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कामाख्या एक्सप्रेस से टकराए मवेशी, पटलने से बची
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रोजा। आनंद विहार से चलकर कामाख्या जा रही कामाख्या एक्सप्रेस से मवेशी टकरा गए। जिसकी वजह से ट्रेन पलटने से बच गई और एक बड़ा हादसा बच गया।
कामाख्या एक्सप्रेस बृहस्पतिवार सुबह 7:30 बजे बरेली से चलकर करीब आठ बजे कटरा के पास हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची, तभी सामने से मवेशियों का झुंड ट्रैक पर आ गया। चालक ने ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक जानवरों का झुंड ट्रेन से टकरा गया। जिससे मांस के लोथड़े इंजन के चक्के व ब्रेक ब्लॉक में फंस गए। चालक ने गाड़ी आगे खड़ी करके इंजन चेक किया। इंजन के चक्कों में फंसे मांस के लोथड़ों को निकालने बाद कंट्रोल को सूचना दी। कंट्रोल के आदेश पर पीछे से आने वाली ट्रेन को रोककर कामाख्या को रवाना किया गया। इसके बाद गैंगमैन व ट्रैकमैनों ने ट्रैक से मांस के लोथड़ों को हटाया। दस मिनट बाद तब जाकर डाउन लाइन पर रेल यातायात शुरू हो सका।
अभी दो दिन पहले महोली के पास गोरखपुर पैसेंजर से मवेशी टकरा गए थे, जिससे गोरखपुर पैसेंजर का पावर फेल हो गया था, रोजा से दूसरा इंजन भेजकर ट्रेन को रवाना गया था।
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कामाख्या एक्सप्रेस बृहस्पतिवार सुबह 7:30 बजे बरेली से चलकर करीब आठ बजे कटरा के पास हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची, तभी सामने से मवेशियों का झुंड ट्रैक पर आ गया। चालक ने ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक जानवरों का झुंड ट्रेन से टकरा गया। जिससे मांस के लोथड़े इंजन के चक्के व ब्रेक ब्लॉक में फंस गए। चालक ने गाड़ी आगे खड़ी करके इंजन चेक किया। इंजन के चक्कों में फंसे मांस के लोथड़ों को निकालने बाद कंट्रोल को सूचना दी। कंट्रोल के आदेश पर पीछे से आने वाली ट्रेन को रोककर कामाख्या को रवाना किया गया। इसके बाद गैंगमैन व ट्रैकमैनों ने ट्रैक से मांस के लोथड़ों को हटाया। दस मिनट बाद तब जाकर डाउन लाइन पर रेल यातायात शुरू हो सका।
अभी दो दिन पहले महोली के पास गोरखपुर पैसेंजर से मवेशी टकरा गए थे, जिससे गोरखपुर पैसेंजर का पावर फेल हो गया था, रोजा से दूसरा इंजन भेजकर ट्रेन को रवाना गया था।
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