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Shahjahanpur News: शहरी पीएचसी जलीकोठी की प्रभारी समेत दो डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा
Thu, 20 Mar 2025 12:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 20 Mar 2025 12:43 AM IST
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शाहजहांपुर। मरीजों को देखने के साथ ही विभागीय अन्य कार्यों के बोझ के चलते स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर दूरी बनाने लगे हैं। नौ दिन में दो डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। नगरीय क्षेत्र में एकमात्र महिला डॉक्टर रह गई हैं। वहीं, एक डॉक्टर को दो-दो स्वास्थ्य इकाइयाें की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकतर अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे चल रहे हैं।
सुबह से दोपहर तक ओपीडी में मरीजों को देखने के साथ ही विभाग के अन्य कई कामों की वजह से एमबीबीएस डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग की नौकरी रास नहीं आ रही है। डॉक्टर लगातार इस्तीफा दे रहे हैं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी की डॉ. ज्योति कुशवाहा ने दस मार्च को त्यागपत्र दे दिया। हालांकि, उन्होंने पति का लखनऊ में ट्रांसफर होने के चलते साथ जाने की वजह बताई है।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अजीजगंज में कार्यरत डॉ. रजत मिश्रा ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। उनका पीजी में चयन हो गया है। इससे पहले पीएचसी सरायकाइयां से डॉ. अर्सलान, बाबूजई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. सौम्या रस्तोगी ने दिसंबर में त्यागपत्र दिया था। ककरा पीएचसी की डॉ. फागुनी और सुभाषनगर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. सोनम ने जनवरी में इस्तीफा दिया था। इसके बाद नगरीय क्षेत्र में महिला डॉक्टरों की कमी हो गई है। वर्तमान में एक मात्र डॉ. असमा सिद्दीकी जलालनगर की पीएचसी में कार्यरत हैं। वह भी पार्ट टाइम हैं। डॉक्टरों के नहीं होने से महिला रोगियों को सबसे ज्यादा दुश्वारियाें से दो-चार होना पड़ रहा है।
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200 की ओपीडी, फार्मासिस्ट ने संभाला कार्य
-पुराने जिला अस्पताल परिसर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां पर खून की जांच, हेल्थ एटीएम, रैबीज वैक्सीन, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाता है। इसके चलते अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब दो सौ मरीज आते हैं। पूर्व में डॉ. ज्योति कुशवाहा मरीजों का परीक्षण कर दवाएं देती थीं। उनके त्यागपत्र के बाद ओपीडी को फार्मासिस्ट को संभालना पड़ रहा है।
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24 के सापेक्ष अब मात्र नौ डॉक्टर
-शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य इकाइयों के लिए 24 डॉक्टरों की आवश्यकता है। लगातार कार्य छोड़कर जाने के चलते मात्र नौ डॉक्टर ही शेष बचे हैं। इसके चलते एक डॉक्टर को दो स्वास्थ्य इकाइयों की जिम्मेदारी दी गई है। ओपीडी के लिए रोटेशन से ड्यूटी लगाई जा रही है।
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डॉ. ज्योति और डॉ. रजत मिश्रा ने मार्च में त्यागपत्र दिया है। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नए डॉक्टरों की भर्ती के लिए प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
डॉ. मनोज मिश्रा, डिप्टी सीएमओ
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सुबह से दोपहर तक ओपीडी में मरीजों को देखने के साथ ही विभाग के अन्य कई कामों की वजह से एमबीबीएस डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग की नौकरी रास नहीं आ रही है। डॉक्टर लगातार इस्तीफा दे रहे हैं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी की डॉ. ज्योति कुशवाहा ने दस मार्च को त्यागपत्र दे दिया। हालांकि, उन्होंने पति का लखनऊ में ट्रांसफर होने के चलते साथ जाने की वजह बताई है।
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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अजीजगंज में कार्यरत डॉ. रजत मिश्रा ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। उनका पीजी में चयन हो गया है। इससे पहले पीएचसी सरायकाइयां से डॉ. अर्सलान, बाबूजई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. सौम्या रस्तोगी ने दिसंबर में त्यागपत्र दिया था। ककरा पीएचसी की डॉ. फागुनी और सुभाषनगर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. सोनम ने जनवरी में इस्तीफा दिया था। इसके बाद नगरीय क्षेत्र में महिला डॉक्टरों की कमी हो गई है। वर्तमान में एक मात्र डॉ. असमा सिद्दीकी जलालनगर की पीएचसी में कार्यरत हैं। वह भी पार्ट टाइम हैं। डॉक्टरों के नहीं होने से महिला रोगियों को सबसे ज्यादा दुश्वारियाें से दो-चार होना पड़ रहा है।
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200 की ओपीडी, फार्मासिस्ट ने संभाला कार्य
-पुराने जिला अस्पताल परिसर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां पर खून की जांच, हेल्थ एटीएम, रैबीज वैक्सीन, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाता है। इसके चलते अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब दो सौ मरीज आते हैं। पूर्व में डॉ. ज्योति कुशवाहा मरीजों का परीक्षण कर दवाएं देती थीं। उनके त्यागपत्र के बाद ओपीडी को फार्मासिस्ट को संभालना पड़ रहा है।
24 के सापेक्ष अब मात्र नौ डॉक्टर
-शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य इकाइयों के लिए 24 डॉक्टरों की आवश्यकता है। लगातार कार्य छोड़कर जाने के चलते मात्र नौ डॉक्टर ही शेष बचे हैं। इसके चलते एक डॉक्टर को दो स्वास्थ्य इकाइयों की जिम्मेदारी दी गई है। ओपीडी के लिए रोटेशन से ड्यूटी लगाई जा रही है।
डॉ. ज्योति और डॉ. रजत मिश्रा ने मार्च में त्यागपत्र दिया है। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नए डॉक्टरों की भर्ती के लिए प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
डॉ. मनोज मिश्रा, डिप्टी सीएमओ