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बीटीसी के एक प्रमाण पर नौकरी कर रहे दो शिक्षक
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sat, 21 May 2016 12:28 AM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीबाड़े का एक और मामला सामने आया है। बीटीसी के एक अंकपत्र और प्रमाण पत्र के सहारे दो शिक्षक अलग-अलग ब्लाक के स्कूल में नौकरी कर रहे है। इन दोनों शिक्षकों के नाम और पिता का नाम एक समान हैं। इनमेें एक शहर का और दूसरा बलिया का रहने वाला है। शिकायत मिलने पर बीएसए ने नोटिस जारी कर शुक्रवार 20 मई को एक शिक्षक को मूल कागजात समेत अपने कार्यालय बुलाया था, लेकिन आरोपी शिक्षक नहीं पहुंचे। बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि उनके कार्यालय में शिकायत पहुंची थी कि विकास खंड मिर्जापुर के प्राथमिक विद्यालय मलेवा नवीन में विवेक कुमार पुत्र राममोहन लाल और विकास खंड भावलखेड़ा के उच्च प्राथमिक स्कूल ददिउरा में विवेक कुमार पुत्र राममोहन लाल बतौर शिक्षक कार्यरत हैं। मिर्जापुर के स्कूल में तैनात विवेक मूल से बलिया जिले के गांव देवरिया निवासी हैं। उनकी नियुक्ति वर्ष 2001 में हुई थी। इन विवेक कुमार की फाइल में वर्ष 1993 में अनुक्रमांक 1000 से बीटीसी उत्तीर्ण की द्वितीय प्रतिलिपि वाला अंकपत्र लगा है। भावलखेड़ा वाले विवेक कुमार मूलरूप से शहर के कच्चा कटरा क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनकी नियुक्ति 1997 में हुई थी। इनकी फाइल में वर्ष 1993 में अनुक्रमांक 1000 से उत्तीर्ण बीटीसी का मूल अंकपत्र और प्रमाण पत्र लगा है। इस पर बीएसए ने 19 मई को नोटिस जारी कर मिर्जापुर के मलेवा नवीन स्कूल में तैनात शिक्षक विवेक कुमार को 20 मई को अपराह्न तीन मूल अभिलेखों के साथ अपने कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। नोटिस में कहा गया कि यदि वह निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए तो समझा जाएगा कि प्राप्त शिकायत सही है। इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर दी जाएगी। फिलहाल संबंधित शिक्षक समय पर उपस्थित नहीं हुए।
पिछले महीने भी सामने आया था फर्जीबाड़ा
फर्जी तरीके से शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले अब तक सरकार को लाखों रुपये का चूना लगा चुके हैं। पिछले महीने बीटीसी के एक प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले जयशंकर नाम के दो शिक्षकों का प्रकरण सामने आया था। इसमें भी एक शिक्षक बीटीसी की द्वितीय प्रतिलिपि के अंकपत्र के साथ नौकरी कर रहा है और दूसरे के पास मूल अंकपत्र और प्रमाण पत्र हैं। बीएसए के निर्देश पर इस प्रकरण की जांच चल रही है।
फोटो- 16 में
दोनों मामले एक ही समय के हैं। जयशंकर नामक दोनों शिक्षकोें वाले प्रकरण की जांच अंतिम चरण में है। अब विवेक कुमार नाम के शिक्षकों का ताजा मामला सामने आया है। इसमें शिक्षक को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आया। दोनों प्रकरण गंभीर हैं। इसमें दोषी को किसी दशा में बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने पर सेवाएं समाप्त कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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राकेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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पिछले महीने भी सामने आया था फर्जीबाड़ा
फर्जी तरीके से शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले अब तक सरकार को लाखों रुपये का चूना लगा चुके हैं। पिछले महीने बीटीसी के एक प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले जयशंकर नाम के दो शिक्षकों का प्रकरण सामने आया था। इसमें भी एक शिक्षक बीटीसी की द्वितीय प्रतिलिपि के अंकपत्र के साथ नौकरी कर रहा है और दूसरे के पास मूल अंकपत्र और प्रमाण पत्र हैं। बीएसए के निर्देश पर इस प्रकरण की जांच चल रही है।
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फोटो- 16 में
दोनों मामले एक ही समय के हैं। जयशंकर नामक दोनों शिक्षकोें वाले प्रकरण की जांच अंतिम चरण में है। अब विवेक कुमार नाम के शिक्षकों का ताजा मामला सामने आया है। इसमें शिक्षक को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आया। दोनों प्रकरण गंभीर हैं। इसमें दोषी को किसी दशा में बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने पर सेवाएं समाप्त कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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राकेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी