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दो गायों में लंपी वायरस के लक्षणों से पशु चिकित्सा विभाग सतर्क

Wed, 24 Aug 2022 12:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 12:15 AM IST
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Veterinary department alert due to symptoms of lumpy virus in two cows
शाहजहांपुर। पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे लंपी वायरस के जिले में दो संदिग्ध मामले मिलने से पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। दो गायों में लंपी वायरस के लक्षण दिखने पर सीवीओ ने दोनों पशुओं के सीरम के नमूने जांच को भोपाल लैब भिजवाने के साथ उन्हें संबंधित पशुपालकों के घरों पर क्वारंटीन करा दिया है। प्रभारी पशु चिकित्साधिकारियों और पैरावेटर्स के जरिये अन्य पशुपालकों को सतर्क करना शुरू कर दिया है।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बताया कि तीन-चार दिन पहले शहर के मोहल्ला लोधीपुर समेत मदनापुर में दो गायों में लंपी वायरस जैसे लक्षण पाए गए। सदर और मदनापुर पशु अस्पताल के वेटनरी डॉक्टरों ने दोनों गायों की जांच करने पर पाया कि उनके शरीर पर जगह-जगह गिल्टियां उभर आई हैं। पशुओं में बुखार भी पाया गया। चूंकि, यह दोनों लक्षण लंपी वायरस के लक्षणों से मेल खाते हैं। इसलिए दोनों पशुओं के लिए आवश्यक दवाएं सुलभ कराकर पशुपालकों को निर्देश दिए गए हैैं, उन्हें चरागाह भेजने के बजाय घरों पर ही अन्य पशुओं के बाड़े से दूर रखें।
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सीवीओ डॉ. सिंह के अनुसार लंपी वायरस संदिग्ध के तौर पर चिह्नित किए गए पशु अन्य मौसमी बीमारियों से भी ग्रसित हो सकते हैं लेकिन वायरस की पुष्टि भोपाल लैब से जांच रिपोर्ट मिलने पर ही होगी। उन्होंने बताया कि प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारियों को अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करने और पशुपालकों को वायरस से पशुओं के बचाव को विभिन्न सावधानियां बरतने को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
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वायरस से बचाव को पशुपालक बरतें ये सावधानियां
पशु के पूरे शरीर पर गिल्टियां उभरने, बुखार होने, चारा कम खाने और दूध उत्पादन में कमी आदि लक्षण दिखते ही सतर्क हो जाएं।
तत्काल नजदीकी पशु अस्पताल के डॉक्टर को सूचित कर पशु के स्वास्थ्य की जांच कराएं।
पशु के सीरम नमूना की जांच रिपोर्ट मिलने तक संदिग्ध चिह्नित पशु को अन्य पशु के बाड़े से थोड़ा फासले पर बांधे।
प्रभावित पशु को चारागाह अथवा नहलाने के लिए नदी-तालाबों की ओर ले जाने के बजाय घरों पर ही रखें।
पशु को मच्छर, मक्खी, किलनी आदि के प्रकोप से बचाएं क्योंकि यही कीट लंपी वायरस के मुख्य वाहक होते हैं।
(जैसा कि सीवीओ डॉ. जेपी सिंह ने बताया)
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