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Shahjahanpur News: एक सप्ताह बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन कैटेगरी में मिलेगा उपचार
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0 सीमित संसाधनों में ही यात्रियों को बेहतर उपचार देने के लिए शुरू की गई तैयारी
0 रेड जोन को ट्राॅमा सेंटर को रखा गया, इमरजेंसी में ग्रीन व यलो जोन बनाया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन कैटेगरी में उपचार की व्यवस्था को एक सप्ताह में शुरू करा दिया जाएगा। गंभीर रोगियों को रेड जोन यानी ट्राॅमा सेंटर में इलाज होगा। ग्रीन व यलो कैटेगरी इमरजेंसी में बनाए जाने की तैयारी है।
330 बेड के अस्पताल में हर दिन 15 सौ से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। इसी तरह 150 से अधिक मरीज 24 घंटे में ट्राॅमा सेंटर में भर्ती किए जाते हैं। जिले के पड़ोसी जनपदों व सीएचसी-पीएचसी से मरीजों के रेफर होकर आने के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा जाती हैं।
मरीजों के बढ़ने पर बेड तक के लिए मारा-मारी रहती है। ट्रामा सेंटर की भीड़ को खत्म करने के लिए प्राचार्य ने रेड, यलो व ग्रीन कैटेगिरी में मरीजों को बांटकर उपचार कराने का प्लान तैयार किया था। वह उसे लागू करने जा रहे हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि रेड जोन में गंभीर मरीजाें को रखा जाएगा। रेड जोन ट्राॅमा सेंटर में रहेगा। जबकि यलो व ग्रीन जोन इमरजेंसी में रखा जाएगा। यह व्यवस्था एक सप्ताह में शुरू करा दी जाएगी।
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ट्राॅमा व इमरजेंसी को कराया जाना है एक
मरीजों को बेहतर लाभ देने के उद्देश्य से ट्राॅमा सेंटर व इमरजेंसी को एक बनाया जाना है। इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया। वहां से बजट का इंतजार किया जा रहा। अभी ट्राॅमा सेंटर में मरीजों के अधिक होने के चलते डॉक्टरों तक को दुश्वारी आती है।
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0 रेड जोन को ट्राॅमा सेंटर को रखा गया, इमरजेंसी में ग्रीन व यलो जोन बनाया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन कैटेगरी में उपचार की व्यवस्था को एक सप्ताह में शुरू करा दिया जाएगा। गंभीर रोगियों को रेड जोन यानी ट्राॅमा सेंटर में इलाज होगा। ग्रीन व यलो कैटेगरी इमरजेंसी में बनाए जाने की तैयारी है।
330 बेड के अस्पताल में हर दिन 15 सौ से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। इसी तरह 150 से अधिक मरीज 24 घंटे में ट्राॅमा सेंटर में भर्ती किए जाते हैं। जिले के पड़ोसी जनपदों व सीएचसी-पीएचसी से मरीजों के रेफर होकर आने के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा जाती हैं।
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मरीजों के बढ़ने पर बेड तक के लिए मारा-मारी रहती है। ट्रामा सेंटर की भीड़ को खत्म करने के लिए प्राचार्य ने रेड, यलो व ग्रीन कैटेगिरी में मरीजों को बांटकर उपचार कराने का प्लान तैयार किया था। वह उसे लागू करने जा रहे हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि रेड जोन में गंभीर मरीजाें को रखा जाएगा। रेड जोन ट्राॅमा सेंटर में रहेगा। जबकि यलो व ग्रीन जोन इमरजेंसी में रखा जाएगा। यह व्यवस्था एक सप्ताह में शुरू करा दी जाएगी।
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ट्राॅमा व इमरजेंसी को कराया जाना है एक
मरीजों को बेहतर लाभ देने के उद्देश्य से ट्राॅमा सेंटर व इमरजेंसी को एक बनाया जाना है। इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया। वहां से बजट का इंतजार किया जा रहा। अभी ट्राॅमा सेंटर में मरीजों के अधिक होने के चलते डॉक्टरों तक को दुश्वारी आती है।