{"_id":"60203eeb8ebc3e74a86223c0","slug":"train-shahjahanpur-news-bly4364587173","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुरादाबाद मंडल में मार्च से चलेंगी 10 ट्रेनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुरादाबाद मंडल में मार्च से चलेंगी 10 ट्रेनें
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शाहजहांपुर। मुरादाबाद डिवीजन में मार्च में 10 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन चलाने की तैयारी है। उससे पहले लोको पायलटों को रास्ता दिखाया जाएगा। लॉकडाउन से पैसेंजर ट्रेन बंद चल रहीं हैं, जिसकी वजह से लोको पायलट रास्ता भूल गए हैं।
कोविड-19 के चलते 22 मार्च से नियमित ट्रेनों का संचालन नहीं हो रहा है, सिर्फ स्पेशल ट्रेन ही चलाई जा रही हैं। बंद ट्रेनों में पैसेंजर ट्रेन भी शामिल हैं। इनमें से करीब दस जोड़ी ट्रेनों को चलाने की घोषणा रेलवे की ओर से की गई है। इनमें सहारनपुर-लखनऊ, शाहजहांपुर-सीतापुर, सीतापुर-बालामऊ, बालामऊ-लखनऊ, रोजा-बरेली, ऋषिकेश-बांदीकुई, बरेली-अलीगढ़, मुरादाबाद-दिल्ली पैसेंजर के चलने की संभावना है। इन ट्रेनों के संचालन से पहले लोको पायलटों को रूट दिखाया जाएगा, जिससे ट्रेनों के संचालन के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों का कहना है कि 10 माह से पैसेंजर ट्रेनों के बंद रहने से उनके लोको पायलट रूट पर पड़ने वाली क्रॉसिंग, सिग्नल आदि को थोड़ा-बहुत भूल गए होंगे, इसलिए उनको रास्ता दिखाया जाएगा। उसके बाद ही लोको पायलट ट्रेन चलाएंगे।
तीन महीने से अधिक हो जाने पर लोको पायलटों को रूट का भ्रमण करवाया जाता है, जिससे वे रास्ते में पड़ने वाली सभी क्रॉसिंग, सिग्नल आदि को देख लें और संचालन के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पैसेंजर ट्रेन चलने की संभावना है, जिसको लेकर तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी तक कोई मैसेज प्राप्त नहीं हुआ है। वीरेंद्र झा, लोको निरीक्षक रोजा
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कोविड-19 के चलते 22 मार्च से नियमित ट्रेनों का संचालन नहीं हो रहा है, सिर्फ स्पेशल ट्रेन ही चलाई जा रही हैं। बंद ट्रेनों में पैसेंजर ट्रेन भी शामिल हैं। इनमें से करीब दस जोड़ी ट्रेनों को चलाने की घोषणा रेलवे की ओर से की गई है। इनमें सहारनपुर-लखनऊ, शाहजहांपुर-सीतापुर, सीतापुर-बालामऊ, बालामऊ-लखनऊ, रोजा-बरेली, ऋषिकेश-बांदीकुई, बरेली-अलीगढ़, मुरादाबाद-दिल्ली पैसेंजर के चलने की संभावना है। इन ट्रेनों के संचालन से पहले लोको पायलटों को रूट दिखाया जाएगा, जिससे ट्रेनों के संचालन के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों का कहना है कि 10 माह से पैसेंजर ट्रेनों के बंद रहने से उनके लोको पायलट रूट पर पड़ने वाली क्रॉसिंग, सिग्नल आदि को थोड़ा-बहुत भूल गए होंगे, इसलिए उनको रास्ता दिखाया जाएगा। उसके बाद ही लोको पायलट ट्रेन चलाएंगे।
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तीन महीने से अधिक हो जाने पर लोको पायलटों को रूट का भ्रमण करवाया जाता है, जिससे वे रास्ते में पड़ने वाली सभी क्रॉसिंग, सिग्नल आदि को देख लें और संचालन के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पैसेंजर ट्रेन चलने की संभावना है, जिसको लेकर तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी तक कोई मैसेज प्राप्त नहीं हुआ है। वीरेंद्र झा, लोको निरीक्षक रोजा
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