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शाहजहाँपुर: प्लाट बेचकर सुविधाएं देना भूले यूपीसीडा के अफसर, बरसात में प्लाटों में घुस जाता है पानी
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- कांट-जलालाबाद रोड पर औद्योगिक एरिया की हालत काफी ज्यादा खराब
- सड़क से नीचे काट दिए प्लाट, अब उद्यमियों को उठाती पड़ रहीं दिक्कतें
शाहजहांपुर। भले ही इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर उद्यमियों को सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन इसकी तस्वीर कुछ अलग है। कांट-जलालाबाद रोड पर स्थित औद्योगिक एरिया की सड़क ही पिछले काफी समय से जर्जर हालत में पड़ी है। नालियों के रोड बराबर ना होने के कारण पानी प्लाटों और औद्योगिक इकाइयों से निकालना मुश्किल है। इसी तरह बरसात में प्लाटों के अंदर पानी घुस जाता है।
इंडस्ट्रीयल एरिया की हालत काफी ज्यादा खराब है। औद्योगिक इकाइयां लगाकर करोड़ों रुपये का रोजगार करने के बाद भी बदहाल स्थिति को दुरुस्त नहीं किया जा रहा। यहां की सड़क काफी जर्जर हो गई। तमाम स्थानों पर सड़क धंसी हुई है। उसे सही कराने के लिए उद्यमी कई बार उद्योग बंधु की बैठक में मुद्दा उठा चुके हैं। लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। इसी तरह सड़क से नालियां काफी नीचे बनी हैं। पानी पास नहीं हो पाता है। सबसे ज्यादा हालात बरसात के दिनों में खराब हो जाती है। बारिश में जलनिकासी का बेहतर प्रबंध ना होने के कारण पानी खाली पड़े प्लाटों में घुस जाता है। समस्याओं को लेकर हर बार उद्यमी अधिकारियों के सामने आवाज उठाते हैं, पर सुनवाई नहीं होती है।
25 से 30 प्लाट पड़े हैं खाली
इंडस्ट्रीयल एरिया में यूपीसीडा के 275 प्लाट हैं। उसमें करीब 20 से 30 खाली पड़े हैं। इनके आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था। अंतिम चक्र के प्लाटों की बिक्री को यूपीसीडा ने बंद कर दिया है। अब उसे नीलामी प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा।
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नीचे प्लाटों में मिट्टी डलवाने में खर्च होते हैं लाखों रुपये
वर्तमान में करीब 1400 रुपये मीटर के हिसाब से प्लाटों की बिक्री चल रही है। आईआईए के चैप्टर सचिव रोहित गोयल ने बताया कि प्लाट खरीदने के बाद लाखों उसे सड़क के बराबर लाने के लिए उद्यमियों को मिट्टी डलवाने के लिए लाखों रुपये खर्च करना पड़ते हैं।
सड़क के निर्माण के लिए टेंडर हो गया है। यूपीसीडा ने अभी नालियों की सफाई कराई थी। शेष कार्य भी जल्द ही पूर्ण कराया जाएगा।
- संतोष कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा
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- सड़क से नीचे काट दिए प्लाट, अब उद्यमियों को उठाती पड़ रहीं दिक्कतें
शाहजहांपुर। भले ही इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर उद्यमियों को सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन इसकी तस्वीर कुछ अलग है। कांट-जलालाबाद रोड पर स्थित औद्योगिक एरिया की सड़क ही पिछले काफी समय से जर्जर हालत में पड़ी है। नालियों के रोड बराबर ना होने के कारण पानी प्लाटों और औद्योगिक इकाइयों से निकालना मुश्किल है। इसी तरह बरसात में प्लाटों के अंदर पानी घुस जाता है।
इंडस्ट्रीयल एरिया की हालत काफी ज्यादा खराब है। औद्योगिक इकाइयां लगाकर करोड़ों रुपये का रोजगार करने के बाद भी बदहाल स्थिति को दुरुस्त नहीं किया जा रहा। यहां की सड़क काफी जर्जर हो गई। तमाम स्थानों पर सड़क धंसी हुई है। उसे सही कराने के लिए उद्यमी कई बार उद्योग बंधु की बैठक में मुद्दा उठा चुके हैं। लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। इसी तरह सड़क से नालियां काफी नीचे बनी हैं। पानी पास नहीं हो पाता है। सबसे ज्यादा हालात बरसात के दिनों में खराब हो जाती है। बारिश में जलनिकासी का बेहतर प्रबंध ना होने के कारण पानी खाली पड़े प्लाटों में घुस जाता है। समस्याओं को लेकर हर बार उद्यमी अधिकारियों के सामने आवाज उठाते हैं, पर सुनवाई नहीं होती है।
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25 से 30 प्लाट पड़े हैं खाली
इंडस्ट्रीयल एरिया में यूपीसीडा के 275 प्लाट हैं। उसमें करीब 20 से 30 खाली पड़े हैं। इनके आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था। अंतिम चक्र के प्लाटों की बिक्री को यूपीसीडा ने बंद कर दिया है। अब उसे नीलामी प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा।
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नीचे प्लाटों में मिट्टी डलवाने में खर्च होते हैं लाखों रुपये
वर्तमान में करीब 1400 रुपये मीटर के हिसाब से प्लाटों की बिक्री चल रही है। आईआईए के चैप्टर सचिव रोहित गोयल ने बताया कि प्लाट खरीदने के बाद लाखों उसे सड़क के बराबर लाने के लिए उद्यमियों को मिट्टी डलवाने के लिए लाखों रुपये खर्च करना पड़ते हैं।
सड़क के निर्माण के लिए टेंडर हो गया है। यूपीसीडा ने अभी नालियों की सफाई कराई थी। शेष कार्य भी जल्द ही पूर्ण कराया जाएगा।
- संतोष कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा