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Shahjahanpur News: ई-कॉमर्स उद्योग में विनियामक निरीक्षण की तत्काल आवश्यकता
Mon, 06 Jan 2025 12:40 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 06 Jan 2025 12:40 AM IST
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शाहजहांपुर में सांसद अरुण कुमार सागर को ज्ञापन सौंपते व्यापार मंडल के पदाधिकारी। स्रोत : व्याप
शाहजहांपुर। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सांसद अरुण कुमार सागर को सौंपा गया। इसके माध्यम से ई-कॉमर्स उद्योग में विनियामक निरीक्षण की तत्काल आवश्यकता बताई गई।
कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों ने कुछ ऐसी प्रथाओं को जन्म दिया है, जो निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को खतरे में डाल रही हैं। विशेष रूप से व्यापारी एमएसएमई खुदरा विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को प्रभावित करती है। ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा लगातार भारी वित्तीय घाटा दिखाया जाता है। एमएसएमई और पारंपरिक खुदरा विक्रेताओं सहित छोटे प्रतिस्पर्धियों को बाहर करने के लिए उत्पादों को अस्थिर दरों पर बेचा जाता है।
मांग की गई कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विक्रेताओं का अनिवार्य केवाईसी किया जाए, जोकि एमएसएमई की रक्षा करेगा और कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करेगा। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को थोक विक्रेताओं के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए। इससे एमएसएमई और छोटे खुदरा विक्रेताओं को नुकसान होता है। वह इस तरह की कीमतों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। इसे सुनिश्चित करने के लिए विनियामक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
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प्रदेश मंत्री धर्मपाल रैना, जिला महामंत्री नाजिम खान, नीरज गुप्ता, नगर अध्यक्ष संजीव राठौर, महामंत्री अतुल गुप्ता, युवा जिलाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, सुनील गुप्ता आदि शामिल रहे।
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कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों ने कुछ ऐसी प्रथाओं को जन्म दिया है, जो निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को खतरे में डाल रही हैं। विशेष रूप से व्यापारी एमएसएमई खुदरा विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को प्रभावित करती है। ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा लगातार भारी वित्तीय घाटा दिखाया जाता है। एमएसएमई और पारंपरिक खुदरा विक्रेताओं सहित छोटे प्रतिस्पर्धियों को बाहर करने के लिए उत्पादों को अस्थिर दरों पर बेचा जाता है।
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मांग की गई कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विक्रेताओं का अनिवार्य केवाईसी किया जाए, जोकि एमएसएमई की रक्षा करेगा और कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करेगा। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को थोक विक्रेताओं के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए। इससे एमएसएमई और छोटे खुदरा विक्रेताओं को नुकसान होता है। वह इस तरह की कीमतों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। इसे सुनिश्चित करने के लिए विनियामक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
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प्रदेश मंत्री धर्मपाल रैना, जिला महामंत्री नाजिम खान, नीरज गुप्ता, नगर अध्यक्ष संजीव राठौर, महामंत्री अतुल गुप्ता, युवा जिलाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, सुनील गुप्ता आदि शामिल रहे।