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शाहजहांपुर-पीलीभीत के बीच अप्रैल के आखिर में दौड़ सकती हैं ट्रेनें
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शाहजहांपुर। शाहजहांपुर-पीलीभीत रूट पर बड़ी लाइन निर्माण (ब्राडगेज) का काम लगभग पूरा हो चुका है। शाहबाजनगर और शाहजहांपुर के बीच टर्न ऑफ लिंकिंग (प्वाइंट बनाने) का काम चल रहा है। इसके बाद नॉन इंटरलॉकिंग का काम होगा। इसके बाद ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें एक महीने का समय लग सकता है। यानी अप्रैल के आखिर में ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकता है।
इज्जतनगर रेल मंडल के शाहजहांपुर-पीलीभीत रूट पर आमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। शाहबाजपुर से पीलीभीत तक सीआरएस निरीक्षण भी हो चुका है। शाहबाजनगर और शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक को कनेक्ट करने का काम चल रहा है। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म बनकर तैयार हो चुका है। सिग्नल लगाए जाने, वेल्डिंग के अलावा टर्न ऑफ लिंकिंग आदि का काम चल जारी है। इसके बाद नॉन इंटर लॉकिंग का कार्य और सीआरएस निरीक्षण होगा। फिर ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
दरअसल ब्राडगेज लाइन पर साल 2020 में ट्रेनों का संचालन शुरू होने का दावा किया गया था। मगर पिछले साल कोरोना संक्रमण फैलने पर लॉकडाउन लगने से कई महीने तक काम रुका रहा।
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137 करोड़ की लागत से 80 किमी ब्राडगेज लाइन का हो रहा निर्माण
पीलीभीत-शाहजहांपुर के बीच 80 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को ब्राडगेज बनाने के लिए 137 करोड़ का बजट तय किया गया था। पीलीभीत से बीसलपुर होकर शाहजहांपुर के शहबाजनगर स्टेशन तक ब्राडगेज का कार्य पूरा हो चुका है। सीआरएस का निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल भी हो चुका है।
पीलीभीत से शाहबाजनगर के बीच ब्राडगेज का काम लगभग पूरा हो गया है। शाहबाजनगर से शाहजहांपुर तक अभी काम चल रहा है। इसके पूरे होते ही सीआरएस निरीक्षण होगा। हरी झंडी मिलते ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेल मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे
ट्रैक कनेक्ट के लिए पूर्वोत्तर रेलवे का पूरा सहयोग किया जा रहा है। ज्वाइंट सर्वे हुआ था, उसके बाद काम शुरू हो गया है। अप्रैल में नॉन इंटरलॉकिंग वर्क होना है, जो कि चार-पांच दिन में पूरा हो जाएगा। फिर लाइन चालू हो जाएगी। वर्तमान में ट्रेन के डायरेक्शन को बदलने के लिए टर्न ऑफ लिंकिंग का काम चल रहा है। पानी की बोरिंग होनी है। जबकि प्लेटफार्म तैयार हो चुका है। - रिषभ पंत, एडीईएन, मुरादाबाद मंडल, उत्तर रेलवे
लोगों की बात
नगर के मोहल्ला आवास विकास कॉलोनी निवासी सुमित वर्मा का कहना है कि छोटी लाइन को बड़ी में बदलने का काम काफी समय से चल रहा है। पता नहीं काम कब तक चलेगा, उन्हें तो अब तो ट्रेन चलने का बेसब्री से इंतजार है।जब से ट्रेन बंद हुई, तब से पीलीभीत, टनकपुर जाने में काफी दिक्कत आती है।
तारीन टिकली में रहने वाले कुनाल का कहना है कि ट्रेनों का आवागमन बंद होने के कारण पीलीभीत और टनकपुर जाने के लिए बस या फिर निजी वाहन से सफर करना पड़ता है, जोकि काफी महंगा बैठता है। ट्रेन से कम किराए में आसानी सफर पूरा होता था। जल्द ही इस रूट पर ट्रेनों का संचालन होना चाहिए।
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इज्जतनगर रेल मंडल के शाहजहांपुर-पीलीभीत रूट पर आमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। शाहबाजपुर से पीलीभीत तक सीआरएस निरीक्षण भी हो चुका है। शाहबाजनगर और शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक को कनेक्ट करने का काम चल रहा है। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म बनकर तैयार हो चुका है। सिग्नल लगाए जाने, वेल्डिंग के अलावा टर्न ऑफ लिंकिंग आदि का काम चल जारी है। इसके बाद नॉन इंटर लॉकिंग का कार्य और सीआरएस निरीक्षण होगा। फिर ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
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दरअसल ब्राडगेज लाइन पर साल 2020 में ट्रेनों का संचालन शुरू होने का दावा किया गया था। मगर पिछले साल कोरोना संक्रमण फैलने पर लॉकडाउन लगने से कई महीने तक काम रुका रहा।
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137 करोड़ की लागत से 80 किमी ब्राडगेज लाइन का हो रहा निर्माण
पीलीभीत-शाहजहांपुर के बीच 80 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को ब्राडगेज बनाने के लिए 137 करोड़ का बजट तय किया गया था। पीलीभीत से बीसलपुर होकर शाहजहांपुर के शहबाजनगर स्टेशन तक ब्राडगेज का कार्य पूरा हो चुका है। सीआरएस का निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल भी हो चुका है।
पीलीभीत से शाहबाजनगर के बीच ब्राडगेज का काम लगभग पूरा हो गया है। शाहबाजनगर से शाहजहांपुर तक अभी काम चल रहा है। इसके पूरे होते ही सीआरएस निरीक्षण होगा। हरी झंडी मिलते ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेल मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे
ट्रैक कनेक्ट के लिए पूर्वोत्तर रेलवे का पूरा सहयोग किया जा रहा है। ज्वाइंट सर्वे हुआ था, उसके बाद काम शुरू हो गया है। अप्रैल में नॉन इंटरलॉकिंग वर्क होना है, जो कि चार-पांच दिन में पूरा हो जाएगा। फिर लाइन चालू हो जाएगी। वर्तमान में ट्रेन के डायरेक्शन को बदलने के लिए टर्न ऑफ लिंकिंग का काम चल रहा है। पानी की बोरिंग होनी है। जबकि प्लेटफार्म तैयार हो चुका है। - रिषभ पंत, एडीईएन, मुरादाबाद मंडल, उत्तर रेलवे
लोगों की बात
नगर के मोहल्ला आवास विकास कॉलोनी निवासी सुमित वर्मा का कहना है कि छोटी लाइन को बड़ी में बदलने का काम काफी समय से चल रहा है। पता नहीं काम कब तक चलेगा, उन्हें तो अब तो ट्रेन चलने का बेसब्री से इंतजार है।जब से ट्रेन बंद हुई, तब से पीलीभीत, टनकपुर जाने में काफी दिक्कत आती है।
तारीन टिकली में रहने वाले कुनाल का कहना है कि ट्रेनों का आवागमन बंद होने के कारण पीलीभीत और टनकपुर जाने के लिए बस या फिर निजी वाहन से सफर करना पड़ता है, जोकि काफी महंगा बैठता है। ट्रेन से कम किराए में आसानी सफर पूरा होता था। जल्द ही इस रूट पर ट्रेनों का संचालन होना चाहिए।