूपी में लंबा इंतजार के बाद भी मौका नहीं मिलने पर उसने पाइन ग्रोव स्कूल हिमाचल प्रदेश में प्रवेश लिया। वर्तमान में वहीं पर क्रिकेट के गुर सीख रही है।
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लड़कों के साथ खेलकर साबित की उपयोगिता
जनपद में लड़कियों की कोई टीम न होने के कारण वृंदा को काफी संघर्ष करना पड़ा। स्कूल स्तर पर तो क्रिकेट खेलने वाली लड़कियों का साथ मिला, पर बड़े स्तर पर खेलने वाले साथी महिला खिलाड़ी नहीं मिले। इसके चलते उसने चौधरी एकेडमी में खेलना शुरू किया। लड़कों के साथ चौके-छक्के लगाकर अपनी उपयोगिता साबित की। कई बार उसने मैच का पासा पलटकर जीत दर्ज कराई।
रणजी खिलाड़ी ने की थी वृंदा की सराहना
रणजी खिलाड़ी व यूपी क्रिकेट एसोसिएशन के सेलेक्टर और बॉलिंग कोच उबैर कमाल तथा कमलकांत ने भी ट्रायल के दौरान वृंदा की सराहना की थी। उन्होंने उसकी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी को सराहते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया था।
अब देंगी यूपी के लिए ट्रायल
वृंदा की मां दीपिका भसीन बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 2021 में तीन महीने तक बेटी को सहारा क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण दिलाया। बेटी के साथ वह भी कानपुर में रुकीं। इस बार फिर से जनपद स्तर पर ट्रायल होने वाले हैं। फार्म भर दिया है। यहां चयन होने के बाद यूपी की टीम के लिए ट्रायल देंगी। इस बार उम्मीद है कि यूपी की टीम में वृंदा का चयन हो जाएगा।
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चमकनी करबला स्थित भसीन पब्लिक स्कूल की संचालक विनोद भसीन की पौत्री वृंदा भसीन सात साल की थीं, तभी से उसने बल्ला उठा लिया और विकेट कीपिंग ग्लब्स पहन लिए। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरित होते हुए उसने क्रिकेट में अपना कॅरियर बनाने का रास्ता चुना। भसीन दंपती ने भी उसे निराश नहीं किया और उसका साथ देते हुए जीएफ कॉलेज ग्राउंड में चौधरी एकेडमी में उसका प्रशिक्षण शुरू करा दिया। इस बीच क्राउन क्रिकेट एकेडमी के कोच आहत अंसारी ने उसे कॉलोनी में आकर क्रिकेट का अभ्यास कराया।
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विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में वृंदा ने कई टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा दिखाई। इस बीच उसने दो बार शाहजहांपुर क्रिकेट एसोसिएशन में ट्रायल दिया, लेकिन दोनों बार यूपी क्रिकेट एसोसिएशन की टीम नहीं नहीं बन सकी। कोरोना के कारण टीम नहीं बनने से उसे मायूसी हाथ लगी। यूपी में लंबा इंतजार के बाद भी मौका नहीं मिलने पर उसने पाइन ग्रोव स्कूल हिमाचल प्रदेश में प्रवेश लिया। वर्तमान में वहीं पर क्रिकेट के गुर सीख रही है।
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लड़कों के साथ खेलकर साबित की उपयोगिता
जनपद में लड़कियों की कोई टीम न होने के कारण वृंदा को काफी संघर्ष करना पड़ा। स्कूल स्तर पर तो क्रिकेट खेलने वाली लड़कियों का साथ मिला, पर बड़े स्तर पर खेलने वाले साथी महिला खिलाड़ी नहीं मिले। इसके चलते उसने चौधरी एकेडमी में खेलना शुरू किया। लड़कों के साथ चौके-छक्के लगाकर अपनी उपयोगिता साबित की। कई बार उसने मैच का पासा पलटकर जीत दर्ज कराई।
रणजी खिलाड़ी ने की थी वृंदा की सराहना
रणजी खिलाड़ी व यूपी क्रिकेट एसोसिएशन के सेलेक्टर और बॉलिंग कोच उबैर कमाल तथा कमलकांत ने भी ट्रायल के दौरान वृंदा की सराहना की थी। उन्होंने उसकी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी को सराहते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया था।
अब देंगी यूपी के लिए ट्रायल
वृंदा की मां दीपिका भसीन बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 2021 में तीन महीने तक बेटी को सहारा क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण दिलाया। बेटी के साथ वह भी कानपुर में रुकीं। इस बार फिर से जनपद स्तर पर ट्रायल होने वाले हैं। फार्म भर दिया है। यहां चयन होने के बाद यूपी की टीम के लिए ट्रायल देंगी। इस बार उम्मीद है कि यूपी की टीम में वृंदा का चयन हो जाएगा।